
New Delhi, 7 सितंबर . दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में बिल्डिंग गिरने के मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने बिल्डिंग के मालिक हरिराम गुप्ता और उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि उनके बेटे महेश गुप्ता को 2 दिन की Police कस्टडी में भेजा गया है.
दिल्ली Police ने कोर्ट में पेशी के दौरान हरिराम और उर्मिला के लिए न्यायिक हिरासत और महेश गुप्ता के लिए Police कस्टडी की मांग की थी, जिसे जज भव्य खरेल ने मंजूर कर लिया. Police को शक है कि महेश गुप्ता इस पूरी घटना में अहम भूमिका में था और इमारत में अवैध निर्माण व पीजी संचालन में उसकी सीधी संलिप्तता है, इसलिए उससे पूछताछ जरूरी है.
वहीं, दूसरी तरफ इस हादसे में घायल हुए लोगों का हालचाल जानने के लिए दिल्ली Government के मंत्री आशीष सूद Monday को एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, जहां उन्होंने वहां भर्ती चार मरीजों से मुलाकात की.
मंत्री आशीष सूद ने कहा, “अभी यहां चार मरीज हैं, जिनमें से एक आईसीयू में है. मैं उन सभी से मिला. उनके परिवार वाले यहां पहुंच चुके हैं. Police और स्थानीय प्रशासन ने एम्स की सुविधा में उनके परिवारों के रहने का इंतजाम किया है. उन्हें सही इलाज मिल रहा है.”
इससे पहले मंत्री सूद ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि उन्होंने दिल्ली के उपGovernor तरणजीत सिंह संधू और Chief Minister रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया. इस बैठक में डीजी एनडीआरएफ, दिल्ली Police कमिश्नर और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे. बैठक में दिल्ली भर में इमारतों की सुरक्षा, छात्रों के रहने की व्यवस्था और पीजी से जुड़े नियमों पर चर्चा हुई.
सूद ने बताया कि चर्चा के बाद तय उपायों के तहत वे संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति का नेतृत्व करेंगे. यह समिति संस्थागत पीजी दिशानिर्देशों की समीक्षा करेगी, विश्वविद्यालयों, एमसीडी और डीडीए के माध्यम से छात्रों के रहने के वैकल्पिक इंतजामों पर विचार करेगी, और छात्रों के लिए डीडीए के खाली पड़े घरों के इस्तेमाल की संभावनाओं का आकलन करेगी.
उन्होंने एक अन्य पोस्ट में लिखा, “सत्य निकेतन की घटना बहुत दुखद है. हम रिस्पॉन्स टाइम को कम करने और आपातकालीन तैयारियों को बेहतर बनाने के उपायों पर काम कर रहे हैं. साथ ही देश भर से पढ़ाई और करियर बनाने के लिए आने वाले छात्रों को बेहतर आवासीय सुविधाएं देने और पीजी आवासों को विनियमित करने पर भी ध्यान दे रहे हैं. छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इन उपायों को जल्द लागू किया जाएगा.”
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एससीएच/डीकेपी