सीएमआरएल मामले में विजयन के बचाव में उतरी माकपा, फिर चर्चा में आया प्रकाश करात का पुराना बयान

तिरुवनंतपुरम, 9 अक्टूबर . केरल हाई कोर्ट द्वारा सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में पूर्व Chief Minister और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष पिनाराई विजयन के खिलाफ First Information Report दर्ज करने का निर्देश दिए जाने के बाद माकपा (सीपीआई-एम) के पूर्व महासचिव प्रकाश करात का लगभग दो दशक पुराना बयान फिर चर्चा में आ गया है.

फरवरी 2009 में जब एसएनसी-लावालिन मामले में पिनाराई विजयन का नाम सामने आया था, तब उनसे इस्तीफे की मांग को लेकर सवाल उठे थे. उस समय प्रकाश करात ने कहा था कि विजयन किसी Governmentी पद पर नहीं हैं, इसलिए उनके इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता. उस समय विजयन पार्टी के राज्य सचिव थे और उनके पास कोई Governmentी जिम्मेदारी नहीं थी.

करात ने तब कहा था कि पार्टी इस मामले में Political और कानूनी दोनों स्तरों पर लड़ाई लड़ेगी. अब वही तर्क एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन एक अहम अंतर के साथ.

पिनाराई विजयन अब केवल पार्टी पदाधिकारी नहीं हैं, बल्कि केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं. यह एक आधिकारिक पद है, जिसे कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त है.

इसी कारण अब यह सवाल उठ रहा है कि 2009 में जिस तर्क का इस्तेमाल किया गया था, क्या उसे एक ऐसे नेता पर भी लागू किया जा सकता है जो संवैधानिक मान्यता प्राप्त पद पर है. सीपीआई(एम) ने इस मामले में अपना पुराना रुख ही अपनाया है.

Friday को केरल हाई कोर्ट ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत First Information Report दर्ज करने का निर्देश दिया. इसके बाद पार्टी ने कहा कि वह इस मामले को कानूनी और Political दोनों स्तरों पर लड़ेगी.

पार्टी के महासचिव एम.ए. बेबी ने कहा कि यह मामला Political रूप से प्रेरित है. उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों पर विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया और कांग्रेस नीत Government द्वारा Enforcement Directorate (ईडी) की जांच रिपोर्ट को संभालने के तरीके पर भी सवाल उठाए.

एम.ए. बेबी की यह प्रतिक्रिया पार्टी के मौजूदा रुख को प्रकाश करात के 2009 के बयान से जोड़ती है.

2009 में पार्टी का तर्क था कि विजयन किसी Governmentी पद पर नहीं थे, इसलिए उन्हें इस्तीफा देने की जरूरत नहीं थी.

आज चर्चा इस बात पर है कि क्या यही तर्क एक ऐसे नेता प्रतिपक्ष पर भी लागू हो सकता है, जो कैबिनेट रैंक का आधिकारिक पद संभाल रहा हो.

कानूनी मामला कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) और एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस के बीच हुए वित्तीय लेनदेन से जुड़ा है. एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस, पिनराई विजयन की बेटी टी. वीना से जुड़ी कंपनी है.

हालांकि, इन आरोपों को अभी अदालत में साबित नहीं किया गया है.

हाई कोर्ट का First Information Report दर्ज करने का निर्देश केवल आपराधिक जांच की शुरुआत है, इसे दोष सिद्ध होने के रूप में नहीं देखा जा सकता.

फिलहाल सीपीआई(एम) के सामने चुनौती है कि वह अदालत में अपने नेताओं का बचाव करे और साथ ही अपने Political सिद्धांतों में निरंतरता को भी स्पष्ट करे.

ऐसे में प्रकाश करात का 2009 का बयान एक बार फिर प्रासंगिक हो गया है. हालांकि, पार्टी इस पुराने रुख पर दोबारा विचार करेगी या नहीं, इस पर अभी कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है.

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एएमटी/डीकेपी

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