स्नैबिट का वित्त वर्ष 2026 में घाटा करीब 29 गुना बढ़कर 168 करोड़ रुपए हुआ

Mumbai , 16 अक्टूबर . इंस्टेंट हाउसहेल्प उपलब्ध कराने वाली कंपनी स्नैबिट का वित्त वर्ष 2026 में घाटा तेजी से बढ़ा है. इसकी वजह सेवा नेटवर्क का विस्तार और नए ग्राहकों को जोड़ने के लिए होने वाले खर्च में इजाफा होना है. हालांकि, कंपनी के राजस्व में भी मजबूत वृद्धि दर्ज की गई.
रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) से प्राप्त वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, स्टार्टअप को वित्त वर्ष 2026 में 167.8 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा हुआ, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह घाटा 5.7 करोड़ रुपए था.
हालांकि, इस दौरान कंपनी का परिचालन राजस्व 46 गुना बढ़कर 12.2 करोड़ रुपए हो गया.
आयुष अग्रवाल द्वारा 2024 में स्थापित स्नैबिट सफाई, बर्तन धोने और कपड़े धोने जैसी घरेलू सेवाएं मांग के आधार पर उपलब्ध कराती है. कंपनी प्रशिक्षित पेशेवरों के नेटवर्क के जरिए 10 मिनट के भीतर सेवा उपलब्ध कराने का दावा करती है.
कंपनी को मुख्य प्लेटफॉर्म सेवाओं से 10.82 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ, जो उसके कुल परिचालन राजस्व का लगभग 88 प्रतिशत है. शेष आय यूनिफॉर्म की बिक्री से आई.
स्नैबिट को अन्य स्रोतों से भी 14.76 करोड़ रुपए की आय हुई. इसमें मुख्य रूप से बैंक जमा पर मिलने वाला ब्याज शामिल था.
स्टार्टअप की आक्रामक विस्तार रणनीति का असर उसके खर्चों में दिखाई दिया. वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का कुल खर्च बढ़कर 194.8 करोड़ रुपए हो गया, जबकि एक साल पहले यह 6.8 करोड़ रुपए था.
विशेषज्ञ सेवाओं पर कंपनी ने 63 करोड़ रुपए खर्च किए, जबकि कर्मचारियों से जुड़े खर्च 46 करोड़ रुपए रहे.
इसके अलावा, कंपनी ने मार्केटिंग पर 48.7 करोड़ रुपए और सेवाएं पूरी करने के लिए 23.8 करोड़ रुपए खर्च किए. भर्ती, कमीशन, कानूनी सेवाओं, सॉफ्टवेयर के रखरखाव और प्रशासन से संबंधित अन्य खर्च भी इसमें शामिल रहे.
नए ग्राहक जोड़ने, सेवा प्रदाताओं को अपने नेटवर्क में शामिल करने और बाजार का विस्तार करने पर भारी निवेश के कारण कंपनी का घाटा उसके परिचालन राजस्व से करीब 14 गुना अधिक रहा.
वित्त वर्ष के दौरान कंपनी ने परिचालन राजस्व का प्रत्येक एक रुपया कमाने के लिए लगभग 15.92 रुपए खर्च किए.
तेजी से कारोबार बढ़ाने के दबाव का असर स्नैबिट के वित्तीय संकेतकों पर भी दिखाई दिया. कंपनी ने नियोजित पूंजी पर 58.45 प्रतिशत का नकारात्मक रिटर्न (आरओसीई) और माइनस 1,481.63 प्रतिशत का ईबीआईटीडीए मार्जिन दर्ज किया.
इस स्टार्टअप ने निवेशकों से अब तक 112 मिलियन डॉलर से अधिक की पूंजी जुटाई है. इसमें 56 मिलियन डॉलर का सीरीज डी फंडिंग राउंड भी शामिल है, जिसमें सुशेहन्ना वीसी, मिराए एसेट वेंचर इन्वेस्टमेंट्स और बर्टेल्समैन इंडिया इन्वेस्टमेंट्स ने निवेश किया था.
घाटे के बावजूद स्नैबिट ने कहा कि उसकी सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है. कंपनी के मुताबिक, उसने एक दिन में 1.15 लाख से अधिक सेवाएं पूरी करने का आंकड़ा पार किया और वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में घरेलू सहायकों से जुड़ी 40 लाख सेवाएं पूरी कीं.
कंपनी ने यह भी बताया कि प्रति सेवा उसका खर्च किया गया अतिरिक्त पैसा पिछली तिमाही की तुलना में 100 रुपए से अधिक घटकर 250 रुपए से नीचे आ गया.
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एबीएस


