हरियाणा के सीएम ने हिसार में किया राखीगढ़ी महोत्सव का उद्घाटन, कहा- यह उन्नत शिल्प और सभ्यता की जीवंत मिसाल

राखीगढ़ी, 19 अक्टूबर . Haryana के Chief Minister नायब सिंह सैनी ने Monday को हिसार जिले में सात दिवसीय ‘राखीगढ़ी महोत्सव-2026’ का उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने India की प्राचीन सभ्यता के प्रतीक के रूप में इस पुरातात्विक स्थल के महत्व पर प्रकाश डाला और ग्राम पंचायत के लिए 51 लाख रुपए की अनुदान राशि देने की घोषणा की.
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए नायब सिंह सैनी ने कहा कि राखीगढ़ी की मिट्टी में India के पूर्वजों की कड़ी मेहनत, उनकी कारीगरी और एक उन्नत सभ्यता की विरासत समाई हुई है. उन्होंने इस ऐतिहासिक स्थल को इस क्षेत्र की हजारों साल पुरानी पहचान, सांस्कृतिक जुड़ाव और गौरव का प्रतीक बताया.
इस वर्ष महोत्सव की थीम ‘माटी से महोत्सव तक’ है. इस कार्यक्रम में विरासत और पर्यटन मंत्री अरविंद कुमार शर्मा भी मौजूद थे.
Chief Minister ने ग्राम पंचायत को आश्वासन दिया कि एक ज्ञापन के माध्यम से रखी गई उनकी मांगों पर गौर किया जाएगा. उन्होंने पंचायत के लिए 51 लाख रुपए की वित्तीय सहायता देने की भी घोषणा की.
महोत्सव का उद्घाटन करने से पहले, सैनी ने राखीगढ़ी में निर्माणाधीन संग्रहालय का दौरा किया और वहां लगाए गए विभिन्न स्टॉलों, खेल गतिविधियों और अन्य आकर्षणों का निरीक्षण किया. उन्होंने पुरातत्व विभाग द्वारा किए गए एक प्रदर्शन का भी जायजा लिया, जिसमें खुदाई की प्रक्रिया को समझाया गया था और खुदाई के दौरान मिली प्राचीन वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया था.
Chief Minister नायब सिंह सैनी, अरविंद कुमार शर्मा और Haryana विरासत एवं पर्यटन विभाग के आयुक्त और सचिव अमित अग्रवाल ने वहां प्रदर्शित एक मुहर का भी अवलोकन किया.
वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए Chief Minister ने कहा कि यह महोत्सव लोगों को अपनी जड़ों से फिर से जुड़ने और आने वाली पीढ़ियों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का अवसर प्रदान करेगा.
उन्होंने कहा कि यही मिट्टी किसान के हाथों में भोजन बन जाती है, कुम्हार के हाथों में आकार लेती है और कलाकार की रचना के माध्यम से संस्कृति की अभिव्यक्ति बन जाती है.
उन्होंने कहा कि जहां कुरुक्षेत्र ने मानवता को कर्म और कर्तव्य का संदेश दिया, वहीं राखीगढ़ी ने हजारों साल पुरानी एक सुव्यवस्थित मानव सभ्यता की कहानी सामने रखी है.
इस स्थल पर मिले पुरातात्विक अवशेष, जिनमें मिट्टी के बर्तन, मनके, मुहरें और शिल्प से जुड़ी वस्तुएं शामिल हैं, प्राचीन समुदायों की रचनात्मकता, मानव जीवन के विकास, कृषि, कारीगरी और सामाजिक ढांचे के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देते हैं.
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एससीएच/वीसी


