एनडीए नेताओं ने कांग्रेस पर साधा निशाना, कहा-संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाना कांग्रेस की पुरानी आदत

Patna, 28 सितंबर . एसआईआर विवाद और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस और विपक्षी दलों के देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन पर बिहार में सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. नेताओं ने विपक्ष के आरोपों को निराधार और Political नौटंकी करार दिया.

भागलपुर में से बात करते हुए बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि कांग्रेस का यह प्रदर्शन देश की संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाने की पुरानी और घटिया राजनीति का हिस्सा है.

उन्होंने कहा,”कांग्रेस और विपक्ष यह भ्रम फैला रहे थे कि मतदाता सूची को लेकर चुनाव आयोग में मतभेद है और आयुक्तों में सहमति नहीं है. मुख्य चुनाव आयुक्त समेत तीनों चुनाव आयुक्तों ने संयुक्त प्रेस बयान जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि सारा निर्णय नियमानुसार और सर्वसम्मति से लिया गया है. इसके बाद पूरा विपक्ष बेनकाब हो गया है.” सरावगी ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर उंगली उठाना और उन पर दबाव बनाना कांग्रेस की पुरानी आदत रही है, लेकिन देश की जनता ने इसे पूरी तरह से नकार दिया है.

उन्होंने कहा, “कांग्रेस के समय में रहे चुनाव आयुक्तों का इतिहास पलट कर देख लीजिए. चुनाव आयोग से हटने के बाद कई आयुक्तों को कांग्रेस Government ने मंत्री बनाया और बड़े-बड़े पदों पर बैठाया. इसलिए कांग्रेस को इस विषय पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है.”

Patna में बिहार Government के मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी आज मुद्दाविहीन हो चुकी है. उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह से गलत हैं और उनके दोनों सहयोगी आयुक्तों ने भी स्थिति स्पष्ट कर दी है. उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग में कोई भी निर्णय अकेले नहीं लिया जाता है. सभी निर्णय आपसी सहमति और बैठक के बाद तय किए जाते हैं. इसलिए एसआईआर के मामले को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा जो विवाद पैदा करने की कोशिश की जा रही है, वह पूरी तरह से बेकार है. जनता के सामने सारी सच्चाई स्पष्ट है.” उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जैसा संवैधानिक पद और संस्था दोनों ही पवित्र हैं. यही हमारे लोकतंत्र की खूबसूरती है कि देश में वर्षों से विश्वास के आधार पर लोकतंत्र चल रहा है.

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए राम कृपाल यादव ने कहा, “जब लंबे समय तक आपकी सत्ता थी, तो क्या यह मान लिया जाए कि आपने चुनाव आयोग का इस्तेमाल किया और आयोग आपके निर्देश पर काम करता था और आपकी Government बनती रही? आपने तो कुछ चुनाव आयुक्तों को बाद में मलाईदार पद दिए, किसी को मंत्री बनाया तो किसी को सांसद. इससे साफ पता चलता है कि आपने ही इसका दुरुपयोग किया.”

उन्होंने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा, “आप दूसरे पर उंगली मत उठाइए. जब आप एक उंगली दूसरे की तरफ उठाते हैं तो बाकी उंगलियां आपकी तरफ भी उठती हैं. लोकतंत्र और संवैधानिक पदों को लेकर हम सभी को एक समान और सम्मानजनक नजरिया रखना चाहिए.” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष आज बेरोजगार हो गया है और बेरोजगारी में रोजगार ढूंढ रहा है, लेकिन यह रोजगार का अवसर नहीं है.

वहीं, जदयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने कांग्रेस के प्रदर्शन पर कहा, “जनता के सामने आज कई बड़ी समस्याएं हैं और उन समस्याओं का समाधान India Government, राज्य Government और एनडीए Government मजबूती से कर रही है. चाहे वह रोजगार का क्षेत्र हो, भुखमरी का, आवास का, बिजली का या बुनियादी ढांचे के विकास का क्षेत्र हो. Government हर मोर्चे पर काम कर रही है, लेकिन विपक्ष को इन कामों से कोई मतलब नहीं है. उनका काम सिर्फ वक्तव्य देना, प्रेस कॉन्फ्रेंस करना और दो घंटे का प्रदर्शन करना रह गया है. यह दो घंटे का आंदोलन करने के बाद वे कॉफी हाउस में जाकर कॉफी पीते हैं. जनता से उनका कोई वास्तविक सरोकार नहीं है.”

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पीआईएम/पीएम

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