
संभल, 27 सितंबर . उत्तर प्रदेश के जनपद संभल में मंदिर-मस्जिद विवाद और कथित भड़काऊ बयानबाजी को लेकर प्रशासन ने चार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है. इनमें शाही जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के सदर जफर अली, भाजपा के पूर्व क्षेत्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश सिंघल, सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के पिता ममलूकुर्रहमान बर्क और एआईएमआईएम नेता शकील अहमद शामिल हैं.
जिला प्रशासन ने सभी लोगों को तीन अक्टूबर को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश होने का नोटिस जारी किया है. सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार के अनुसार, 23 सितंबर को संभल और नखासा थाने से Police की रिपोर्ट प्राप्त हुई थी. रिपोर्ट को 25 सितंबर को उनके समक्ष प्रस्तुत किया गया.
Police रिपोर्ट में social media और सार्वजनिक मंचों से की गई बयानबाजी के कारण दो समुदायों के बीच शांति व कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई गई है. जफर अली के संबंध में Police ने पूर्व में की गई बयानबाजी और दर्ज मुकदमों का भी उल्लेख किया है.
प्रशासन की ओर से जारी नोटिस में चारों को तीन अक्टूबर को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने को कहा गया है. साथ ही, छह महीने तक शांति बनाए रखने के लिए 20 हजार रुपए की जमानत अथवा इतनी ही धनराशि का स्वयंबंध पत्र लिए जाने के संबंध में जवाब मांगा गया है.
बताया गया है कि मामला भाजपा नेता राजेश सिंघल के रहटौल गांव में रामलीला मंच से दिए गए बयान के बाद गरमाया. सिंघल ने बयान में कहा था कि संभल में अब मस्जिद नहीं, मंदिर बनेंगे और हरिहर मंदिर जाने वालों पर गोली नहीं, पुष्प वर्षा होगी. इस बयान पर ममलूकुर्रहमान बर्क और एआईएमआईएम नेता शकील अहमद ने आपत्ति जताते हुए जवाबी बयान दिए थे.
बयानबाजी के बाद मामला Police-प्रशासन तक पहुंचा. Police की रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने चारों को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के लिए तलब किया है. अब तीन अक्टूबर को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में होने वाली सुनवाई में चारों अपना पक्ष रखेंगे. प्रशासन की कार्रवाई के बाद संभल में सार्वजनिक बयानबाजी और कानून-व्यवस्था को लेकर Political गतिविधियां भी तेज हो गई हैं.
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डीसीएच/