हूती समूह ने सऊदी अरब को दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी, यमन के पांच प्रांतों में 52 हवाई हमलों का आरोप

सना, 16 सितंबर . यमन के हूती समूह ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों के दौरान सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने यमन के पांच प्रांतों में 52 हवाई हमले किए हैं. दोनों पक्षों के बीच सीमा पार संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है.

हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारिया ने Tuesday को social media प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर जारी एक बयान में कहा कि एफ-15 और टाइफून लड़ाकू विमानों ने ये हमले किए. उनके अनुसार, ये विमान सऊदी अरब के दक्षिण-पश्चिमी शहर खमीस मुशैत और पश्चिमी शहर ताइफ के एयरबेस से उड़ान भरकर आए थे.

सारिया ने कहा कि हमले यमन के दक्षिण-पश्चिमी ताइज प्रांत, उत्तरी अल-जौफ, मध्य अल-बैदा और उत्तरी सादा तथा अमरान प्रांतों में किए गए. उन्होंने आरोप लगाया कि इन हमलों में स्कूलों, पुलों, सड़कों और दूसरे नागरिक ढांचों को भी निशाना बनाया गया.

सारिया ने कहा कि इन हमलों का ‘जवाब दिया जाएगा’.

शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल, हूतियों के इन दावों पर सऊदी अधिकारियों की ओर से कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं आई है.

हूती समूह की ओर से संचालित अल-मसीरा टीवी ने Tuesday को बताया कि ताइज प्रांत के धुबाब और मकबनाह जिलों में हुए हवाई हमलों में तीन नागरिकों की मौत हो गई, जिनमें दो बच्चे भी शामिल थे. इसके अलावा दो अन्य लोग घायल हुए.

चैनल ने बताया कि Tuesday को ताइज प्रांत के दक्षिण-पूर्व में स्थित खदीर जिले के एक Governmentी परिसर पर भी हमले हुए. हालांकि, उसने सिर्फ इतना कहा कि इसमें लोग हताहत हुए हैं, लेकिन अधिक जानकारी नहीं दी.

ये हवाई हमले Monday को हूती समूह द्वारा खमीस मुशैत, अभा और ताइफ पर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद हुए. सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन का कहना है कि उन हमलों में 13 नागरिक घायल हुए थे. गठबंधन ने इसके जवाब में ‘जिम्मेदार और सख्त’ कार्रवाई करने की बात कही है.

सीमा पार संघर्ष में यह बढ़ोतरी उस समय हो रही है जब हूती समूह ने तीन सितंबर को एक नया सैन्य अभियान शुरू किया था, जिससे यमन के लाल सागर तट पर मोर्चों की स्थिति बदल गई है.

रिपोर्ट के अनुसार, हूती लड़ाकों ने 10 सितंबर को रणनीतिक महत्व वाले बंदरगाह शहर मोखा पर कब्जा कर लिया. इसके बाद वे बाब-अल-मंदेब क्षेत्र की ओर बढ़े और 11 सितंबर को इस महत्वपूर्ण समुद्री जलडमरूमध्य के बीच स्थित मयून द्वीप पर भी नियंत्रण कर लिया.

यमन का संघर्ष 2014 के अंत में शुरू हुआ था, जब हूती समूह ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था. इसके बाद मार्च 2015 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी Government के समर्थन में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने सैन्य हस्तक्षेप शुरू किया था.

एवाई/एएस

Leave a Comment