सीएम रेवंत रेड्डी के भगवान राम और शिव को लेकर दिए बयान की भाजपा ने की आलोचना, समाज को बांटने का लगाया आरोप

New Delhi, 29 सितंबर . तेलंगाना के Chief Minister रेवंत रेड्डी के एक बयान पर बड़ा Political विवाद खड़ा हो गया है. उन्होंने उत्तर और दक्षिण India की धार्मिक व Political पहचान के बीच अंतर बताते हुए एक टिप्पणी की थी.
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उनके इस बयान की कड़ी आलोचना की है. भाजपा ने आरोप लगाया है कि Chief Minister Political लाभ के लिए समाज को बांटने का प्रयास कर रहे हैं.

राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक मीडिया कार्यक्रम में बोलते हुए रेड्डी ने भाजपा के ‘जय श्री राम’ नारे पर सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि Prime Minister Narendra Modi और भाजपा के अन्य नेता इसी तरह ‘हर हर महादेव’ का उद्घोष क्यों नहीं करते?

रेड्डी ने कहा, “हम द्रविड़ हैं. यहां (उत्तर India में) लोग आर्य हैं. हम शिव के भक्त हैं, जबकि यहां के लोग भगवान राम के भक्त हैं. भाजपा ने राम को हथिया लिया. यह एक भावना है, एक जज्बात है. पीएम मोदी ‘हर हर महादेव’ क्यों नहीं कहते? क्या आपने कभी भाजपा के लोगों को मंच पर ‘हर हर महादेव’ कहते देखा है? वे सिर्फ ‘जय श्री राम’ कहते हैं. जब हम ‘हर हर महादेव’ का नारा लगाते हैं, तो उन्हें यह पसंद नहीं आता.”

तेलंगाना के Chief Minister ने भगवान शिव को “गरीबों के देवता” और भगवान राम को “अमीरों के देवता” बताया, साथ ही कहा कि दोनों देवताओं की लोग पूजा करते हैं. रेड्डी की ये बातें उस तर्क का समर्थन करते हुए आईं कि उत्तर और दक्षिण India की Political संस्कृति और सामाजिक पहचान में बड़े अंतर हैं.

हालांकि, उनकी इन बातों पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी. भाजपा ने तेलंगाना के Chief Minister पर आरोप लगाया कि उन्होंने कांग्रेस नेता और Lok Sabha में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के कहने पर ऐसे बयान दिए हैं.

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि रेड्डी की बातों का मकसद “हिंदुओं को बांटना” था और यह तथाकथित वोट-बैंक की राजनीति का हिस्सा था.

social media पर भंडारी ने कहा कि तेलंगाना के Chief Minister ने “वोट बैंक की राजनीति” के लिए और “राहुल गांधी के कहने पर” ये बातें कहीं, ताकि “हिंदुओं को बांटने का नया तरीका” खोजा जा सके.

भंडारी ने कांग्रेस पार्टी को “मॉडर्न मुस्लिम लीग कांग्रेस” भी कहा और दावा किया कि इसके नेता “भगवान राम और भगवान शिव के मानने वालों के बीच हिंदुओं को बांटने की अपनी बुरी चाल में कामयाब नहीं होंगे!”

भाजपा प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अतीत में कई धार्मिक और मंदिर से जुड़ी पहलों का विरोध किया है.

भंडारी ने कहा, “देश यह नहीं भूला है कि कांग्रेस ने सोमनाथ मंदिर के निर्माण और काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का विरोध किया था, और 2018 में ‘हर-हर महादेव’ का नारा लगाने पर पार्टी के 3 कार्यकर्ताओं को सस्पेंड कर दिया था.”

उन्होंने रेड्डी के इस सुझाव को भी खारिज कर दिया कि भाजपा नेता ‘हर-हर महादेव’ का नारा नहीं लगाते.

उन्होंने आगे कहा, “पीएम मोदी ही एकमात्र ऐसे Prime Minister हैं जो ‘जय श्री राम’ और ‘हर-हर महादेव’ का नारा लगाते हैं. वोट बैंक की राजनीति करने वालों को यह भी नहीं पता कि रामायण के ‘लंकाकांड’ में लंका जाने से पहले भगवान राम ने महादेव की पूजा की थी.”

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ओपी/एएस

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