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Monday, 2 November 2026
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सपा ने भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान पर उठाए सवाल, कहा- 10 साल का हिसाब दे सरकार

सपा ने भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान पर उठाए सवाल, कहा 10 साल का हिसाब दे सरकार

सपा ने भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान पर उठाए सवाल, कहा- 10 साल का हिसाब दे Government

Lucknow, 2 नवंबर . Samajwadi Party के प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने Chief Minister योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और स्वामी प्रसाद मौर्य के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने भाजपा पर Government की नाकामियों से ध्यान भटकाने, चुनावी वादे पूरे नहीं करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने के आरोप लगाए. साथ ही, इंडिया गठबंधन की रैली में भीड़ को एआई से तैयार बताए जाने पर भी उन्होंने भाजपा को जवाब दिया. राम मंदिर में कथित चोरी, मतदाता सूची में गड़बड़ी और प्रस्तावित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान पर भी सवाल उठाए.

Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में दीपोत्सव की तैयारियों का जायजा लेने के दौरान सपा Government के कार्यकाल पर निशाना साधा था. इस पर उदयवीर सिंह ने कहा कि Chief Minister अभी जेनजी को समझ नहीं पा रहे हैं. आज के युवा इतिहास और भूगोल पढ़ते हैं और एक क्लिक में दुनिया की जानकारी हासिल कर लेते हैं. सीएम योगी आदित्यनाथ ऐसे बयान देकर राम मंदिर में चंदे की कथित चोरी और अपनी Government में भ्रष्टाचार के सवालों से बचना चाहते हैं. उन्होंने एक्सप्रेसवे की टूटी सड़कों का जिक्र करते हुए कहा कि Government को अपनी व्यवस्थाओं और भ्रष्टाचार के आरोपों पर जवाब देना चाहिए. Chief Minister को अपनी Government के दौरान हो रहे अपराध और भ्रष्टाचार पर ध्यान देना चाहिए.

इंडिया गठबंधन की रैली में दिखाई गई भीड़ को भाजपा की ओर से एआई जनरेटेड बताए जाने पर सपा प्रवक्ता ने कहा कि मीडिया चैनलों के प्रतिनिधि भी रैली में मौजूद रहे होंगे और उन्होंने कार्यक्रम को कवर किया होगा. यदि भीड़ के दृश्य एआई से तैयार किए गए हैं तो इसकी जांच और पुष्टि की जा सकती है. भाजपा के आरोपों को निराधार बताते हुए उन्होंने तंज कसा कि जब कहने के लिए कुछ नहीं बचता तो इस तरह की बातें की जाती हैं.

स्वामी प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव को लेकर कहा था कि जब वह आजम खान के नहीं हुए तो उनके क्या होंगे. इस पर उदयवीर सिंह ने कहा कि इस तरह के कई स्तरहीन बयान दिए जा रहे हैं. Samajwadi Party के वरिष्ठ नेता एक परिवार की तरह हैं और एक-दूसरे को अच्छी तरह समझते हैं. पार्टी के नेताओं के आपसी संबंधों के बारे में किसी तीसरे व्यक्ति के ज्ञान की जरूरत नहीं है.

कांग्रेस प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम से मुलाकात और संभावित गठबंधन पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता किससे मिलते हैं, यह उनका अपना मामला है. इंडिया गठबंधन के स्तर पर राहुल गांधी और अखिलेश यादव के बीच जब बातचीत होगी, तब किसी मुद्दे पर निर्णय सामने आएगा.

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने सपा की लाल टोपी को महिलाओं के लिए खतरे की घंटी बताया था. उन्होंने महिलाओं को 40 हजार रुपए देने के सपा के चुनावी वादे को भी लॉलीपॉप करार दिया था. इस पर उदयवीर सिंह ने भाजपा पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि भाजपा को पहले अपने 10 साल के शासन का हिसाब देना चाहिए. उन्होंने दो करोड़ रोजगार और 15 लाख रुपए जैसे वादों का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि Government ने इन वादों को कितना पूरा किया. भाजपा हर चुनाव में नए वादे करती है, लेकिन जनता को शोषण, अत्याचार और भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ रहा है. विपक्ष की आलोचना करके भाजपा अपनी जिम्मेदारियों से बच नहीं सकती.

मौलाना जरजिस के उत्तर प्रदेश को फिलिस्तीन बनने से बचाने संबंधी बयान पर उदयवीर सिंह ने कहा कि उन्होंने अभी उनका बयान नहीं देखा है. किसी Political पार्टी को बिना बयान देखे और समझे किसी व्यक्ति पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए.

राम मंदिर में कथित चोरी के मामले और अदालत में हुई सुनवाई पर उदयवीर सिंह ने कहा कि चोरी करने वालों और उन्हें संरक्षण देने वालों को लेकर गंभीर सवाल हैं. जांच करने वाली व्यवस्था भी Government के अधीन है और अदालत Government की ओर से उपलब्ध कराए गए तथ्यों के आधार पर सुनवाई करती है. Government को अदालत के सामने सही तथ्य रखने और कार्रवाई कराने का साहस दिखाना चाहिए. जनता के मन में यह स्पष्ट है कि चोरी Government के कार्यकाल में हुई और इसमें शामिल लोगों को संरक्षण मिला.

विपक्ष की रैली के जवाब में भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान पर उदयवीर सिंह ने कहा कि भाजपा को यह आंदोलन Chief Minister आवास और अपने कार्यालय से शुरू करना चाहिए. लोकतंत्र और कानून-व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा भाजपा से है. मतदाता सूची निष्पक्ष तरीके से तैयार नहीं की जा रही और लोगों को वोट डालने से रोकने की कोशिश हो रही है. जो लोग आवाज उठाते हैं, उन्हें Governmentी मशीनरी के जरिए परेशान किया जाता है.

मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी पर उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के 10 वोट बने हैं तो यह जांच होनी चाहिए कि फॉर्म किसने जमा किए और संबंधित बीएलओ या अधिकारी ने क्या लापरवाही की. कार्रवाई Government और चुनाव आयोग को करनी चाहिए. यदि आयोग कार्रवाई नहीं करता तो उसके खिलाफ भी कदम उठाए जाने चाहिए. Government अपनी जिम्मेदारी लेने के बजाय विपक्ष पर आरोप लगा रही है, जबकि संबंधित मशीनरी Government के नियंत्रण में है.

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पीएसके

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