श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड का वादा, मेजबानी गंवाने के बावजूद महिला चैंपियंस ट्रॉफी को देगा पूरा समर्थन

कोलंबो, 3 सितंबर . श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) ने कहा कि वह अगले साल होने वाली आईसीसी महिला चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन में पूरा सहयोग देगा. बोर्ड ने यह भी साफ किया कि वह आईसीसी के उस फैसले को स्वीकार करता है, जिसके तहत इस टूर्नामेंट का पहला संस्करण India में आयोजित किया जाएगा.

एसएलसी ने कहा कि महिला क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे बड़े टूर्नामेंट बहुत महत्वपूर्ण हैं. इसी कारण वह इस प्रतियोगिता की सफलता के लिए अपना समर्थन देने को तैयार है. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने एसएलसी के कामकाज में Governmentी दखल के कारण श्रीलंका से मेजबानी के अधिकार लेकर छह टीमों वाली इस प्रतियोगिता के आयोजन का अधिकार India को सौंप दिया है.

यह टूर्नामेंट अगले साल 14 से 28 फरवरी तक खेला जाएगा. इसमें ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, भारत, न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका और श्रीलंका की टीमें हिस्सा लेंगी.टूर्नामेंट के मुकाबले Mumbai और वडोदरा में आयोजित किए जाएंगे. दो साल में आईसीसी के दूसरे बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी का अधिकार गंवाने के प्रशासनिक झटके के बावजूद, श्रीलंका के बोर्ड ने पुष्टि की है कि वह ग्लोबल रैंकिंग के आधार पर क्वालीफाई करने वाली अपनी टीम का पूरा समर्थन करने पर ध्यान केंद्रित करेगा.

बोर्ड ने Thursday को एक बयान में कहा, “श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) आगामी आईसीसी महिला चैंपियंस ट्रॉफी 2027 की मेजबानी के संबंध में इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के फैसले को संज्ञान में लेता है.” हालांकि श्रीलंका इस टूर्नामेंट की मेजबानी नहीं करेगा, लेकिन श्रीलंका की महिला राष्ट्रीय टीम ने मौजूदा क्वालीफिकेशन प्रक्रिया में अपनी स्थिति के आधार पर प्रतियोगिता के लिए सीधे क्वालीफाई कर लिया है.

श्रीलंका बोर्ड ने अपने बयान में आगे कहा, “एसएलसी श्रीलंका की महिला राष्ट्रीय टीम के क्वालीफाई करने का स्वागत करता है और टूर्नामेंट की तैयारी में टीम को जरूरी समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है. श्रीलंका क्रिकेट आईसीसी महिला चैंपियंस ट्रॉफी के मेजबान देश और सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा ताकि इस पहले टूर्नामेंट का सफल आयोजन सुनिश्चित हो सके.”

एसएलसी का प्रबंधन अभी Government द्वारा नियुक्त ‘ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी’ कर रही है, जो देश के क्रिकेट प्रशासन में संवैधानिक बदलावों की देखरेख के लिए बनाई गई एक अंतरिम व्यवस्था है. चूंकि आईसीसी सदस्य बोर्डों में Political नियुक्तियों पर सख्ती से रोक लगाता है, इसलिए श्रीलंका ने इस इवेंट के आयोजन का अधिकार खो दिया. इसके बावजूद, 6 जुलाई की कट-ऑफ तारीख पर अपनी स्थिति के आधार पर टीम ने प्रतियोगिता में अपनी जगह बनाए रखी है. टूर्नामेंट में भाग लेने वाली छह टीमें सिंगल राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में खेलेंगी और शीर्ष दो टीमें 28 फरवरी को होने वाले फाइनल में पहुंचेंगी.

एसएम/डीकेपी

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