
New Delhi, 29 सितंबर . भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व सदस्य मेघा गौर ने Rajasthan क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) के चुनावों के खिलाफ Supreme Court में याचिका दाखिल कर चुनाव पर रोक लगाने की मांग की है. Supreme Court ने इस मामले में याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट जाने का आदेश दिया है. उच्चतम न्यायालय ने कहा कि चुनाव का परिणाम घोषित नहीं होगा. उसे सीलबंद लिफाफे में रखा जाएगा.
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने मेघा गौर की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया.
मेघा गौर द्वारा दाखिल याचिका में आरोप लगाया गया है कि Rajasthan क्रिकेट एसोसिएशन में एक भी महिला वोटर या उम्मीदवार नहीं है. स्पोर्ट्स कोड, अपने एसोसिएशन के संविधान और कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करते हुए जल्दबाजी में चुनाव करवाने की कोशिश की जा रही है. साथ ही एसोसिएशन के तहत तीन नए जिले बनाने की भी कोशिश की जा रही है.
याचिका में कहा गया है कि यह वह समय है जब इंडिया की महिला क्रिकेट टीम ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन Rajasthan में महिला क्रिकेटरों को दबाने की कोशिश की जा रही है. Rajasthan की टीम ने आईपीएल जीता है, हमने देश के लिए खेला है. हम क्रिकेट प्रशासन में अपनी बात रखना चाहते हैं. एसोसिएशन की वोटर लिस्ट में कोई महिला नहीं है.
याचिकाकर्ता की तरफ से सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी ने कोर्ट को बताया कि चुनाव Tuesday को होना है.
जस्टिस बागची ने कहा कि आप यह मामला Rajasthan हाई कोर्ट के सामने क्यों नहीं रखते? क्या हम चल रहे चुनाव पर रोक लगा सकते हैं?
गुरुस्वामी ने कहा कि चुनाव पूरी तरह से गैरकानूनी है.
सीनियर एडवोकेट गुरुस्वामी ने कहा कि “हमारी दो मांगें हैं. पहला, चुनाव रोक दिए जाएं क्योंकि यह पूरी तरह से गैरकानूनी चुनाव होने वाला है, जिसमें महिलाओं को शामिल नहीं किया जाएगा. यह वह समय है जब India की वर्ल्ड कप टीम ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है. वह वर्ल्ड चैंपियन है. देश भर में युवा लड़कियां क्रिकेट खेल रही हैं. Rajasthan राज्य में, जहां क्रिकेट की शानदार परंपरा है और जिसकी आईपीएल टीम जीत रही है, उन्हें दबाना किसी भी ऐसी चीज के बिल्कुल खिलाफ है, जिसे हम संवैधानिक, न्यायसंगत या स्वीकार्य समझते हैं. दूसरा, हम इस देश में क्रिकेट और खेल का बेहतर प्रशासन देखना चाहते हैं. जो वोटर लिस्ट बनाई गई है, जिसे हम सौंपेंगे, उसमें कोई महिला नहीं है. अगर वोटर लिस्ट में कोई महिला नहीं है, तो वहां से कोई महिला उम्मीदवार नहीं हो सकती.”
Supreme Court ने निर्देश दिया कि चुनाव हो सकते हैं, लेकिन नतीजे घोषित नहीं किए जाएंगे और उन्हें एक सीलबंद लिफाफे में रखा जाएगा.
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पीएके