राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता बनने के अयोग्य : आर अशोक

चित्रदुर्ग, 7 अक्टूबर . कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ भाजपा नेता आर. अशोक ने Wednesday को कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी Lok Sabha में विपक्ष के नेता बनने के लायक नहीं हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी बार-बार चुनाव आयोग और अन्य एजेंसियों पर सवाल उठाकर संवैधानिक संस्थाओं का अपमान कर रहे हैं.

दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए, अशोक ने कहा कि सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करने का कोई मतलब नहीं है और दावा किया कि किसी संवैधानिक निकाय के पदाधिकारी को हटाने के लिए कानून द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है.

उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग एक स्वतंत्र और संवैधानिक निकाय है. संविधान के तहत महाभियोग की प्रक्रिया निर्धारित है. यह मनमाने ढंग से नहीं किया जा सकता. संसद का सत्र बुलाया जाना चाहिए, कथित गलती का स्पष्टीकरण दिया जाना चाहिए और President को भेजे जाने से पहले प्रस्ताव को बहुमत प्राप्त करना आवश्यक है.”

अशोक ने कहा कि केवल विरोध प्रदर्शनों से किसी संवैधानिक पदाधिकारी को नहीं हटाया जा सकता, ठीक उसी तरह जैसे Chief Minister डीके शिवकुमार के खिलाफ आरोपों के कारण सड़कों पर प्रदर्शन करने से उन्हें पद से नहीं हटाया जा सकता.

उन्होंने कहा, “अगर मैं सड़क पर खड़ा होकर यह चिल्लाऊं कि भ्रष्टाचार और लूटपाट के कारण Chief Minister शिवकुमार को इस्तीफा देना चाहिए, तो क्या यह संभव होगा? नहीं. यह राज्य विधानसभा में बहुमत के माध्यम से ही संभव हो पाएगा.”

उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी कांग्रेस की जीत के समय चुनाव आयोग को कुशल और पारदर्शी मानते हैं, लेकिन पार्टी की हार के समय इसके कामकाज पर सवाल उठाते हैं.

अशोक ने कहा, “कर्नाटक में कांग्रेस जीत गई. क्या चुनाव निष्पक्ष थे? अगर आपको संदेह है, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए और चुनाव का सामना करना चाहिए. केरल में एसआईआर के बाद चुनाव हुए और कांग्रेस को बहुमत मिला जबकि भाजपा तीन सीटें भी नहीं जीत पाई. अगर चुनाव में धांधली हुई होती, तो भाजपा आराम से बहुमत हासिल कर सकती थी.”

उन्होंने राहुल गांधी पर चुनाव आयोग पर बार-बार सवाल उठाकर संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस नेताओं ने Enforcement Directorate (ईडी), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और न्यायपालिका जैसी एजेंसियों पर भी सवाल उठाए हैं.

उन्होंने कहा, “राहुल गांधी Lok Sabha में विपक्ष के नेता बनने के लायक नहीं हैं. उन्होंने कोई संवैधानिक एजेंसी नहीं छोड़ी है. वे कहते हैं कि ईडी और सीबीआई भाजपा की हैं, और अब वे कह रहे हैं कि चुनाव आयोग भी भाजपा का है. उन्होंने न्यायपालिका पर भी सवाल उठा दिए हैं.”

अशोक ने संतों के संबंध में शिवकुमार की हालिया टिप्पणियों की भी आलोचना की और Chief Minister पर इन टिप्पणियों की आलोचना के बाद मीडिया को निशाना बनाने का आरोप लगाया. गौरतलब है कि Chief Minister शिवकुमार ने कथित तौर पर कहा है कि वीरशैव और लिंगायत समुदायों से संबंधित सभी संतों को उनकी सेवा करनी चाहिए, क्योंकि राज्य में उनके हितों की रक्षा करने वाला उनके जैसा कोई नहीं है.

अशोक ने कहा, “उसका बयान वीडियो में मौजूद है. अब वो कह रहे हैं कि उसके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया. अगर तुम्हें जरा भी शर्म है तो माफी मांग लें. मीडिया को दोष देने से कुछ नहीं होगा.”

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि शिवकुमार ने पूर्व Chief Minister सिद्धारमैया को Chief Minister पद से हटा दिया था और अब वह मीडिया को निशाना बना रहे हैं.

अशोक ने शिवकुमार को मुस्लिम धर्मगुरुओं की उपस्थिति वाली एक बैठक में इसी तरह की टिप्पणी करने की चुनौती भी दी और आरोप लगाया कि Chief Minister हिंदुओं को निशाना बनाकर बयान दे रहे हैं.

उन्होंने कहा, “राज्य की जनता देख रही है. केवल पूजा-अर्चना करने और माथे पर सिंदूर लगाने से कोई हिंदू नहीं बन जाता. राज्य और देश की जनता ये सारे नाटक देख रही है.”

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एसएके/पीएम

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