
New Delhi, 10 अक्टूबर . सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने पर चिंता जताई है. उन्होंने आरोप लगाया कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति पैदा हो गई है. वांगचुक ने कहा कि यदि हिरासत में लिए गए लोगों को Sunday तक रिहा नहीं किया गया, तो वह अनशन या पदयात्रा शुरू करने पर विचार करने के लिए मजबूर होंगे.
वांगचुक ने Saturday को social media प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर प्रदर्शनकारियों के समर्थन में एकजुटता और शांति की अपील की. उन्होंने कहा कि जब उन्होंने Friday को एक संदेश पोस्ट किया था, तब उन्हें अंदाजा नहीं था कि प्रदर्शन के दौरान इतनी बड़ी संख्या में नेताओं को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, “India अघोषित आपातकाल की स्थिति में है. कल जब मैंने आज के प्रदर्शन में एकता और शांति की अपील करते हुए संदेश पोस्ट किया था, तब मैंने कभी कल्पना नहीं की थी कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र अघोषित आपातकाल की स्थिति में होगा.”
वांगचुक ने कहा कि उन्हें खुशी थी कि आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए कई नेता मौजूद हैं, लेकिन अब उन्हें जानकारी मिली है कि उन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है. उन्होंने उम्मीद जताई कि हिरासत में लिए गए नेताओं को जल्द रिहा किया जाएगा.
उन्होंने आगे कहा कि यदि Sunday तक प्रदर्शनकारियों को रिहा नहीं किया गया, तो उन्हें अनशन या पदयात्रा शुरू करने पर विचार करना पड़ेगा.
इससे पहले, दिल्ली Police ने Saturday को प्रदर्शन के दौरान करीब 3,500 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी थी. वहीं, Police के एक बयान के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी के अलग-अलग इलाकों में प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जा रहे करीब 3,500 लोगों को हिरासत में लिया गया.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया था. प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का विरोध कर रहे थे.
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी. दिल्ली की सीमाओं पर भी सुरक्षा बढ़ाई गई. प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर तक पहुंचने से रोकने के लिए Police ने कई कदम उठाए.
इसी बीच, भारतीय रेलवे ने New Delhi आने वाली कई ट्रेनों को रद्द कर दिया और कुछ के समय में बदलाव किया. दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने भी सुरक्षा कारणों से 45 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए.
Police ने Friday को कहा था कि सीजेपी के प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी गई है. Police के अनुसार, आयोजकों ने पिछले प्रदर्शन के दौरान दिए गए आश्वासनों और कानूनी निर्देशों का पालन नहीं किया था.
Saturday को सीजेपी के नेताओं अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रंका को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हिरासत में ले लिया गया. तीनों नेता एसआईआर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जा रहे थे.
इसके अलावा, social media इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी को भी गुरुग्राम स्थित उनके आवास से हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई. सीजेपी के एक्स अकाउंट पर किए गए पोस्ट के मुताबिक, Saturday सुबह करीब आठ बजे सादे कपड़ों में लगभग 50 Policeकर्मी ध्रुव राठी के आवास पर पहुंचे और उन्हें एहतियातन हिरासत में ले लिया.
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डीएससी