विपक्ष की रैली पर भाजपा का हमला, बोले- लोकतंत्र नहीं अराजकता फैला रहे राहुल गांधी

New Delhi, 1 नवंबर . दिल्ली में विपक्षी दलों की रैली को लेकर भाजपा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है. भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह और सैय्यद जफर इस्लाम ने राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेताओं के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने विपक्ष की रैली को फ्लॉप बताते हुए दावा किया कि जनता का भरोसा Prime Minister Narendra Modi और भाजपा की नीतियों पर बना हुआ है.
भाजपा प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने कहा कि 1984 में आज ही के दिन दिल्ली में नरसंहार हुआ था. तीन हजार से अधिक सिखों को जला दिया गया था. उन्होंने कहा कि आज के दिन आयोजित रैली हमारे जख्मों पर नमक छिड़कने जैसी है. राहुल गांधी में थोड़ी भी संवेदना होती तो वह विधवा कॉलोनी में जाकर माफी मांगते.
गृह मंत्री अमित शाह के बयान का समर्थन करते हुए आर.पी. सिंह ने कहा कि कांग्रेस का नेतृत्व ऐसा नहीं है कि राहुल गांधी के Prime Minister बनने की कोई संभावना नजर आती हो. कांग्रेस ने देशविरोधी नीतियां अपना रखी हैं. मोदी Government की नीतियों के कारण भाजपा लगातार चुनाव जीत रही है.
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में Prime Minister को हटाने का जरिया सिर्फ चुनाव है. यदि उनके पास चुनाव में धांधली से जुड़े कोई सबूत हैं तो उन्हें पेश करना चाहिए. सिर्फ बयानबाजी से अगर वे सोचते हैं कि चुनाव जीत जाएंगे और Prime Minister मोदी को हटा देंगे तो ऐसा होने वाला नहीं है. 2027 में उत्तर प्रदेश में भाजपा की Government बनने वाली है. आने वाले विधानसभा चुनावों में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी कि जनता का विश्वास किस पर है.
उन्होंने कहा कि अगर आप झूठ का सहारा लेकर बयान देते हैं तो खुद उसी में फंस जाते हैं. यदि राहुल गांधी के पास सबूत हैं तो President आज भी उनके सबूतों का इंतजार कर रही हैं.
वहीं, से बातचीत के दौरान सैय्यद जफर इस्लाम ने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र के नाम पर अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन जनता ने उन्हें करारा जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि रैली में दस लाख लोगों के पहुंचने का दावा किया गया था, लेकिन मैदान खाली रहा. जनता का इन पर भरोसा नहीं है. जनता जानती है कि यह चुनी हुई Government है. इस तरह के कार्यक्रमों से ये लोग सिर्फ अराजकता फैलाने और दुनिया में देश की छवि खराब करने का काम कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि कई Political दल एक साथ रैली करने पहुंचे, लेकिन मैदान खाली रहा और दिल्ली की सड़कें सामान्य रहीं. इससे साफ पता चलता है कि यह सभा फ्लॉप रही. अगर दिल्ली में एक लाख लोग भी पहुंचते तो सड़कें भर जातीं, लेकिन ऐसा लग रहा था कि दस हजार लोग भी नहीं पहुंचे थे.
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव और उनकी पार्टी के नेता जिस तरह राहुल गांधी का मजाक उड़ाते हैं, उससे उन्हें लगता है कि भविष्य में उनका गठबंधन भी शायद नहीं हो पाएगा.
–
एएमटी/वीसी


