हम सब भारतीय हैं, धर्म से नहीं वतन से पहचान होनी चाहिए: इंद्रेश कुमार

Mumbai , 9 अक्टूबर . राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेता इंद्रेश कुमार ने India में आपसी भाईचारे, धार्मिक सद्भाव और एकता का संदेश देते हुए कहा कि देश के सभी लोग भारतीय हैं और उन्हें अपनी धार्मिक पहचान के साथ राष्ट्रीय पहचान पर भी गर्व करना चाहिए. समाचार एजेंसी से बातचीत में उन्होंने कहा कि देश में रहने वाले लोगों को धर्म के आधार पर अलग-अलग देखने के बजाय भारतीयता के आधार पर एकजुट रहना चाहिए. इसके साथ ही, उन्होंने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग पर भी प्रतिक्रिया दी और मेमन कम्युनिटी के प्रस्ताव को महत्वपूर्ण कदम बताया.

इंद्रेश कुमार ने कहा कि खुदा, अल्लाह, ईश्वर, परमेश्वर और गॉड को मानने वाले सभी लोगों का मूल सत्य यही है कि वे इंसान हैं. उन्होंने कहा कि मनुष्य को शैतान बनने के बजाय इंसानियत से भरपूर होना चाहिए. दुनिया में लोगों की पहचान उनके देश से होती है और India में रहने वाले सभी लोग भारतीय, हिंदुस्तानी और इंडियन हैं.

आरएसएस नेता ने कहा कि India के लोग अपने पूर्वजों, वतन और परंपराओं के आधार पर एक हैं. उन्होंने दावा किया कि देश के 99 प्रतिशत से अधिक मुसलमान न तो विदेशी हैं और न ही पराए, बल्कि वे इसी देश के थे, हैं और रहेंगे. उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने-अपने तरीके से इबादत करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए. किसी को दूसरे की इबादत में दखल नहीं देना चाहिए, बल्कि एक-दूसरे के धार्मिक आयोजनों में सम्मानपूर्वक शामिल होना चाहिए. आपसी सहयोग और सद्भाव से दंगा-मुक्त India का निर्माण किया जा सकता है.

इंद्रेश कुमार ने गाय और इंसान के नाम पर होने वाली हिंसा के खिलाफ भी संदेश दिया. उन्होंने कहा, “नो काउ लिंचिंग, नो मैन लिंचिंग, लेट अस मेक India लिंचिंग फ्री भारत.” यानी गाय या इंसान, किसी के नाम पर भी हिंसा नहीं होनी चाहिए और India को हिंसा-मुक्त बनाया जाना चाहिए. इस दौरान उन्होंने नशा-मुक्त समाज बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि गरीबों, पीड़ितों, कमजोरों और असहाय लोगों की मदद करना समाज की जिम्मेदारी है. एकता का संदेश देते हुए आरएसएस नेता ने कहा कि सभी लोग मिल-जुलकर आगे बढ़ेंगे, तभी नए India और नई दुनिया का निर्माण संभव होगा.

गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की उठी मांग पर इंद्रेश कुमार ने मेमन कम्युनिटी के प्रस्ताव का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि समुदाय ने गाय के महत्व को समझते हुए जो प्रस्ताव पारित किया है, वह एक बड़ा कदम है. यह प्रस्ताव मुसलमानों सहित विभिन्न Political दलों, धर्मों, पंथों और धार्मिक परंपराओं से जुड़े लोगों के लिए एक संदेश है.

गाय के दूध के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि जब मां का दूध उपलब्ध नहीं होता, तो बच्चे को गाय का दूध दिया जाता है.

–

पीएसके

Leave a Comment