सीएम योगी की सौगात: आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को अब मिलेंगे 12 हजार, सहायिकाओं को छह हजार मानदेय

अयोध्या, 8 सितंबर . उत्तर प्रदेश की 2.91 लाख आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने Tuesday को बड़ी सौगात दी. आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय आठ हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये और सहायिकाओं का चार हजार से बढ़ाकर छह हजार रुपये प्रतिमाह किया जाएगा.

इसके साथ ही कार्यकत्रियों, सहायिकाओं तथा उनके परिवारों को हर वर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी. अब उन्हें दो के बजाय तीन साड़ियां मिलेंगी. सीएम ने स्मार्टफोन और रियल टाइम डेटा के इस्तेमाल से आंगनवाड़ी केंद्रों को स्मार्ट बनाने की भी घोषणा की.

Chief Minister योगी अयोध्या धाम में आईसीडीएस के तहत आयोजित आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे. अयोध्या में करीब 12 हजार आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाएं मौजूद रहीं, जबकि सभी 75 जिलों में आयोजित कार्यक्रमों से मंत्री, सांसद, विधायक और आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां व सहायिकाएं जुड़ीं. Wednesday से शुरू हो रहे पोषण माह से पहले Chief Minister योगी ने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं को मानदेय वृद्धि, कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा, अतिरिक्त साड़ी और स्मार्टफोन की चार प्रमुख सौगातें दीं.

अपने संबोधन से पहले सीएम ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों के स्टॉल्स का अवलोकन किया, महिलाओं को पुष्टाहार भेंट किया तथा कई बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया. Chief Minister ने कहा कि 2017 में Government बनने के समय आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को महज तीन हजार रुपये मानदेय मिलता था. Government ने इसे परफॉर्मेंस आधारित व्यवस्था से जोड़ते हुए आठ हजार रुपये किया. अब इसे बढ़ाकर 12 हजार रुपये किया जाएगा. सहायिकाओं का मानदेय भी 1,500 रुपये से बढ़ाकर पहले चार हजार और अब छह हजार रुपये किया जा रहा है.

आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं ने कोरोना जैसी सदी की सबसे बड़ी महामारी के दौरान एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. वे गांव-गांव स्क्रीनिंग से लेकर दस्तक अभियान और संक्रमित लोगों की सेवा तक अपनी जान जोखिम में डालकर जुटी रहीं. सीएम योगी ने कहा कि सभी आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के साथ उनके परिवार को हर वर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी. इसका लाभ इम्पैनल्ड अस्पतालों के साथ Governmentी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में लिया जा सकेगा.

हाल ही में प्रदेश के करीब 15 लाख शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को पांच लाख रुपये की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा दी गई है. लगातार मांग आ रही थी कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को भी इससे जोड़ा जाए. अब Government यह सुविधा उन्हें भी देने जा रही है. Chief Minister ने बताया कि प्रदेश की 2.91 लाख आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए साड़ी की धनराशि जारी कर दी गई है. अब तक उन्हें दो साड़ियां मिलती थीं. अब एक अतिरिक्त साड़ी के लिए 500 रुपये और दिए जाएंगे. इस पर प्रदेश Government करीब 20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार वहन करेगी.

पहले चरण में 1.28 लाख स्मार्टफोन भी उपलब्ध कराए गए हैं. इससे योजनाओं का डेटा रियल टाइम में दर्ज किया जा सकेगा और आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का काम भी आसान होगा. सीएम ने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका को बच्चों के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि Prime Minister Narendra Modi ने 2018 में इनकी भूमिका की तुलना माता यशोदा से की थी. मां के बाद छोटे बच्चों का पहला संवाद आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं से होता है. बचपन स्वस्थ होगा तो India स्वस्थ, समर्थ, आत्मनिर्भर और विकसित बनेगा. पिछले नौ वर्षों में प्रदेश के 70 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों को व्यवस्थित स्वरूप दिया गया है.

Government का लक्ष्य प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र को अपना भवन उपलब्ध कराना है. इसके लिए राज्य वित्त आयोग की धनराशि या अलग बजट से भवनों का निर्माण कराया जाएगा. पूर्ववर्ती Governmentों पर हमला करते हुए Chief Minister ने कहा कि 2017 से पहले आंगनवाड़ी केंद्र जर्जर थे. बच्चे बैठने के लिए टाट लेकर आते थे. पेयजल और जरूरी उपकरणों का अभाव था. केंद्र Government पैसा देती थी, लेकिन पोषाहार पर माफिया का शिकंजा था. प्रदेश में बच्चों का पोषाहार एक शराब माफिया संचालित करता था. Government और माफिया व्यवस्था को चौपट करते थे और बदनामी आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को झेलनी पड़ती थी.

अब पोषाहार को माफिया से मुक्त कर 204 स्थानों पर टेक होम राशन प्लांट महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से संचालित किए जा रहे हैं. अयोध्या के बदलाव को आंगनवाड़ी केंद्रों के कायाकल्प से जोड़ते हुए Chief Minister ने कहा कि दस वर्ष पहले यहां न पर्याप्त बिजली थी, न सड़कें और न सुविधाएं. आज अयोध्या में फोरलेन सड़कें, भव्य रेलवे स्टेशन और महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट है. रेलवे की सिंगल लाइन डबल हो चुकी है. राम की पैड़ी का कायाकल्प हुआ और अयोध्या देश की सोलर सिटी बनी है.

सपा और कांग्रेस, दोनों दलों ने राम मंदिर का विरोध किया. सपा ने अयोध्या में सड़कों के चौड़ीकरण, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट निर्माण तक का विरोध किया. ये विरासत के भी विरोधी हैं और विकास के भी, लेकिन इनके विरोध के बावजूद न राम मंदिर अभियान रुका और न अयोध्या का विकास. आज रामलला भव्य मंदिर में विराजमान हैं और देश-दुनिया के लोग अयोध्या के बदलाव को देख रहे हैं. समारोह में सैम और मैम श्रेणी से सामान्य पोषण स्थिति में आए बच्चों और उनके अभिभावकों, उत्कृष्ट कार्य करने वाले आंगनवाड़ी केंद्रों तथा एवरेस्ट बेस कैंप अभियान में शामिल बेटियों को सम्मानित किया गया.

विकेटी/डीएससी

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