
New Delhi, 8 अक्टूबर . चेक बाउंस के सात मामलों में सजा का सामना कर रहे Actor राजपाल यादव की याचिका पर Supreme Court में सुनवाई के दौरान Thursday को एक अजीब स्थिति सामने आई. दरअसल, राजपाल यादव की तरफ से 1 करोड़ 15 लाख रुपए का डिमांड ड्राफ्ट तैयार किया गया, लेकिन उसे Supreme Court की रजिस्ट्री में जमा करने को लेकर परेशानी सामने आई, जिसे उनके वकील ने अदालत के सामने रखी. वकील ने कहा कि उन्हें यह पता नहीं चल पा रहा है कि डिमांड ड्राफ्ट Supreme Court के किस सेक्शन में जमा करना है.
इस पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत के साथ बैठे जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना ने सख्त रुख अपनाया. जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कहा कि अगर वकील को यह भी पता नहीं है कि रकम किस सेक्शन में जाकर जमा करनी है तो यह एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड के लिए चिंता की बात है. इसके बाद सीजेआई ने वकील से कहा कि वह जल्द से जल्द जाकर रकम जमा करें.
जस्टिस वी. मोहना ने राजपाल यादव पर नाराजगी जताते हुए कहा कि आपको पिछली शाम 7 बजे तक का समय दिया गया था, लेकिन अब इस तरह की दलील सामने आ रही है. ऐसी स्थिति से अदालत के सामने आपकी विश्वसनीयता पर असर पड़ता है.
दरअसल, Supreme Court ने राजपाल यादव को चेक बाउंस के मामले में 2 करोड़ रुपए जमा करने का मौका दिया था. 7 अक्टूबर की सुनवाई में उनकी ओर से बताया गया था कि 1 करोड़ 15 लाख रुपए का इंतजाम हो चुका है और बाकी 85 लाख रुपए उनकी पुश्तैनी जमीन खरीदने वाला व्यक्ति देगा. अदालत में वह खरीदार भी मौजूद था. Supreme Court ने इस व्यवस्था को देखते हुए बाकी रकम जमा करने के लिए समय दिया था.
मामला राजपाल यादव की फिल्म ‘अता पता लापता’ से जुड़ा है. साल 2010 में फिल्म बनाने के लिए राजपाल यादव और उनकी पत्नी से जुड़ी कंपनी को मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपए मिले थे. फिल्म को लेकर हुए आर्थिक लेन-देन के बाद रकम लौटाने को लेकर विवाद शुरू हुआ. शिकायतकर्ता का कहना था कि बाद में भुगतान के लिए दिए गए चेक बैंक में जमा करने पर बाउंस हो गए. इसी के बाद सात अलग-अलग मामले दर्ज हुए.
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पीके/डीकेपी