
यवतमाल, 28 सितंबर . Maharashtra Government द्वारा राज्य के 75 प्रतिशत हिस्से में सूखा घोषित किए जाने के बावजूद, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने Monday को स्पष्ट किया कि किसानों को तत्काल आर्थिक सहायता नहीं मिलेगी.
बावनकुले ने कहा कि नुकसान के आकलन की पूरी रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि कोई भी प्रभावित किसान छूट न जाए या उसे गलत मुआवजा न मिले.
सूखा राहत के लिए हाल ही में बनी कैबिनेट सब-कमेटी के प्रमुख बावनकुले ने बताया कि जमीनी हकीकत की पूरी रिपोर्ट के बिना जल्दबाजी में दी गई आर्थिक मदद से आखिर में किसानों का ही नुकसान होगा.
उन्होंने कहा कि हमारा मकसद यह पक्का करना है कि कोई भी पात्र किसान छूट न जाए. कपास, सोयाबीन, हल्दी, गन्ना, बागवानी और संतरे के बाग जैसी अलग-अलग फसलों के नुकसान के पैमाने भी अलग-अलग होते हैं. जमीनी आकलन के बिना आज फंड जारी करने से गलत मुआवजा मिल सकता है. पूरी रिपोर्ट जरूरी है और इनके तैयार होने के बाद Chief Minister देवेंद्र फडणवीस आधिकारिक तौर पर आर्थिक पैकेज की घोषणा करेंगे.
प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए कैबिनेट सब कमेटी प्रभावित जिलों में बदलती स्थिति की समीक्षा करने के लिए हर Tuesday को बैठक करेगी. बावनकुले ने कहा कि नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फंड के नियमों के तहत फंड पाने के लिए जमीनी स्तर पर सटीक जांच बहुत जरूरी है.
एनसीपी प्रमुख शरद पवार समेत विपक्ष के नेताओं के तत्काल सूखा राहत की मांग वाले पत्रों का जवाब देते हुए बावनकुले ने कहा कि Government को ऐसे 2,000 से ज्यादा पत्र मिले हैं.
उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता पत्र लिखकर सिर्फ अपना फर्ज निभा रहे हैं, लेकिन हमारी Government सिर्फ उनकी वजह से काम नहीं कर रही है. Chief Minister ने स्थिति का आकलन करने के लिए खुद खेतों का दौरा किया है. सूखा प्रभावितों की सूची से छूटे तालुकों का भी पूरी जांच के बाद मूल्यांकन किया जाएगा. उन्होंने Political दलों से संकट का Politicalरण न करने और राहत कार्यों में योगदान देने की अपील की.
वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर बावनकुले ने विपक्ष पर नकारात्मकता फैलाने का आरोप लगाया.
उन्होंने पूछा कि ईवीएम पर बेबुनियाद शक जताने के बाद, अब वे एसआईआर प्रक्रिया को निशाना बना रहे हैं. सही वोटर लिस्ट सुनिश्चित करने में क्या गलत है. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल बूथ स्तर पर काम करने में नाकाम रहते हैं और इसके बजाय झूठी बातों पर भरोसा करते हैं. हाल के चुनावों में मतदाताओं ने गलत जानकारी को नकार दिया, जिसके परिणामस्वरूप सत्ताधारी गठबंधन को जनता का जबरदस्त समर्थन मिला.
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डीकेएम/वीसी