
Lucknow, 20 सितंबर . यूपी के Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो कर नहीं पाए, वे हमेशा बोलेंगे. जिन्होंने अपनी अकर्मण्यता और अक्षमता से उत्तर प्रदेश को बीमारू बनाया, उनके निकम्मेपन और निठल्लेपन को यूपी और देश देख चुका है. ऐसे लोगों को आज यूपी Police या प्रदेश की व्यवस्था पर बोलने का कोई अधिकार नहीं होना चाहिए.
सीएम योगी ने कहा कि विपक्ष गिनता जाए, Government नियुक्तियां देती जाएगी. Saturday को 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए, Sunday को 912 को दिए जा रहे हैं और अब 22 सितंबर को फिर नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे. अगले छह महीने में एक लाख नौजवानों को Governmentी नौकरी देने के साथ प्रदेश में हर सप्ताह एक बड़ा भर्ती इवेंट होगा. Chief Minister योगी Sunday को लोक भवन में उत्तर प्रदेश Police भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की लिपिक संवर्ग सीधी भर्ती-2023 के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने Police उपनिरीक्षक गोपनीय, Police सहायक उपनिरीक्षक लिपिक और Police सहायक उपनिरीक्षक लेखा के पदों पर चयनित 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए. Chief Minister योगी ने सभी नवचयनित अभ्यर्थियों को यूपी Police का हिस्सा बनने पर बधाई दी.
सीएम योगी ने कहा कि जब किसी योग्य अभ्यर्थी का चयन शुचितापूर्ण और पारदर्शी परीक्षा के माध्यम से होता है तो यह केवल उसके परिवार के लिए उपलब्धि नहीं होती, बल्कि शासन के प्रति आम आदमी के विश्वास का भी प्रतीक बनता है. 2017 से पहले भर्ती प्रक्रिया की विसंगतियों के कारण नौजवानों में निराशा और हताशा थी. भाई-भतीजावाद ने पूरे सिस्टम को इस तरह जकड़ रखा था कि पारदर्शिता और शुचिता की कल्पना नहीं की जा सकती थी. उन्होंने कहा कि भर्ती का विज्ञापन आते ही युवाओं के मन में यह भाव आता था कि बिना सिफारिश और लेनदेन के चयन नहीं हो पाएगा. परीक्षा और चयन प्रक्रिया की शुचिता पर सवाल खड़े होते थे और पेपर लीक के मामले सामने आते थे.
Chief Minister योगी ने आरोप लगाया कि यूपी Police में ऐसी भर्तियां भी हुईं, जिनमें परीक्षा कोई देता था और नियुक्ति पत्र किसी दूसरे को मिलता था. जो अभ्यर्थी आवेदन तक नहीं करते थे, उन्हें नियुक्ति पत्र बांट दिए जाते थे और योग्य अभ्यर्थियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता था. 2017 में Government बनने के बाद भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सुधार किए गए. Police भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और शिक्षा से जुड़ी भर्ती प्रक्रियाओं में बदलाव किया गया. समूह ‘ग’ और ‘घ’ की भर्ती से साक्षात्कार समाप्त किया गया, ताकि योग्य अभ्यर्थी को किसी स्तर पर भेदभाव का सामना न करना पड़े.
उन्होंने कहा कि अब विज्ञापन से लेकर परीक्षा, नियुक्ति पत्र, प्रशिक्षण और जिलों में तैनाती तक किसी अभ्यर्थी को सिफारिश कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. किसी के साथ भेदभाव भी नहीं होगा. हर व्यक्ति को उसकी योग्यता, क्षमता और प्रदर्शन के आधार पर अवसर मिलेगा. Chief Minister योगी ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के लोगों को प्रदेश से बाहर अपनी पहचान छिपानी पड़ती थी. यूपी में अवसर नहीं थे. हर दूसरे दिन दंगे होते थे और महीनों कर्फ्यू रहता था. बरेली, अलीगढ़, मेरठ और मुजफ्फरनगर समेत अलग-अलग हिस्सों में दंगों की स्थिति रहती थी.
उन्होंने कहा कि उस समय माफिया सामान्य नागरिक और व्यापारी ही नहीं, बल्कि प्रशासन, Police और न्यायपालिका से जुड़े लोगों के लिए भी चुनौती बने हुए थे. माफिया का काफिला निकलता था तो दूसरे लोगों के वाहन रोक दिए जाते थे. आज कोई माफिया असलहा लहराते हुए खुली जीप में उपद्रव करने का दुस्साहस नहीं कर सकता. Chief Minister योगी ने कहा कि उपद्रवग्रस्त प्रदेश को उत्सवपूर्ण प्रदेश के रूप में बदला गया है. उत्तर प्रदेश की छवि कर्फ्यू मुक्त और माफिया मुक्त प्रदेश के रूप में बनी है. कुंभ और महाकुंभ से लेकर पर्व-त्योहार, वीवीआईपी दौरे और स्थानीय आयोजन सकुशल संपन्न हो रहे हैं. इस बदलाव में यूपी Police की बड़ी भूमिका है.
