सत्य निकेतन हादसे से सहारनपुर मस्जिद विवाद तक, मोहिबुल्लाह नदवी ने सरकार पर साधा निशाना

New Delhi, 7 सितंबर . Samajwadi Party के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद बचाव कार्य में देरी, सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान और हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद को लेकर Government और भाजपा पर तीखा हमला बोला. उन्होंने शिक्षा, गरीब छात्रों के लिए हॉस्टल, सामाजिक न्याय और धार्मिक सौहार्द से जुड़े मुद्दे भी उठाए.

सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना का जिक्र करते हुए नदवी ने कहा कि यह बेहद दुखद स्थिति है. उन्होंने कहा कि Prime Minister आवास से कुछ दूरी पर घटना होने के बावजूद बचाव कार्य में जेसीबी और एनडीआरएफ जैसी एजेंसियों के पहुंचने में कथित देरी क्यों हुई. इमारतों की सुरक्षा और निर्माण की जांच समय रहते होनी चाहिए. गरीब परिवारों, ग्रामीण क्षेत्रों और किसानों के बच्चों के लिए पर्याप्त हॉस्टल और शैक्षणिक सुविधाएं नहीं बनाई जा रही हैं. महंगे पीजी और निजी आवासों पर निर्भरता बढ़ने से गरीब परिवारों पर आर्थिक दबाव पड़ता है. ऐसे हादसों को राजनीति का विषय बनाने के बजाय पीड़ित परिवारों के दर्द को समझना चाहिए.

सांसद ने आरोप लगाया कि शिक्षा और विश्वविद्यालयों के बजट में कटौती से गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्रों को नुकसान हो रहा है. उन्होंने छात्रों से कठिन परिस्थितियों के बावजूद पढ़ाई जारी रखने की अपील की और कहा कि किताबें, लाइब्रेरी और शिक्षा ही आगे बढ़ने का सबसे मजबूत माध्यम हैं. उन्होंने Government के विज्ञापन खर्च पर भी सवाल उठाया और कहा कि शिक्षा संस्थानों के लिए संसाधन बढ़ाने की जरूरत है. नदवी ने कहा कि Government और समाज को यह सोचना चाहिए कि कमजोर वर्गों के प्रति उनकी नैतिक जिम्मेदारी क्या है.

सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने के मुद्दे पर नदवी ने कहा कि देश में नफरत और हिंसा की राजनीति के बजाय सकारात्मक और रचनात्मक सोच को बढ़ावा दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि धार्मिक मुद्दों के जरिए समाज को बांटने की कोशिश की जा रही है. बुलडोजर का इस्तेमाल यदि विकास के लिए हो, तो स्कूल, अस्पताल और शिक्षा संस्थान बनाए जाने चाहिए. विकास का उद्देश्य गरीबों को बेहतर अवसर देना होना चाहिए.

नदवी ने भारतीय संस्कृति और साझा विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की पहचान विविधता और आपसी सम्मान से बनी है. उन्होंने आरोप लगाया कि Political लाभ के लिए इतिहास और धार्मिक मुद्दों को लगातार विवाद का विषय बनाया जा रहा है.

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के संगठन और उसके प्रभाव से जुड़े बयान पर नदवी ने आरएसएस की विचारधारा और उसके Political प्रभाव पर सवाल उठाए. उन्होंने महात्मा गांधी, बिलकिस बानो और राम मंदिर से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करते हुए आरएसएस और भाजपा पर गंभीर Political आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था का इस्तेमाल Political लाभ के लिए नहीं किया जाना चाहिए. नदवी ने राम के नाम पर राजनीति करने को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि धार्मिक भावनाओं का Political इस्तेमाल किया जा रहा है.

हल्द्वानी में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे से जुड़े कार्यक्रम के शुद्धिकरण विवाद पर नदवी ने सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि किसी वरिष्ठ विपक्षी नेता से जुड़े कार्यक्रम स्थल को धोने जैसी घटना सामाजिक समानता के खिलाफ संदेश देती है. उन्होंने मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव से जुड़े पुराने प्रसंगों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि Political और सामाजिक जीवन में भेदभाव की कोई जगह नहीं होनी चाहिए.

नदवी ने कहा कि देश को हिंदू-मुस्लिम के आधार पर बांटने के बजाय शिक्षा, रोजगार और विकास पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि जनता आगामी चुनाव में ऐसे मुद्दों का जवाब देगी.

पीएसके

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