सेना प्रमुख ने आर्टिलरी रेजिमेंट के साहस, सटीकता और समर्पण को सराहा

New Delhi, 28 सितंबर . गनर्स डे के अवसर पर भारतीय सेना ने आर्टिलरी रेजिमेंट के सभी जवानों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं हैं. आर्टिलरी रेजिमेंट के साहस, सटीकता और समर्पण को नमन किया. थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने इस अवसर पर आर्टिलरी रेजिमेंट के साहस, सटीकता और समर्पण को नमन किया.

इस अवसर पर भारतीय वायुसेना के सभी वायु योद्धाओं ने भी तोपखाना रेजिमेंट के 200वें स्थापना दिवस पर रेजिमेंट के सभी कर्मियों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी. वहीं, भारतीय सेना के सभी रैंकों ने भी आर्टिलरी रेजिमेंट को शुभकामनाएं दी हैं. इस अवसर पर सेना ने आर्टिलरी रेजिमेंट की उस भूमिका को याद किया, जिसमें सटीक निशाने, प्रचंड मारक क्षमता और अभियान को पूरा करने की अटूट प्रतिबद्धता के साथ गनर्स युद्धक्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

सेना के अनुसार, आर्टिलरी रेजिमेंट अपने समर्पण और पेशेवर क्षमता के साथ लगातार एक मजबूत युद्धक शक्ति के रूप में काम कर रही है. गनर्स डे हर वर्ष 28 सितंबर को मनाया जाता है. यह दिन भारतीय सेना की तोपखाना रेजिमेंट की स्थापना की परंपरा से जुड़ा है. 28 सितंबर 1827 को पहली भारतीय तोपखाना इकाई के रूप में 5 बॉम्बे माउंटेन बैटरी का गठन किया गया था. इसी ऐतिहासिक दिन की याद में गनर्स डे मनाया जाता है.

तोपखाना रेजिमेंट ने देश की सैन्य यात्रा के दौरान विभिन्न अभियानों और युद्धों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. समय के साथ इसकी क्षमताओं में भी बड़ा बदलाव आया है. पारंपरिक तोपों से आगे बढ़ते हुए रेजिमेंट आधुनिक तोप प्रणालियों, रॉकेट प्रणालियों, निगरानी और लक्ष्य पहचान से जुड़ी तकनीकों को अपनी क्षमता का हिस्सा बना रही है.

इस अवसर पर भारतीय सेना ने गनर्स के समर्पण को रेखांकित करते हुए कहा कि वे ‘सर्वत्र इज्जत-ओ-इकबाल’ के आदर्श के साथ सेवा करते हैं. इस आदर्श का अर्थ है, ‘हर जगह सम्मान और गौरव’. गनर्स डे केवल आर्टिलरी रेजिमेंट की स्थापना की याद का दिन नहीं है, बल्कि यह उन सैनिकों की सेवा, साहस और प्रतिबद्धता को सम्मान देने का अवसर भी है, जिन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में देश की रक्षा के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाई है.

भारतीय वायुसेना की ओर से दी गई शुभकामनाएं भी तीनों सेनाओं के बीच मजबूत सैन्य तालमेल और एक-दूसरे के प्रति सम्मान को दर्शाती हैं. 200वें स्थापना दिवस के अवसर पर गनर्स के योगदान को याद करते हुए सेना और वायुसेना ने रेजिमेंट के सभी वर्तमान कर्मियों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं.

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जीसीबी/एसके

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