Skip to content
Sunday, 18 October 2026
Hindi Daily Kiran India, Rajasthan, business, sports, tech और अन्य श्रेणियों की ताज़ा हिन्दी ख़बरें।
BREAKING
व्यापार,अंतरराष्ट्रीय

वैश्विक आर्थिक जोखिम बने हुए हैं, आईएमएफ ने दी चेतावनी

वैश्विक आर्थिक जोखिम बने हुए हैं, आईएमएफ ने दी चेतावनी

वाशिंगटन, 18 अक्टूबर . अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की नीति-निर्धारक समिति ने चेतावनी दी है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को युद्धों, व्यापारिक तनावों, ऊर्जा आपूर्ति में बाधाओं और बढ़ते कर्ज से जुड़े जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है. भले ही आर्थिक विकास उम्मीद से कहीं अधिक मजबूत साबित हुआ है.

बैंकॉक में अपनी 54वीं बैठक के बाद Saturday को जारी एक बयान में इंटरनेशनल मॉनेटरी एंड फाइनेंशियल कमिटी (आईएमएफसी) ने कहा कि आर्थिक स्थिरता को पक्का नहीं माना जा सकता, क्योंकि Governmentें एक साथ कई भू-Political और वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रही हैं.

समिति ने कहा, “वैश्विक अर्थव्यवस्था ने हाल के झटकों का सामना उम्मीद से बेहतर तरीके से किया है, लेकिन इसे हमेशा ऐसा ही मान लेना ठीक नहीं होगा.”

सऊदी अरब के वित्त मंत्री मोहम्मद अल-जदान की अध्यक्षता में जारी इस बयान में चल रहे संघर्षों के आर्थिक नतीजों, अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन में रुकावटों और कमजोर देशों पर बढ़ते दबाव का जिक्र किया गया.

समिति ने कहा कि युद्ध और संघर्षों की वजह से भारी मानवीय और आर्थिक नुकसान हो रहा है, जिसका सबसे ज्यादा असर गरीब देशों पर पड़ रहा है.

समिति ने चेतावनी दी कि बढ़ती भू-Political तनाव अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों को और बाधित कर सकते हैं, वस्तुओं की कीमतें बढ़ा सकते हैं और ऊर्जा तथा खाद्य असुरक्षा की स्थिति को और खराब कर सकते हैं.

यह आकलन ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीतियों और लंबे समय तक चलने वाले संघर्षों के वित्तीय नतीजों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है.

समिति ने कहा कि लगातार झटकों के बावजूद वैश्विक अर्थव्यवस्था में काफी हद तक स्थिर विकास बना रहा है, लेकिन Governmentों की आगे आने वाली बाधाओं को झेलने की क्षमता कमजोर हो गई है.

समिति ने वित्तीय स्थिरता के लिए कुछ और खतरों की पहचान की, जिनमें सॉवरेन बॉन्ड यील्ड (Governmentी बॉन्ड पर मिलने वाला रिटर्न) में बढ़ोतरी, भारी सार्वजनिक कर्ज और रिफाइनेंसिंग (कर्ज चुकाने के लिए नया कर्ज लेने) का दबाव शामिल हैं. ये हालात उन देशों के लिए विशेष मुश्किलें पैदा कर सकते हैं, जिन्हें भारी कर्ज लेने की जरूरत है या जिनकी अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाजारों तक पहुंच सीमित है.

समिति ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर उन्नत इंटेलिजेंस तकनीकों के बढ़ते प्रभाव पर भी चर्चा की. माना कि तेजी से हो रही तकनीकी प्रगति निवेश और व्यापार को बढ़ावा दे रही है और इससे उत्पादकता में सुधार हो सकता है. हालांकि, समिति ने चेतावनी दी कि इन तकनीकों के आर्थिक और वित्तीय प्रभावों को लेकर अनिश्चितता मौजूदा कमजोरियों को और बढ़ा सकती है.

आईएमएफसी ने मजबूत मैक्रोइकॉनॉमिक नीतियों, विश्वसनीय राजकोषीय ढांचे और Governmentों तथा अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के बीच निरंतर सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया. इसने देशों से आग्रह किया कि वे अपनी राजकोषीय कमजोरियों को दूर करें, साथ ही कमजोर तबकों की सुरक्षा करें और दीर्घकालिक आर्थिक विकास के लिए जरूरी निवेश को बनाए रखें.

समिति ने कहा कि नीतियों की विश्वसनीयता बनाए रखने और महंगाई की उम्मीदों को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय बैंकों की स्वतंत्रता बहुत जरूरी है.

बयान में ‘बैंकॉक ब्लूप्रिंट’ का भी स्वागत किया गया. यह एक ऐसी पहल है, जिसका उद्देश्य डिजिटल फाइनेंस की सुरक्षा, साइबर सुरक्षा को मजबूत करना और डिजिटल धोखाधड़ी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को बढ़ावा देना है.

समिति ने वैश्विक स्तर पर मौजूद भारी असंतुलन, व्यापारिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय वाणिज्य को प्रभावित करने वाली विसंगतियों को दूर करने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया.

बयान में सुरक्षित और लचीली ऊर्जा आपूर्ति की आवश्यकता और वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए आवागमन की स्वतंत्रता के महत्व पर जोर दिया गया. समिति ने संप्रभु ऋण पुनर्गठन में सुधार लाने की अपनी प्रतिबद्धता को भी दोहराया, विशेष रूप से कम आय वाले देशों और कमजोर मध्यम-आय वाली अर्थव्यवस्थाओं के लिए. कर्ज लेने वालों और कर्ज देने वालों से अधिक पारदर्शिता बरतने और ऋण पुनर्गठन की व्यवस्थाओं को अधिक पूर्वानुमान योग्य बनाने का आह्वान किया.

–

ओपी/एएस

Share