सीईसी के खिलाफ इंडिया ब्लॉक के मार्च पर सियासी घमासान, भाजपा और शिवसेना ने साधा निशाना

New Delhi, 6 अक्टूबर . मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया ब्लॉक के सांसदों द्वारा संसद से चुनाव आयोग तक निकाले जा रहे विरोध मार्च को लेकर सत्ता पक्ष ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. भाजपा विधायक राम कदम, भाजपा विधायक अजय चंद्राकर और शिवसेना प्रवक्ता शायना एनसी ने विपक्ष के इस कदम को संवैधानिक संस्था पर दबाव बनाने का प्रयास और Political ड्रामा करार दिया है.

Mumbai में इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा विधायक राम कदम ने कहा कि चुनाव आयोग कोई Political दल नहीं है, जिसके खिलाफ आरोप-प्रत्यारोप किया जाए. उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन का यह मार्च एक संवैधानिक संस्था पर दबाव बनाने का दुस्साहस है.

राम कदम ने सवाल उठाते हुए कहा, “यदि आपके पास कोई प्रमाण है, कोई सबूत या उदाहरण है तो उसे सामने रखिए. बिना किसी प्रमाण के संविधान के तहत बनी एक संवैधानिक संस्था पर इस तरह दबाव बनाना कितना उचित है?” उन्होंने एसआईआर के मुद्दे पर विपक्ष को घेरा. राम कदम ने कहा कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची में दो-दो, पांच-पांच बार दर्ज हैं, जो मृत हैं या जो अपना निवास स्थान छोड़कर चले गए हैं, ऐसे बोगस वोटरों के नाम हटाने का काम चुनाव आयोग कर रहा है. उन्होंने पूछा कि ऐसे नाम विपक्ष को मतदाता सूची में क्यों चाहिए?

राम कदम ने कहा, “मतदाता सूची की शुद्धता बनाए रखना ही चुनाव आयोग का काम है. विपक्ष की अपनी हार का ठीकरा बिना चिंतन-मनन किए संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ने की कोशिश पूरी तरह से संस्थाओं पर दबाव बनाने का प्रयास है.” उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर विपक्ष के भीतर भी सहमति नहीं है. कई दल इस मोर्चे से अलग रहने का फैसला कर चुके हैं, जिससे साफ है कि इस विषय पर विपक्ष में एकजुटता नहीं है.

वहीं, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने भी इंडिया गठबंधन पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन सिर्फ कागजों पर मौजूद है. कभी कोई दल आता है तो कभी कोई नहीं आता. चंद्राकर ने कहा, “किसी को नहीं पता कि इसमें कौन शामिल है और कौन नहीं. किसी को यह भी नहीं पता कि इसका संयोजक कौन है और नेता कौन है. क्या राहुल गांधी यह कह सकते हैं कि मैं इंडिया गठबंधन का नेता हूं? इसलिए ऐसी चीज के बारे में बात ही नहीं करनी चाहिए, जिसकी कोई स्पष्ट पहचान ही न हो.”

इस बीच, शिवसेना प्रवक्ता शायना एनसी ने भी Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य सांसदों के मार्च पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सांसदों को खुद से पूछना चाहिए कि वे लोकतंत्र और अपने वोटरों की वजह से जीते हैं या नकली ईवीएम की वजह से.

शायना एनसी ने कहा, “जब वे सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करते हैं तो उन्हें लोगों के बीच अफवाहें नहीं फैलानी चाहिए. बयान देने से पहले उन्हें अच्छी तरह सोचना चाहिए क्योंकि वे चुने हुए जनप्रतिनिधि हैं. ड्रामे वाली राजनीति के बजाय उन्हें यह देखना चाहिए कि जब Supreme Court में उनके मामले की सुनवाई चल रही है, तब वे सड़कों पर भी विरोध कर रहे हैं. यहां उनका दोगलापन साफ दिखाई दे रहा है.”

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पीआईएम/पीएम

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