
Lucknow, 5 सितंबर . मौलाना यासूब अब्बास ने Saturday को पत्रकारों से बातचीत में विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए. उन्होंने कहा कि सहारनपुर में 18वीं सदी की मस्जिद थी, जिस पर डीएम के आदेश के बाद बुलडोजर की कार्रवाई कर दी गई. इस मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया. मैं कृत्य को दुर्भाग्यपूर्ण मानता हूं. इस पर स्टे भी चल रहा था. कल सराहनपुर के डीएम ने इस स्टे को खारिज भी किया था. इसके बाद मस्जिद पर बुलडोजर की कार्रवाई की गई.
मौलाना ने कहा कि कोई भी व्यक्ति मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च में मन की शांति के लिए जाता है. मस्जिद वहां लंबे समय से थी, लेकिन आज तक उससे किसी को कोई शिकायत नहीं थी. बाबरी विध्वंस के बाद यह तय हो गया था कि कोई भी मस्जिद नहीं गिराई जाएगी. यह प्रावधान वर्शिप एक्ट के तहत किया गया था. इसके बावजूद भी देशभर में मस्जिदों को गिराया जा रहा है, उन्हें ध्वस्त किया जा रहा है. यह पूरी तरह से गलत हो रहा है. हमारे मुल्क की खूबसूरती के लिए यह जरूरी हो जाता है कि यहां पर मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च सभी प्रकार के धार्मिक स्थल होने चाहिए. इसका अधिकार संविधान में दिया गया है.
उन्होंने कहा कि अब इस मामले को कोर्ट में ले जाया जाएगा. अगर जरूरी हुआ तो निश्चित तौर पर मस्जिद दोबारा वहीं बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. इस तरह के कृत्य को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि लंबे समय से एक विशेष धर्म के लोगों को टारगेट किया जा रहा है. इस संबंध में कई मामले प्रकाश में आ चुके हैं और इस तरह की हरकतों से Government परेशान होती हैं. काम कोई और करता है. लेकिन, नाम Government का आता है. Government को इस तरह से परेशान किया जाता है. Government इन मामलों पर ध्यान दे, चाहे वो प्रदेश की Government हो या केंद्र Government. सभी Governmentों की यह जिम्मेदारी बनती है कि वो धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करें.
इसके अलावा, उन्होंने अनिरुद्धाचार्य के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी. अनिरुद्धाचार्य ने बयान में कहा कि हिंदू कभी मुस्लिम विरोधी नहीं रहे. लेकिन, मुस्लिम हिंदू विरोधी रहे हैं. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मौलामा अब्बास ने कहा कि यह पूरी तरह से गलत बयान है. मैं इसे बिल्कुल भी सही नहीं मानता हूं. हिंदू और मुसलमान दोनों ही हिंदुस्तान की दो आंखें हैं. न ही हिंदू मुस्लिम का विरोधी है और न ही मुस्लिम हिंदू का विरोधी है. दोनों ही धर्मों के लोग भाई हैं और पिछले लंबे समय से एक साथ रह रहे हैं.
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एसएचके/एबीएम