
कोलकाता, 7 अक्टूबर . भारतीय महिला फुटबॉल टीम को 8 और 11 अक्टूबर को रूस के खिलाफ दो मैत्री मैच खेलने हैं. दुनिया की 69वीं रैंकिंग वाली भारतीय टीम के लिए 27वीं रैंकिंग वाले रूस के खिलाफ खेलने का मौका काफी अहम है. भारतीय टीम के कोच क्रिस्पिन छेत्री ने कहा है कि मैच के दौरान हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे.
क्रिस्पिन छेत्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “बड़ी टीमों के खिलाफ खेलना हमारे लिए अहम है. हम एक फुटबॉल नेशन के रूप में विकसित होना चाहते हैं. हमें फील्ड के अंदर और बाहर बहुत कुछ सीखने को मिलता है. एक टीम के तौर पर हमारे लिए यह बदलाव का दौर है. हम 2029 के बारे में सोच रहे हैं.”
उन्होंने कहा, “हम रूस के साथ पहले खेल चुके हैं. उस मैच में हमें 2-0 से हार का सामना करना पड़ा था. लेकिन उस टीम के 9 खिलाड़ी मौजूदा टीम का हिस्सा नहीं हैं. हमारी टीम नई है. खिलाड़ियों की औसत आयु 23 साल है और सबसे युवा खिलाड़ी की उम्र 19 साल है. हमारी टीम में अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का मिश्रण है. हमारी टीम संतुलित है. खिलाड़ियों के पास खुद को साबित करने का अच्छा मौका है.”
छेत्री ने कहा, “महिला फुटबॉल थोड़ा अलग है. हमने आखिरी मैच जून-जुलाई में खेला था. इसके बाद से हमने कोई टूर्नामेंट नहीं खेला है. लंबे समय बाद खिलाड़ियों को एक साथ लाना और उनकी फिटनेस पर काम करना मुश्किल होता है, लेकिन खिलाड़ियों ने अपनी 100 प्रतिशत प्रतिबद्धता दिखाई है. हम लोग मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे.”
उन्होंने कहा, “हमें ऐसी टीमों के खिलाफ खेलना चाहिए. इससे हमें खिलाड़ियों की क्षमता का पता चलेगा. हमारे पास तैयारी का समय होना चाहिए. तैयारी का ज्यादा समय प्रदर्शन में सुधार लाता है और बड़ी टीमों के खिलाफ खेलने से खिलाड़ियों में आत्मविश्वास आता है.”
गोलकीपर मोनालिसा देवी ने कहा, “हमें अपने देश में खेलने का मौका पाकर अच्छा लग रहा है. हम लोग पिछले 20 दिनों से अभ्यास कर रहे हैं और मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे. हमारी टीम में सीनियर और जूनियर दोनों खिलाड़ी हैं. हमें सीनियर खिलाड़ियों का पूरा सहयोग मिलता है.”
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पीएके