वोट चोरी की शुरुआत नेहरू ने की थी, सरदार पटेल को प्रधानमंत्री बनने से वंचित रखा गया: संबित पात्रा

New Delhi, 31 अक्टूबर . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. संबित पात्रा ने Saturday को कांग्रेस और विपक्षी दलों पर लोकतंत्र का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज ‘मॉक पार्लियामेंट’ आयोजित कर रही है, जबकि वास्तविक संसद में सोना, आंख मारना, सदन से नदारद रहना और वेल में आकर हंगामा करना कांग्रेस और तथाकथित इंडी गठबंधन का मूल काम रहा है.
भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संबित पात्रा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के वोट चोरी से जुड़े आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि देश में पहली वोट चोरी पंडित जवाहरलाल नेहरू के समय हुई थी. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने सरदार वल्लभभाई पटेल को Prime Minister बनाने के पक्ष में मतदान किया था, लेकिन उन वोटों की अनदेखी कर नेहरू देश के पहले गैर-निर्वाचित Prime Minister बने.
उन्होंने कहा, “आज 31 अक्टूबर है. आज हम सबके आदरणीय सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती है. हिंदुस्तान में अगर पहली वोट चोरी कहीं हुई, तो वह गांधी परिवार के पहले सदस्य पंडित जवाहरलाल नेहरू ने की थी. कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने सरदार पटेल को Prime Minister बनाने के लिए वोट डाले थे, लेकिन उन वोटों को चुराकर जवाहरलाल नेहरू Prime Minister बने. इस तरह सरदार पटेल को उनके अधिकार से वंचित रखा गया और उन्हें अपमानित किया गया.”
संबित पात्रा ने खड़गे के उस दावे पर भी सवाल उठाए, जिसमें उन्होंने 13 करोड़ मतदाताओं के वोट चोरी होने की बात कही थी. भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यदि वास्तव में 13 करोड़ लोगों के वोट काट दिए जाते, तो देश में इसका व्यापक विरोध होता. उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया अभी जारी है और पूरी नहीं हुई है. ऐसे में विभिन्न राज्यों की अंतिम मतदाता सूची में नाम नहीं आने का अर्थ यह नहीं है कि उन लोगों के वोट चोरी हो गए हैं. उन्होंने कहा कि Government, विपक्ष और पत्रकारों समेत सभी की जिम्मेदारी है कि मतदान का अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को मिले. उन्होंने सवाल किया कि क्या घुसपैठियों को देश का मतदाता होना चाहिए?
पात्रा ने एसआईआर प्रक्रिया को पारदर्शी बताते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को लगता है कि उसका नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हुआ है, तो वह फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकता है. फॉर्म-6 में संशोधन किए जाने के खड़गे के आरोप पर उन्होंने कहा कि इस फॉर्म में कोई संशोधन नहीं किया गया है, बल्कि इसके साथ एक घोषणा पत्र जोड़ा गया है. उन्होंने कहा कि खड़गे वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन उन्हें इस मामले में गलत जानकारी दी जा रही है.
पात्रा ने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग उन्हें जानकारी दे रहे हैं, वे खुद संसद में सोते हुए पकड़े जाते हैं. उन्होंने अपने बयान में Supreme Court के 27 मई 2026 के फैसले का भी हवाला देते हुए दावा किया कि अदालत ने स्पष्ट किया था कि फॉर्म-6 में कोई संशोधन नहीं हुआ है, बल्कि उसके साथ घोषणा पत्र जोड़ा गया है.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगाए गए आरोपों को भी संबित पात्रा ने खारिज किया. खड़गे ने आरोप लगाया था कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अन्य दो चुनाव आयुक्तों को दरकिनार कर एसआईआर का फैसला लिया. इस पर पात्रा ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों ने एक साथ बैठकर स्पष्ट किया था कि एसआईआर का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया है.
उन्होंने कहा, “आप 100 बार भी झूठ बोल दें, तो वह सच नहीं बन जाएगा. मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य दोनों चुनाव आयुक्तों ने एक साथ बैठकर तस्वीर और बयान के माध्यम से स्पष्ट किया था कि एसआईआर का निर्णय सर्वसम्मति से हुआ है.” पात्रा ने कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे पर निशाना साधते हुए कहा कि बार-बार झूठ बोलकर राहुल गांधी के आरोपों को सच साबित नहीं किया जा सकता.
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डीएससी


