
New Delhi, 28 अगस्त . विश्व संस्कृत दिवस पर प्रधानंत्री Narendra Modi, Lok Sabha अध्यक्ष ओम बिड़ला, केंद्रीय मंत्रियों और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने शुभकानाएं दी है. इसके साथ ही संस्कृत भाषा के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार की अपील की है.
Prime Minister Narendra Modi ने एक्स पोस्ट में कहा, “विश्वसंस्कृतदिवसस्य शुभाशयाः. अद्य, श्रावणपूर्णिमादिने, वयं संस्कृतस्य चिरन्तन-समृद्धेः उत्सवम् आचरामः. एषा भाषा भारतस्य ज्ञानस्य, चिन्तनस्य, सर्जनशीलतायाः च निरन्तर-संवाहिका आसीत्. तस्याः सकारात्मकः प्रभावः बहुषु क्षेत्रेषु अद्यापि द्रष्टुं शक्यते. एतस्मिन् विशिष्टे दिने, भारते विश्वे च ये संस्कृतं पठन्ति, पाठयन्ति तथा च एतस्यां निहितं कालातीतं निधिं अग्रिमसन्तत्यै प्रापयितुं प्रयत्नशीलाः सन्ति तान् सर्वान् वयं प्रशंसामः.”
इस संस्कृत श्लोक का हिंदी अर्थ है, “विश्व संस्कृत दिवस की शुभकामनाएं. आज, श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर हम संस्कृत की शाश्वत समृद्धि का उत्सव मना रहे हैं. यह भाषा India के ज्ञान, चिंतन और रचनात्मकता की निरंतर वाहक रही है. इसके सकारात्मक प्रभाव को आज भी कई क्षेत्रों में देखा जा सकता है. इस विशेष दिवस पर हम India और दुनिया भर के उन सभी लोगों की सराहना करते हैं जो संस्कृत पढ़ते और पढ़ाते हैं, तथा इसमें निहित कालजयी धरोहर को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं.”
Lok Sabha अध्यक्ष ओम बिड़ला ने एक्स पर लिखा, “संस्कृतं भारतस्य गौरवम्. श्रावण मास की पूर्णिमा पर मनाए जाने वाले संस्कृत दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं. संस्कृत ने India की ज्ञान-परंपरा को हजारों वर्षों से समृद्ध किया है. यह केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि India की ज्ञान, चिंतन, दर्शन और संस्कृति की जीवंत धरोहर है. वेदों से उपनिषदों तक, श्रीमद्भगवद्गीता से रामायण और महाIndia तक तथा आयुर्वेद, व्याकरण, गणित, खगोल और साहित्य से लेकर अध्यात्म तक, भारतीय मनीषा के असंख्य अमूल्य ग्रंथ संस्कृत में रचे गए हैं.”
ओम बिड़ला ने आगे कहा, “महर्षियों और आचार्यों की तपस्या से समृद्ध संस्कृत ने ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ और ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’, जैसे सार्वभौमिक विचारों के माध्यम से सम्पूर्ण मानवता को प्रेम, शांति, समरसता और कल्याण का संदेश दिया है. यह भाषा हमारी जड़ों से जोड़ने वाली कड़ी होने के साथ-साथ तर्क, ज्ञान और अध्यात्म के अद्भुत समन्वय की परिचायक है. संस्कृत का संरक्षण और इसका नई पीढ़ी तक विस्तार हमारी समृद्ध सभ्यता, संस्कृति एवं ज्ञान-विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प है. पुनः आप सभी को विश्व संस्कृत दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं.”
Union Minister मनोहर लाल ने एक्स पोस्ट में कहा, “संस्कृतभाषा सर्वविद्यानां जननी, तस्या: संरक्षणे सर्वे वयं प्रयत्नशीलाः भवाम. दुनिया की कई भाषाओं की जननी और जनमानस में ‘देव भाषा’ के रूप में सम्मानित संस्कृत भाषा, वैदिक काल से लेकर आधुनिक समय तक हमारी भारतीय संस्कृति और परंपरा का एक अभिन्न अंग रही है. यह भाषा जितनी प्राचीन है, उतनी ही वैज्ञानिक और मधुर भी है. अनेक विशेषताओं के कारण ही आज देश के साथ-साथ विदेशों में भी संस्कृत के प्रति आकर्षण बढ़ा है. समस्त संस्कृत प्रेमियों को विश्व संस्कृत दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं.”
केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने एक्स पर लिखा, “संस्कृतभाषा सर्वविद्यानां जननी, तस्या: संरक्षणे सर्वे वयं प्रयत्नशीलाः भवाम. दुनिया की कई भाषाओं की जननी और जनमानस में ‘देव भाषा’ के रूप में सम्मानित संस्कृत भाषा, वैदिक काल से लेकर आधुनिक समय तक हमारी भारतीय संस्कृति और परंपरा का एक अभिन्न अंग रही है. यह भाषा जितनी प्राचीन है, उतनी ही वैज्ञानिक और मधुर भी है. अनेक विशेषताओं के कारण ही आज देश के साथ-साथ विदेशों में भी संस्कृत के प्रति आकर्षण बढ़ा है. समस्त संस्कृत प्रेमियों को विश्व संस्कृत दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं.”
उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर पोस्ट किया, “भारतस्य प्रतिष्ठे द्वे संस्कृतं संस्कृतिस्तथा. विश्व संस्कृत दिवस की समस्त संस्कृत प्रेमियों, विद्वतजनों एवं प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं. संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि India की सनातन ज्ञान-परंपरा, दर्शन, विज्ञान और संस्कृति की दिव्य अभिव्यक्ति है. आइए, हम सभी देवभाषा के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु संकल्पित हों.”
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक्स पर लिखा, “विश्व संस्कृत दिवस के अवसर पर हम अपनी उस दिव्य भाषा का उत्सव मनाते हैं, जिसने हमारी संस्कृति, परंपराओं और ज्ञान को गहराई से आकार दिया है. Prime Minister Narendra Modi के मार्गदर्शन में India संस्कृत को आधुनिक युग में जीवंत, समृद्ध और जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है. आइए, देववाणी संस्कृत की समृद्ध विरासत का सम्मान करें और इसके शाश्वत ज्ञान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लें.”
Madhya Pradesh के Chief Minister मोहन यादव ने एक्स पर पोस्ट किया, “विश्व संस्कृत दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं. संस्कृत India की ज्ञान, संस्कृति और गौरवशाली परंपरा की आधारशिला है. वेद, उपनिषद, दर्शन और साहित्य की समृद्ध विरासत को संजोए यह शाश्वत भाषा हमारी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ती है. आइए, विश्व संस्कृत दिवस पर संस्कृत के संरक्षण, संवर्धन और प्रसार का संकल्प लें.”
Rajasthan के Chief Minister भजनलाल शर्मा ने एक्स पर पोस्ट किया, “विश्व संस्कृत दिवस की सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! देववाणी संस्कृत हमारी सनातन संस्कृति, ज्ञान-विज्ञान और आध्यात्मिक परंपरा की आधारशिला है. आइए, इस गौरवशाली भाषा के संरक्षण, संवर्धन एवं जन-जन तक इसके प्रचार-प्रसार का संकल्प लेकर अपनी सांस्कृतिक विरासत को और अधिक सशक्त बनाएं.”
बिहार के Chief Minister सम्राट चौधरी ने एक्स पर लिखा, “विश्व संस्कृत दिवस के पावन अवसर पर आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं. संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध संस्कृति, ज्ञान, परंपरा और गौरवशाली विरासत की अमूल्य धरोहर है. आइए, संस्कृत के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार का संकल्प लें.”
दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने एक्स पर पोस्ट किया, “विश्व संस्कृत दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं. संस्कृत हमारी महान सभ्यता, समृद्ध ज्ञान-परंपरा और सांस्कृतिक चेतना की अमूल्य धरोहर है. वेद, उपनिषद, दर्शन, साहित्य और विज्ञान की यह भाषा सदियों से India के ज्ञान और विचार को समृद्ध करती आई है. आइए, संस्कृत के संरक्षण, संवर्धन और प्रसार के संकल्प को और सशक्त करें. जयतु संस्कृतम्, जयतु भारतम्!”
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ओपी/एएस