दिल्ली: नरेला में डीडीए परियोजनाओं का उपराज्यपाल ने किया निरीक्षण, किफायती आवास पर जोर

New Delhi, 2 नवंबर . दिल्ली के उपGovernor और डीडीए के चेयरमैन टीएस संधू ने Monday को नरेला का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने हाउसिंग अथॉरिटी के फ्लैटों और इलाके में मौजूद अन्य सुविधाओं का निरीक्षण किया.
उपGovernor ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट में कहा, “डीडीए द्वारा चलाई जा रही प्रमुख विकास पहलों का जायजा लेने के लिए नरेला का दौरा किया.”
संधू ने लिखा, “डीडीए के रहने के लिए तैयार (रेडी-टू-मूव) फ्लैटों का निरीक्षण किया. इससे दिल्ली में किफायती और अच्छी गुणवत्ता वाले घर उपलब्ध कराने के हमारे संकल्प को फिर से बल मिलता है. इसके अलावा, सेक्टर जी7/जी8 में एक इंटीग्रेटेड एजुकेशन हब के लिए राज्य विश्वविद्यालयों को आवंटित जमीन और ‘लैंड पूलिंग पॉलिसी’ के तहत आने वाले पहले सेक्टर-सेक्टर 8बी (जोन पी-II) की तैयारियों का भी जायजा लिया.”
संधू ने कहा, “ये पहल एक नियोजित और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देंगी, और विकसित दिल्ली को आकार देने में नरेला की भूमिका को मजबूत करेंगी.”
इससे पहले, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की हाउसिंग स्कीम को जनता से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी. इस स्कीम के तहत नरेला में 2,500 से ज्यादा एलआईजी (लो इनकम ग्रुप) फ्लैट पेश किए गए थे.
एक अधिकारी ने बताया कि घर खरीदारों की शानदार प्रतिक्रिया को देखते हुए डीडीए ने 29 अक्टूबर से ‘आवास निवेश योजना 2026’ के तहत नरेला में 1,648 और एलआईजी फ्लैट पेश करने का फैसला किया है.
अधिकारी के अनुसार, नरेला के सेक्टर जी2–जी6 (पॉकेट 1) में मौजूद इन अतिरिक्त फ्लैटों पर 25 प्रतिशत की छूट दी गई है, जिससे इनकी कीमत लगभग 14.95 लाख रुपए प्रति फ्लैट हो गई है.
एक बयान के मुताबिक, फ्लैटों के इस नए लॉट के लिए ऑनलाइन बुकिंग 29 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे से डीडीए के ‘आवास पोर्टल’ पर शुरू हो गई है.
इस स्कीम के तहत पहले पेश किए गए फ्लैटों को लेकर लोगों में भारी दिलचस्पी देखी गई थी. बुकिंग शुरू होने के दो घंटे के भीतर ही सभी फ्लैट बुक हो गए थे. यह मजबूत मांग दिखाती है कि घर खरीदारों का डीडीए की किफायती हाउसिंग योजनाओं पर भरोसा बढ़ रहा है.
इसे दिल्ली के उपGovernor और डीडीए के चेयरमैन टीएस संधू के मार्गदर्शन में शुरू किया गया है. बयान में कहा गया है कि यह योजना नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और सुनियोजित आवास उपलब्ध कराने के डीडीए के संकल्प को फिर से दोहराती है.
नरेला के सेक्टर जी2–जी6 के पॉकेट 1 में स्थित इन अतिरिक्त फ्लैटों में से प्रत्येक का प्लिंथ एरिया (कॉमन एरिया सहित) लगभग 49.90 वर्ग मीटर है. डीडीए ने बताया कि ये फ्लैट ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर आवंटित किए जाएंगे.
नरेला एक बेहतरीन आवासीय क्षेत्र के रूप में उभर रहा है, जहां सुनियोजित शहरी बुनियादी ढांचा और बेहतर कनेक्टिविटी मौजूद है.
बयान के अनुसार, यहां के प्रमुख परिवहन बुनियादी ढांचे में रिठाला-नरेला-कुंडली कॉरिडोर पर बनने वाला दिल्ली मेट्रो स्टेशन, प्रस्तावित नरेला रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) स्टेशन, और अर्बन एक्सटेंशन रोड (यूईआर)-I, यूईआर-II तथा जीटी करनाल रोड के जरिए मिलने वाली सड़क कनेक्टिविटी शामिल है.
बयान में यह भी कहा गया है कि सेक्टर जी2–जी6 में बनने वाले एजुकेशन हब से भी इस इलाके को फायदा मिलेगा, जहां कई विश्वविद्यालयों को जमीन आवंटित की गई है.
खेल सुविधाओं के अंतर्गत सेक्टर ए-7 में नरेला स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और एक प्रस्तावित मल्टी-स्पोर्ट्स इंटीग्रेटेड स्टेडियम शामिल हैं. डीडीए ने कहा कि सुनियोजित हरित क्षेत्र और नागरिक सुविधाएं इस इलाके की दीर्घकालिक आवासीय क्षमता को और बढ़ाती हैं.
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एएसएच/पीएम


