सत्ताधारी पार्टी ने खो दिया है अपना मानसिक संतुलन : संजय राउत

Mumbai , 5 अक्टूबर . शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने Monday को Chief Minister देवेंद्र फडणवीस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला किया. राउत ने कहा कि सत्ताधारी पार्टी ने अपना मानसिक संतुलन खो दिया है.

संजय राउत ने भाजपा की मौजूदा हालत की तुलना 1942 में ब्रिटिश साम्राज्य के पतन से ठीक पहले की घबराहट और हताशा से की.

उन्होंने कहा कि Supreme Court के जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने चुनाव की निष्पक्षता को लेकर गंभीर चिंता जताई है और कहा है कि लाखों नागरिकों का वोट देने का अधिकार छीना जाना गलत है. जनता के गुस्से के आगे भाजपा का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है.

सीएम फडणवीस के Political करियर पर तंज कसते हुए संजय राउत ने कहा कि हम उन्हें यह कहकर ऊर्जा देने की कोशिश करते हैं कि दिल्ली में उनका भविष्य है लेकिन वे खुद को नुकसान पहुंचाते रहते हैं. वे राष्ट्रीय स्तर की बड़ी भूमिका के लिए कतार में हैं. जब उन्हें यह समझ आ जाएगा कि लाखों लोगों का सड़कों पर उतरना शिकायत नहीं बल्कि एक क्रांति है, तभी वे शीर्ष पर पहुंच पाएंगे.

मंत्री आशीष शेलार की टिप्पणी पर संजय राउत ने कहा कि वे खुद सियार हैं, इसलिए उन्हें हर तरफ हुआं-हुआं ही सुनाई देता है. यह हुआं-हुआं नहीं थी, यह ‘गर्जना’ थी. चुनाव में हेरफेर के खिलाफ देश का अब तक का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन है.

विपक्ष के लामबंद होने के पीछे राष्ट्रीय स्तर पर बन रहे माहौल का जिक्र करते हुए राउत ने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर जनता में बढ़ते गुस्से से केंद्रीय अधिकारी बुरी तरह घबराए हुए हैं.

राउत ने बताया कि दिल्ली किसी सैन्य छावनी जैसी लग रही है, जहां Prime Minister Narendra Modi और गृह मंत्री अमित शाह के आवासों के आसपास भारी सुरक्षा बल, बीएसएफ और हथियारबंद जवान तैनात किए गए हैं ताकि संभावित विरोध प्रदर्शनों को रोका जा सके.

उन्होंने कहा कि कपिल सिब्बल जैसे बड़े वकील सड़कों पर उतर आए हैं देशभर में विपक्षी ताकतें संस्थागत ईमानदारी की विफलता के खिलाफ एकजुट हो रही हैं.

राउत ने घोषणा की कि पूरे India से विपक्षी दल संसद के मकर द्वार पर इकट्ठा होंगे और ठोस सबूत सौंपने के लिए सीधे चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च करेंगे. उन्होंने मांग की कि सीईसी ज्ञानेश कुमार छिपे रहने के बजाय जनता के सवालों का जवाब देने के लिए सामने आएं.

डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की आलोचना करते हुए राउत ने कहा कि Maharashtra सूखे और बढ़ते भ्रष्टाचार से जूझ रहा है, फिर भी उपChief Minister दिल्ली में गृह मंत्री के घर के लॉन में एक पेइंग गेस्ट की तरह बैठे हैं. सूखे से प्रभावित तालुकाओं की सूची की घोषणा करना और दिल्ली भाग जाना बेशर्मी की हद है.

पार्टी बदलने वाले विधायकों का जिक्र करते हुए राउत ने कहा कि पैसे से सम्मान नहीं खरीदा जा सकता. आपको 50 करोड़ रुपए या आगे-पीछे दो Police एस्कॉर्ट गाड़ियां मिल सकती हैं, लेकिन जनता की भावनाएं नहीं खरीदी जा सकतीं. जब छात्र ‘गद्दार’ कहते हैं, तो यह लोगों की सच्ची आवाज होती है.

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डीकेएम/पीएम

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