सीएम माझी ने नवीन पटनायक को लिखा पत्र, अंतरराज्यीय सीमा विवाद को लेकर सुझाव देने का आग्रह

भुवनेश्वर, 27 अक्टूबर . Odisha के Chief Minister मोहन चरण माझी ने Tuesday को पूर्व Chief Minister एवं विपक्ष के नेता नवीन Patnaयक से कोरापुट जिले के कोटिया ग्रा समूह को लेकर लंबे समय से चले आ रहे अंतरराज्यीय सीमा विवाद को सुलझाने के लिए रचनात्मक सुझाव देने का आग्रह किया.
बीजद अध्यक्ष को Tuesday को लिखे पत्र में सीएम माझी ने विवाद के संबंध में नवीन Patnaयक के 19 अक्टूबर के पत्र की प्राप्ति स्वीकार की और कहा कि Odisha Government राज्य की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने और कोटिया और आसपास के क्षेत्रों के विकास को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है.
सीएम माझी ने लिखा, “कोटिया ग्राम समूह 1936 में Odisha के पृथक राज्य के गठन के बाद से ही Odisha का अभिन्न अंग रहा है.” उन्होंने कहा कि राज्य Government Odisha की क्षेत्रीय अखंडता और वैध हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
सीएम माझी ने कहा, “इस संदर्भ में, मुझे यह कहना पड़ रहा है कि आपके पत्र की सामग्री इस संवेदनशील मुद्दे को रचनात्मक और कानूनी रूप से मान्य समाधानों के बजाय Political दृष्टिकोण से देखती प्रतीत होती है.”
Chief Minister ने आगे कहा कि राज्य Government ने वैधानिक और संवैधानिक तरीकों से राज्य के क्षेत्रीय हितों की निरंतर रक्षा की है. राज्य Government ने कोटिया और आसपास के क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दी है ताकि इसका समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके, सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो सके और स्थानीय आबादी का कल्याण हो सके.
उन्होंने कहा कि कोटिया ग्राम पंचायत क्षेत्रों के एकीकृत विकास की देखरेख के लिए राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री की अध्यक्षता में वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति का गठन किया गया है. विकास संबंधी जरूरतों की समीक्षा करने और प्रयासों में समन्वय स्थापित करने के लिए मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी क्षेत्र का दौरा किया था.
उन्होंने कहा, “इस दीर्घकालिक अंतरराज्यीय मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी संबंधित पक्षों को संयम, जिम्मेदारी और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए कार्य करना चाहिए.”
उन्होंने दोहराया कि राज्य Government कोटिया और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के सामाजिक-आर्थिक विकास को सुनिश्चित करते हुए सभी उपयुक्त कानूनी और संवैधानिक मंचों के समक्ष Odisha की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करेगी.
सीएम माझी ने अपने पत्र के अंतिम पैराग्राफ में लिखा,”इस लंबे समय से लंबित मुद्दे के समाधान के लिए, यदि आपके पास कोई रचनात्मक सुझाव हो, तो मैं उन्हें राज्य Government के विचारार्थ प्रस्तुत करने की सराहना करूंगा.”
–
एएसएच/पीएम


