Skip to content
Monday, 19 October 2026
Hindi Daily Kiran India, Rajasthan, business, sports, tech और अन्य श्रेणियों की ताज़ा हिन्दी ख़बरें।
BREAKING
राजनीति,राष्ट्रीय

श्रीनगर में दशहरा की तैयारियां तेज, त्योहार मनाने जुट रहे सभी समुदायों के लोग

श्रीनगर में दशहरा की तैयारियां तेज, त्योहार मनाने जुट रहे सभी समुदायों के लोग

श्रीनगर, 19 अक्टूबर . जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में दशहरा की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. स्थानीय हिंदू समुदाय के लोग विजयादशमी के पर्व को मनाने के लिए आयोजन की तैयारियों में जुटे हैं. इस उत्सव में कश्मीरी पंडितों के साथ अन्य समुदायों के लोगों की भागीदारी भी देखने को मिल रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि दशहरा का यह आयोजन कश्मीर में आपसी भाईचारे, सांप्रदायिक सौहार्द और कौमी एकता का संदेश देता है.

से बातचीत में पीडीपी नेता मोहित भान ने कहा कि विजयादशमी का त्योहार पूरे देश में मनाया जाता है और श्रीनगर में भी इसे उत्साह के साथ मनाने की परंपरा है. उन्होंने इसे पूरे कश्मीर क्षेत्र में आयोजित होने वाला एक विशेष दशहरा उत्सव बताया. Tuesday को विजयादशमी का त्योहार है. पूरे देश में दशहरा मनाया जाता है और इसी तरह हम यहां श्रीनगर, कश्मीर में भी इसे मनाते हैं. पूरे कश्मीर क्षेत्र में मनाया जाने वाला यह इकलौता दशहरा उत्सव है. पिछले चार वर्षों से हम इसे बहुत धूमधाम से मना रहे हैं. बीच में एक-दो साल तक यह आयोजन रुक गया था, लेकिन अब सभी समुदायों के लोग इसमें हिस्सा लेते हैं. अलग-अलग धर्मों के लोगों का एक-दूसरे के त्योहारों में शामिल होना कश्मीर की कौमी एकता का प्रतीक है. नफरत और हिंसा के माहौल का जवाब आपसी सद्भाव, भाईचारे और एकजुटता से दिया जाना चाहिए.

कश्मीरी पंडित संदीप कौल ने बताया कि वे वर्ष 2007 से दशहरा मनाते आ रहे हैं. उत्सव की तैयारियों के लिए आवश्यक सामग्री बाहर से मंगाई जाती है और आयोजन से पहले उसे व्यवस्थित किया जाता है. दशहरा त्योहार को लेकर कश्मीरी मुस्लिम भाइयों का लगातार समर्थन मिलता रहा है.

उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार भी कार्यक्रम में कश्मीरी पंडितों के साथ बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल होंगे. दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. इसी विश्वास के साथ यह त्योहार मनाया जाता है कि समाज से बुराइयां समाप्त हों और लोगों के बीच प्रेम, शांति तथा सद्भाव बना रहे.

श्रीनगर में दशहरा की तैयारियां केवल एक धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह विभिन्न समुदायों के बीच आपसी विश्वास और एकता को मजबूत करने का अवसर भी बन रही हैं.

–

डीकेएम/वीसी

Share