
चेन्नई, 10 सितंबर . तमिलनाडु विधानसभा के हालिया सत्र में Chief Minister जोसेफ विजय की टिप्पणियों और Governmentिया कमीशन को लेकर लगाए गए आरोपों पर डीएमके अध्यक्ष और पूर्व Chief Minister एमके स्टालिन ने वीडियो संदेश जारी कर जवाब दिया है.
स्टालिन ने कहा, “मुझे एहसास है कि हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा सत्र में हुई कुछ घटनाओं ने तमिल लोगों और हमारे पार्टी कार्यकर्ताओं में गुस्सा पैदा किया है. चूंकि मेरे जेल जाने का इतिहास इस विवाद का एक बड़ा हिस्सा बन गया है, इसलिए मैं इसे स्पष्ट करना चाहता हूं.सीएम विजय ने जो कहा वह सच है. इसमें कोई झूठ नहीं है. इमरजेंसी के दौरान 30 जनवरी 1976 को मीसा कानून के खिलाफ मरीना बीच पर हुए बड़े प्रदर्शन के बाद तत्कालीन डीएमके Government को बर्खास्त कर दिया गया था.”
उन्होंने बताया, “Government बर्खास्त होने के तुरंत बाद Police मुझे गिरफ्तार करने मेरे गोपालापुरम स्थित घर आई. उस समय मैं घर पर नहीं था. कलैग्नर ने Police से कहा कि उनका बेटा प्रचार के लिए बाहर गया है और अगले दिन लौटेगा, तब आकर गिरफ्तार कर लेना. जब मैं अगले दिन लौटा तो कलैगनार ने खुद Police से मुझे गिरफ्तार करने को कहा.”
कलैग्नर तमिलनाडु की राजनीति, साहित्य और सिनेमा के इतिहास में एक बेहद सम्मानित और महत्वपूर्ण नाम है. तमिल भाषा में ‘कलैग्नर’ का अर्थ “कला का विद्वान” या “कलाकार” होता है. यह उपाधि तमिलनाडु के पूर्व Chief Minister और दिवंगत डीएमके के नेता एम. करुणानिधि को उनके बहुमुखी योगदान के लिए दी गई थी.
एमके स्टालिन ने वीडियो संदेश में कहा कि उन्हें ऐसी जगह कैद किया गया था, जहां कुष्ठ रोगियों को रखा जाता था. लाठियों से पीटा जाता था और रात में सोने नहीं दिया जाता था. आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदियों से बेरहमी से पिटवाया जाता था.
उन्होंने कहा, “मेरे सहयोगी और सांसद चिट्टीबाबू की जेल में बुरी तरह पिटाई के बाद मौत हो गई थी. हमले में मेरी जबड़े की हड्डी टूट गई थी. आपने विधानसभा में अपने जबड़े की ओर इशारा करते हुए जो दिखाया, वह वाकई सच था.”
एमके स्टालिन ने कहा कि तमिलों के अधिकारों के लिए लड़ने वाले हर व्यक्ति ने ऐसे दमन का सामना किया है. यह डीएमके का इतिहास रहा है. अन्ना के दिनों से, जिन्हें आप अपना वैचारिक नेता बताते हैं. मुझे गर्व है कि मैं भी इस इतिहास का हिस्सा हूं. कोई कितनी भी कोशिश कर ले, इतिहास को बदला नहीं जा सकता. अगर कोई शक है तो विधानसभा में लाइब्रेरी है, वहां जाकर दस्तावेज और मेरे संघर्ष का इतिहास पढ़ लें.
Governmentिया आयोग पर एमके स्टालिन ने कहा कि आप वर्षों से उन लोगों के आरोपों को दोहरा रहे हैं जो कलैग्नर से द्वेष रखते थे. आयोग के गठन के बाद केंद्र और राज्य दोनों जगह कई बार Governmentें बदलीं. अगर इन आरोपों में कोई सच्चाई होती तो जरूर कार्रवाई होती.
स्टालिन ने कहा कि सभी जानते हैं कि Enforcement Directorate द्वारा दर्ज 95 प्रतिशत मामले Political बदले की भावना से शुरू किए गए हैं. आपके गठबंधन में शामिल कांग्रेस पार्टी के नेताओं को भी ईडी के कई मामलों का सामना करना पड़ा है. जब आप केंद्र Government को अपना वैचारिक विरोधी बताते हैं तो आपने इसे कैसे नहीं देखा.
एमके स्टालिन ने वीडियो संदेश में सीएम विजय से कहा कि तमिलनाडु विधानसभा की अपनी गरिमा है. यह वह जगह है, जहां कई महान नेताओं ने तमिलनाडु को आकार दिया. अब यह जिम्मेदारी आपके ऊपर भी है. चर्चा करें कि तमिलनाडु को कैसे आगे ले जाना है और राज्य के अधिकारों की रक्षा कैसे करनी है.
उन्होंने याद दिलाया कि Chief Minister बनने के बाद विजय उनके घर आए थे और हाथ पकड़कर स्वागत किया था. तब विजय ने चुनाव प्रचार के दौरान कड़ी आलोचना के लिए माफी मांगी थी. एमके स्टालिन ने कहा था कि वे इसे दिल पर नहीं लेते और Chief Minister के तौर पर सभी के बारे में गरिमा के साथ बात करनी चाहिए. ऐसा लगता है आप वह सब भूल गए हैं.
स्टालिन ने आरोप लगाया कि विजय हमारे बनाए पुलों पर खड़े होकर फोटो शूट करा रहे हैं. विधानसभा को रील बनाने की जगह बना दिया है और प्रशासन को सिनेमा शूट की तरह चला रहे हैं. अक्षम प्रशासन को छिपाने के लिए अलग-अलग तरह की रील डालकर पूरी पीढ़ी को गुमराह कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि उनकी Government में कानून-व्यवस्था गर्त में चली गई है, रोज चोरी और महिलाओं के खिलाफ अपराध हो रहे हैं. परंदूर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट रद्द कर तमिलनाडु के विकास को 15 साल पीछे धकेल दिया है. किसानों की कर्ज माफी का वादा भी ठीक से लागू नहीं किया. छह एलपीजी सिलेंडर का वादा कर अब तीन सिलेंडर पर ला दिया और महिलाओं को 2,500 रुपए के वादे के बजाय डीएमके द्वारा शुरू किए गए 1,000 रुपए ही दे रहे हैं.
अंत में स्टालिन ने कैडर से कहा कि डीएमके ने कभी सत्ता खोने को हार नहीं माना. चाहे सत्ता में हों या नहीं, तमिलनाडु के विकास और अधिकारों के लिए लड़ते रहना है.
हाल ही के दिनों में तमिलनाडु विधानसभा में सितंबर के शुरुआती सप्ताह में Chief Minister सी. जोसेफ विजय द्वारा पिछली डीएमके Government पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाने और Governmentिया आयोग तथा अन्य पुराने मामलों का जिक्र करने पर भारी हंगामा हुआ है.
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वीकेयू/वीसी