‘वोट चोरी’ के नाम पर सत्ता परिवर्तन की साजिश, बांग्लादेशी कट्टरपंथियों से प्रेरणा लेती हैं नेहा बोरा: रिया खानोलकर

Mumbai , 18 अक्टूबर . social media इन्फ्लुएंसर रिया खानोलकर ने आइसा और विपक्ष के आंदोलन पर बड़ा हमला बोला. उन्होंने कहा कि वोट चोरी और एसआईआर जैसे मुद्दे केवल एक टूलकिट हैं. इन लोगों का असली चेहरा अब बेनकाब हो चुका है और इनका एकमात्र लक्ष्य देश में अराजकता फैलाकर सत्ता परिवर्तन करना है.
social media इन्फ्लुएंसर रिया खानोलकर ने कहा, “सबसे पहले तो इन सबके चेहरे अब बेनकाब हो चुके हैं. इनकी जो भी वास्तविकता है, वह सबके सामने आ गई है. हमें स्पष्ट रूप से पता चल गया है कि वोट चोरी और एसआईआर जैसे मुद्दे केवल एक औजार के रूप में इस्तेमाल किए गए थे. यह एक टूलकिट का हिस्सा था, क्योंकि इसका मुख्य लक्ष्य सत्ता परिवर्तन करना था. नेहा बोरा अचानक जेएनयू जाती हैं. जेएनयू में जाकर वह कहती हैं कि उमर खालिद उनकी प्रेरणा हैं और उन्होंने सक्रियता उमर खालिद से सीखी है. यह कोई सामान्य घटना नहीं है.”
रिया ने कहा, “ऐसी ही घटनाएं आपको एक के बाद एक देखने को मिलती हैं. जैसे उमर खालिद के लिए अचानक कुणाल कामरा इंस्टाग्राम पर चार पन्नों का पत्र पोस्ट करते हैं. इसके साथ ही वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण भी अचानक नेहा बोरा के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं और कहते हैं कि यह युवाओं का आंदोलन है. वे स्पष्ट रूप से सबके सामने कहते हैं, इसे कहने में शर्माते भी नहीं हैं कि यह सब सत्ता परिवर्तन के लिए किया जा रहा है. इनको Government को हटाना है, पूरे देश में हंगामा मचाना है. नेहा बोरा वही लड़की हैं, जिन्होंने एक पत्रकार को निर्वस्त्र करने की धमकी दी थी, क्योंकि वह आलोचना बर्दाश्त नहीं कर पा रही थीं. नेहा बोरा वही लड़की हैं, जिन्होंने कहा था कि उन्हें बांग्लादेश की कट्टरपंथी ताकतों से सत्ता परिवर्तन के लिए सोचने-विचारने की प्रेरणा मिली है.”
रिया ने कहा, “जब ये लोग Mumbai आ रहे थे, तो हमने इनकी आलोचना की, इनका बिल्कुल भी समर्थन नहीं किया. इनके और सीजेपी के खिलाफ हमने आंदोलन किया था. हमने इनका विरोध किया कि आपको यहां आने का कोई अधिकार नहीं है और बिना किसी ठोस कारण के आपको हमारे Mumbai में आकर विरोध-प्रदर्शन करने का बिल्कुल भी अधिकार नहीं है. Mumbai के बाद जो हमने देखा, उसके बाद ये दिल्ली गए और जहां भी इन्होंने विरोध-प्रदर्शन किया, वह सब विफल हो गया. इन्हें कहा गया कि अदालत जाइए, तो ये वहां नहीं गए. इन्होंने सड़क पर जाकर हंगामा किया. इनके पास आज तक कोई प्रमाण नहीं है. अगर प्रमाण होते तो वह आज सबके सामने होते, लेकिन बिल्कुल भी सामने नहीं आए. यह स्पष्ट है कि इन्होंने जानबूझकर ऐसा किया.”
रिया ने कहा कि इनका मकसद बिल्कुल स्पष्ट था कि सिर्फ देश में अराजकता फैलानी है, देश विरोधी नारे लगाने हैं और देश में सत्ता परिवर्तन लाना है. इनकी मानसिकता ही ऐसी है. अगर कोई कह रहा है कि मैं उमर खालिद का समर्थन करती हूं, उमर खालिद मेरी प्रेरणा है, तो उमर खालिद वही व्यक्ति है, जिसने कहा था कि कश्मीर पर India ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है यानी वह देश को ही कह रहा है कि हमारा कश्मीर अवैध रूप से कब्जाया हुआ है. ऐसे लोग दिल्ली दंगों के मामले में यूएपीए के तहत गिरफ्तार हैं, जो आतंकवाद से जुड़ा कानून है. मुझे बिल्कुल भी आश्चर्य नहीं होगा, अगर कल नेहा बोरा जैसे लोग आकर कहेंगे कि हमारी प्रेरणा हाफिज सईद और ओसामा बिन लादेन भी हैं. इनकी मानसिकता ही आतंकवादी की बन चुकी है.
रिया ने कहा कि ये लोग हमेशा से आतंकवादियों के समर्थक रहे हैं. इनका हमेशा से एक गठजोड़ रहा है, जो आपको हमेशा India विरोधी आंदोलनों में दिखाई देगा. यह अब सबको दिख रहा है, सबको समझ आ चुका है कि इनका यही एकमात्र लक्ष्य है. हम देख सकते हैं कि लंदन में भी ये आकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं. लंदन में हमने देखा कि जब इन्होंने प्रदर्शन किया, तो वहां पीएम मोदी के समर्थन में भी लोग प्रदर्शन करने आए. इससे स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि इनका बहुत बड़ा गठजोड़ चल रहा है.
उन्होंने कहा कि फ्रांस में इतनी बड़ी संख्या में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं, लेकिन इन्हें उसकी कोई परवाह नहीं है. फ्रांस की मीडिया हमारे देश में क्या चल रहा है, उसमें ज्यादा रुचि ले रही है. यह बहुत ही आश्चर्यजनक है. यह सबके सामने है कि यह इनकी पूरी योजना है, ये सत्ता परिवर्तन के लिए आ रहे हैं, लेकिन हम जैसे जो राष्ट्रवादी युवा हैं, वो इसमें बिल्कुल भी विश्वास नहीं करते हैं, इनका कभी समर्थन नहीं करेंगे. ऐसे लोगों के खिलाफ हम हमेशा आवाज उठाएंगे, इनका पर्दाफाश करेंगे. जो लोग चाहते हैं कि देश में अराजकता फैले और जो आतंकवादियों के प्रति सहानुभूति रखते हैं, उमर खालिद जैसे लोगों से प्रेरणा लेते हैं, तो यह हमारे देश के लिए बहुत ही शर्मनाक बात है. अगर आप भारतीय नागरिक हैं, तो आपको देश के विरोध में नहीं जाना चाहिए. आपको देश के साथ रहकर देशहित के कार्यों का समर्थन करना चाहिए.
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केके/एबीएम


