
New Delhi, 3 अक्टूबर . साउथ अफ्रीका के पूर्व कप्तान एबी डिविलियर्स ने कहा कि यूएई में अपने ‘वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स’ (डब्ल्यूसीएल) खिताब को बचाने के लिए मैदान के बाहर की दोस्ती और मैदान पर बिना किसी समझौते वाली प्रतिस्पर्धी भावना के बीच संतुलन बनाना जरूरी है. डिविलियर्स ने बताया कि उन्होंने अपनी टीम से कहा था कि मैदान पर कदम रखते ही दोस्ती को एक तरफ रख दें.
डिविलियर्स ‘साउथ अफ्रीका चैंपियंस’ की कप्तानी करेंगे. यह टूर्नामेंट 3 से 18 अक्टूबर तक शारजाह में खेला जाएगा और उनकी टीम Sunday को शारजाह में ही ‘वेस्टइंडीज चैंपियंस’ के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी. डिफेंडिंग चैंपियन इस टूर्नामेंट में 2025 में Pakistan चैंपियंस पर 9 विकेट की शानदार जीत के साथ खिताब जीतने के बाद उतर रहे हैं. फाइनल में डिविलियर्स ने 60 गेंदों पर नाबाद 120 रन बनाए थे.
डिविलियर्स ने ‘वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स’ के आधिकारिक ब्रॉडकास्टर ‘फैनकोड’ द्वारा आयोजित एक विशेष बातचीत में ‘ ’ से कहा, “हां, पिछले साल डब्ल्यूसीएल का हिस्सा बनने की मुख्य वजह पुरानी यादों को ताजा करना और पुराने साथियों के साथ फिर से ड्रेसिंग रूम साझा करना था. निश्चित रूप से पहले सीजन में यही सबसे खास बात थी, जिसमें मैंने हिस्सा लिया था. जाहिर है मैं सबसे पहला सीजन नहीं खेल पाया था. मैंने दूसरे सीजन में कप्तान के तौर पर खेला और पुराने साथियों के साथ-साथ पुराने प्रतिद्वंद्वियों के साथ भी बहुत अच्छी बातचीत हुई, जो सालों में दोस्त बन गए थे.”
साउथ अफ्रीका के पूर्व खिलाड़ी ने आगे कहा, “हम एक ही होटल में रुके थे और मैचों से पहले और बाद में खूब मजाक-मस्ती होती थी और माहौल बहुत हल्का-फुल्का रहता था. हालांकि, फिर ‘साउथ अफ्रीका चैंपियंस’ का कप्तान होने के नाते थोड़ा दबाव भी था. जैसे ही मैं मैदान पर पहुंचा, मुझमें प्रतिस्पर्धी सोच जाग गई. मैंने टीम को एकजुट किया और उनसे कहा कि हम यहां जीतने आए हैं, न कि सबके साथ दोस्ती करने. ऐसा मैच के बाद हो सकता है और हमने इसी तरह अपनी क्रिकेट खेली. हमने जबरदस्त खेल दिखाया और मैदान पर अपना बेस्ट दिया, और इसका नतीजा बहुत अच्छा रहा.”
डिविलियर्स ने कहा कि ट्रॉफी जीतना एक ऐसी यादगार बात थी जिसकी मुझे उम्मीद नहीं थी. यह मेरे क्रिकेट करियर की सबसे यादगार चीजों में से एक है. भले ही मैं अब रिटायर हो चुका हूं. इस टूर्नामेंट में हमने अहम मौकों पर बहुत अच्छा खेल दिखाया और देश का प्रतिनिधित्व करते हुए हमारा नजरिया बहुत सकारात्मक और अच्छा था. हालांकि, फिर भी मुझे होटल की वे शामें याद हैं जब हम पुराने साथियों और विरोधी टीमों के दोस्तों से मिलते थे. हम सभी बहुत खुश थे और खेल को इसी तरह खेला जाना चाहिए.”
पूर्व कप्तान फाफ डु प्लेसिस डब्ल्यूसीएल में अपने डेब्यू के लिए टीम में शामिल हो गए हैं और डिविलियर्स के साथ फिर से जुड़ेंगे. उनके साथ प्रोटियाज के पूर्व खिलाड़ी जेपी डुमिनी, वेन पार्नेल, इमरान ताहिर, रिचर्ड लेवी और कॉलिन इनग्राम भी होंगे, जबकि तेज गेंदबाजी के दिग्गज एलन डोनाल्ड हेड कोच की भूमिका निभाएंगे.
खिताब बचाने की अपनी तैयारी और फिटनेस के बारे में बात करते हुए डिविलियर्स ने कहा, “पिछले साल डब्ल्यूसीएल का हिस्सा बनना बहुत अच्छा रहा. जाहिर है कि टूर्नामेंट जीतना और भी मजेदार था और यह हमारे लिए सोने पे सुहागा जैसा था. मैंने जिस तरह से बल्लेबाजी की, उससे मुझे खुद भी हैरानी हुई. तो, मसल मेमोरी अभी भी है, लेकिन शारीरिक रूप से यह इतना आसान नहीं था. मैंने टूर्नामेंट से लगभग दो महीने पहले तैयारी शुरू कर दी थी, और मांसपेशियों को फिर से एक्शन के लिए तैयार करने के लिए खास तौर पर गेंदें हिट कर रहा था. इसके अलावा, फिटनेस के मामले में मैं एक एक्टिव इंसान हूं. मुझे फिट रहना पसंद है. मैं फिटनेस के लिए बहुत काम करता हूं और हफ्ते में कम से कम चार या पांच बार जिम जाता हूं.”
डिविलियर्स ने कहा, “मेरी फिटनेस हमेशा से अच्छी रही है और अभी भी मैं अच्छी स्थिति में हूं. मगर लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहने के बाद फिर से गेंद को अच्छी तरह हिट करना आसान नहीं होता. फील्डिंग भी ऐसी चीज है, जिसमें लगातार अभ्यास जरूरी होता है. मैं पिछले कुछ समय से लगातार मेहनत कर रहा हूं और अब दोबारा खेलने के लिए तैयार हूं.”
डिविलियर्स ने आगे कहा, “रिटायरमेंट के बाद क्रिकेट पहले जैसा गंभीर नहीं रह जाता, लेकिन जब आप अपने देश का प्रतिनिधित्व करते हैं तो जीतने की पूरी कोशिश करते हैं. उम्मीद है कि हम यूएई में होने वाले डब्ल्यूसीएल 2026 में अपना खिताब बचाने में सफल होंगे.”
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एसएम/एएस