उन्होंने कहा कि आज कोई राह चलती बेटी को छेड़ने का दुस्साहस नहीं कर सकता. ऐसा करने वाले को मालूम है कि उसका अंजाम क्या होगा. यूपी के प्रति बदले नजरिए में यूपी Police का बड़ा योगदान है. आज देश में यूपी Police के मॉडल की चर्चा होती है और लोग पूछते हैं कि यूपी में दंगे और उपद्रव क्यों नहीं हो रहे हैं. Chief Minister योगी ने कहा कि 2017 में यूपी Police के आधे से ज्यादा पद खाली थे. प्रदेश में चार लाख Police बल की आवश्यकता थी, लेकिन दो लाख से भी कम Policeकर्मी थे. भर्तियां न्यायालयों में अटकी हुई थीं. Government ने भर्ती व्यवस्था में सुधार कर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया.
उन्होंने कहा कि पेपर लीक कराने या भर्ती से जुड़े अवैध धंधे में शामिल लोगों के खिलाफ ऐसा कानून बनाया गया, जिसमें आजीवन कारावास की सजा और पूरी संपत्ति जब्त करने तक का प्रावधान है. भर्ती की प्रक्रियाओं को दुरुस्त कर Police में खाली पदों को भरने का काम आगे बढ़ाया गया. पहले प्रदेश में छह हजार Policeकर्मियों को एक साथ प्रशिक्षण देने की भी क्षमता नहीं थी. आज यूपी Police 60 हजार Policeकर्मियों को एक साथ प्रशिक्षण देने की क्षमता अर्जित कर चुकी है. उन्होंने कहा कि इतने बड़े प्रदेश में पहले 10 हजार महिला Policeकर्मी भी नहीं थीं. अब यह संख्या 44 हजार से अधिक हो चुकी है. वर्तमान में चल रही भर्ती प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद इस वर्ष के अंत तक महिला Policeकर्मियों की संख्या 50 हजार तक पहुंच जाएगी.
सीएम योगी ने कहा कि Police बल की संख्या बढ़ाने के साथ उसकी स्किलिंग पर भी ध्यान दिया गया. उत्तर प्रदेश स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट की स्थापना की गई. इसके लिए एयरपोर्ट के पास Police की 110 एकड़ भूमि को कब्जे से मुक्त कराया गया. हर रेंज में फॉरेंसिक लैब उपलब्ध है. सात शहरों में Police कमिश्नरेट व्यवस्था लागू की गई. यूपी एसएसएफ और एसडीआरएफ का गठन किया गया. हर जिले में साइबर थाने और प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित की गई है. पीएसी की समाप्त की गई 34 कंपनियों को दोबारा गठित किया गया. तीन महिला पीएसी बटालियन बनाई गईं, जिन्हें बढ़ाकर छह किया जा रहा है.
सीएम योगी ने कहा कि स्मार्ट Policeिंग के लिए केवल प्रशिक्षण पर्याप्त नहीं है. Policeकर्मियों को उसी स्तर की सुविधाएं और संसाधन भी उपलब्ध कराने होंगे. Government ने Police लाइन, बैरक और आवासीय सुविधाओं का विस्तार किया है. प्रदेश के 56 जिलों में सबसे ऊंची इमारत Police बैरक या Police की आवासीय सुविधा की है. Policeकर्मियों को बेहतर सुविधाएं मिलने से उनकी कार्यक्षमता भी बढ़ी है. बदलती दुनिया और नई तकनीक के साथ Police को भी लगातार खुद को तैयार करना होगा. तकनीक को समस्या मानकर नजरअंदाज करने के बजाय समाधान के रूप में इस्तेमाल करना होगा.
Chief Minister योगी ने कहा कि शासन नवचयनित Policeकर्मियों से आम आदमी की समस्याओं के समाधान में उसी संवेदनशीलता की अपेक्षा करता है, जिस संवेदनशीलता के साथ Government ने भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है. ये नियुक्ति पत्र केवल 912 व्यक्तियों को नहीं मिल रहे, बल्कि 912 परिवारों और उनसे जुड़े समाज के लोगों के लिए भी प्रेरणा बनने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि इन युवाओं को देखकर उनके गांव और मोहल्ले के दूसरे नौजवानों में भी विश्वास पैदा होगा कि वे बिना सिफारिश और लेनदेन अपनी योग्यता से Governmentी सेवा का हिस्सा बन सकते हैं.
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विकेटी/एसके