
कोलकाता, 21 सितंबर . पश्चिम बंगाल Government ने पद्म श्री से सम्मानित कार्तिक महाराज को कोलकाता नगर निगम की ‘सड़क का नाम बदलने वाली समिति’ का चेयरमैन नियुक्त किया है. नई जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके लिए कोलकाता नगर निगम में मेयर-इन-काउंसिल के पूर्व सदस्य देबब्रत मजूमदार के कमरे को रेनोवेट कर कार्यालय का रूप दिया गया है. कार्तिक महाराज ने Monday को अपने नए कार्यालय का दौरा किया और औपचारिक रूप से पदभार संभाला.
पदभार ग्रहण करने के बाद कार्तिक महाराज ने से बातचीत में अपनी नई जिम्मेदारी, भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और कोलकाता की सड़कों के नामों को लेकर अपनी राय रखी. नई जिम्मेदारी के लिए राज्य Government को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि Government भारतीय संस्कृति और धर्म से जुड़े विषयों पर चर्चा का अवसर दे रही है, यह स्वागत योग्य है. उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति को लेकर व्यापक स्तर पर चर्चा होनी चाहिए और इसी दिशा में उन्हें मिली जिम्मेदारी को वह महत्वपूर्ण मानते हैं.
उन्होंने India के नाम और उसकी सांस्कृतिक पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि Prime Minister Narendra Modi भी कई मौकों पर ‘भारत’ नाम और भारतीय सांस्कृतिक पहचान पर जोर देते रहे हैं. India का अर्थ गंभीर और व्यापक है तथा देश की पहचान ‘भारत’ के रूप में ही होनी चाहिए. भारतीय संस्कृति की मूल आधारशिला धर्म और आध्यात्मिक परंपरा से जुड़ी हुई है. इसी संदर्भ में उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि गीता के प्रथम अध्याय के प्रथम श्लोक के प्रथम शब्द के रूप में ‘धर्म’ आता है. भारतीय संस्कृति में धर्म और अध्यात्म का विशेष महत्व है.
कोलकाता की कई सड़कों के नामों को लेकर Political पक्षपात के सवाल पर कार्तिक महाराज ने कहा कि मौजूदा Government ने समिति में किसी Political व्यक्ति को नहीं बैठाया है. समिति में ऐसे लोगों को शामिल किया गया है, जो धर्म, भारतीय संस्कृति और इतिहास से जुड़े विषयों पर चर्चा कर सकें. सड़क के नाम बदलने या नामकरण जैसे विषयों पर फैसला किसी एक व्यक्ति के स्तर पर नहीं होगा, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा. समिति में इतिहास के जानकार, धर्मगुरु और शिक्षाविद जैसे अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े लोगों की भूमिका है. सभी लोग मिलकर इस विषय पर काम करेंगे और विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर चर्चा की जाएगी.
कोलकाता की कुछ प्रमुख सड़कों के नामों का संबंध पूर्ववर्ती Political दलों और उनके नेताओं से होने के सवाल पर कार्तिक महाराज ने कहा कि समिति का उद्देश्य किसी Political दल विशेष के पक्ष या विपक्ष में काम करना नहीं है. सड़क का नाम किसी व्यक्ति या Political विचारधारा से जुड़ा होने के बजाय उसके ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व को ध्यान में रखकर देखा जाना चाहिए. समिति इस तरह के मामलों पर व्यापक विचार-विमर्श के बाद ही कोई प्रस्ताव आगे बढ़ाएगी. समिति में अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े लोगों की मौजूदगी का उद्देश्य यही है कि सड़क नामकरण से जुड़े फैसलों में विभिन्न दृष्टिकोणों को शामिल किया जा सके.
कोलकाता की ‘विश्व बांग्ला सरणी’ सड़क के नाम को लेकर पूछे गए सवाल पर कार्तिक महाराज ने कहा कि कुछ लोगों ने इस सड़क का नाम बदलने को लेकर प्रस्ताव उनके सामने रखा है. उन्होंने बताया कि तीन-चार लोगों ने सुझाव दिया कि ‘विश्व बांग्ला’ के स्थान पर किसी ऐसे महापुरुष के नाम पर सड़क का नाम रखा जाना चाहिए, जिसे वे ‘विश्व गुरु’ के रूप में देखते हैं. उन्होंने इस प्रस्ताव को तत्काल खारिज या स्वीकार करने के बजाय इस पर चर्चा करने की बात कही है. नाम बदलने से जुड़े किसी भी प्रस्ताव पर समिति के स्तर पर चर्चा की जाएगी और उसके बाद ही आगे की प्रक्रिया तय होगी.
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पीएसके