राहुल गांधी पर गौरव भाटिया ने लगाए गंभीर आरोप, विदेशी संगठनों से संबंधों पर उठाए सवाल

New Delhi, 22 अक्टूबर . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने Thursday को Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए विदेशी संगठनों से उनके कथित संबंधों को लेकर सवाल उठाए.
New Delhi में प्रेस वार्ता करते हुए भाजपा प्रवक्ता ने राहुल गांधी पर अराजकता को बढ़ावा देने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया. गौरव भाटिया ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि कुछ विदेशी संगठनों का संबंध India में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों से हो सकता है.
उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशी संगठनों के जरिए India के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने की कोशिश की जा रही है. देश की जनता को यह जानने का अधिकार है कि ऐसे संगठनों के साथ राहुल गांधी, सोनिया गांधी जैसे नेताओं के क्या संबंध हैं और उनके बीच किस तरह की बातचीत होती है. फॉक्स न्यूज की एक डिजिटल जांच से पता चला है कि फ्रांस की घटनाएं और कई अन्य देशों में सत्ता परिवर्तन, जो कथित तौर पर अराजकता और अफरातफरी के जरिए हुए, किस तरह India में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा किए जा रहे विरोध-प्रदर्शनों से जुड़े हैं. मुख्य तर्क यह है कि नौ देशों के 101 संगठनों ने एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार किया है, जो नागरिकों द्वारा चुनी गई संवैधानिक Governmentों को गिराने की कोशिश करता है.
उन्होंने कहा कि सबसे पहले यह रिपोर्ट ‘इंडियन अलायंस पेरिस’ नामक संगठन पर प्रकाश डालती है, जो फ्रांस में स्थित है. जब राहुल गांधी India में अफरा-तफरी मचा रहे थे और उनके द्वारा किया जा रहा विरोध-प्रदर्शन तो बस एक बहाना था, उनका असल मकसद अव्यवस्था फैलाना था. 6 अक्टूबर को राहुल गांधी के सबसे करीबी संगठन के रूप में कौन सामने आया? यह ‘इंडियन अलायंस पेरिस’ था, जो फ्रांस में स्थित एक संगठन है. यह हमारे आंतरिक मामलों में दखल देता है. जब राहुल गांधी को किसी विरोध-प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया जाता है, जो कि एक संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया है, तो सबसे पहले उनके वीडियो को बढ़ा-चढ़ाकर यही संगठन पेश करता है.
उन्होंने कांग्रेस के एक्स हैंडल से शेयर की गई तस्वीरों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल नामक संगठन से सोनिया गांधी और राहुल गांधी 10 जनपथ में मिले. एक अंतरराष्ट्रीय संगठन से बंद कमरे में इनकी क्या बात हुई? कांग्रेस के ही एक्स हैंडल से एक तस्वीर रिलीज की गई, जिसमें पूरा डेलिगेशन साथ खड़ा हुआ है.
भाटिया ने कहा कि यहां सवाल पूछना गलत नहीं होगा कि क्या राहुल गांधी में दम नहीं बचा है जो उन्हें अब ऐसी एजेंसी और संस्थाओं का साथ लेना पड़ रहा है जो India विरोधी हैं, वो India विरोधी हो सकती हैं लेकिन India का नेता प्रतिपक्ष कैसे India विरोधी हो सकता है, वो कैसे गद्दारी कर सकता है. फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, फ्रांस में आगजनी, दंगे और अशांति, स्पेन की घटनाएं तथा India और अल्बानिया में हुए विरोध-प्रदर्शन,ये सभी प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल से जुड़े हुए हैं.
गौरव भाटिया ने शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत की social media पोस्ट का हवाला देते हुए अल्बानिया में हुई घटनाओं का जिक्र किया. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता विदेशों में हुई हिंसक घटनाओं का उदाहरण देकर India में भी संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं. हर भारतीय का मान-सम्मान, देश की संसद और सर्वोच्च न्यायालय है. कोई भी व्यक्ति ये दुस्साहस नहीं कर सकता कि वह सोचे कि सर्वोच्च न्यायालय के प्रांगण में जाकर अराजकता फैलाएंगे. आप घटनाक्रम देखें, राहुल गांधी ने कुछ दिन पहले ही एक बहाना बनाया कि हमें याचिका दायर करनी है और वो सर्वोच्च न्यायालय के प्रांगण में घुस जाते हैं, वो भी शाम 6-7 बजे. इस मामले का सर्वोच्च न्यायालय ने संज्ञान ले लिया है.
उन्होंने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं और ब्रिटेन में दिए गए उनके बयानों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता विदेशी शक्तियों से India के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप की अपेक्षा करते हैं. उन्होंने ब्रिटिश सांसद जेरेमी कॉर्बिन से राहुल गांधी की मुलाकात पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जेरेमी कॉर्बिन एक ऐसे सांसद हैं जिनका मानना है कि कश्मीर India का अभिन्न अंग नहीं है. राहुल गांधी उनसे क्यों मिल रहे हैं? राहुल गांधी, जो उन लोगों के नेता हैं जिन पर देश के साथ विश्वासघात करने का आरोप है और विजयादशमी के अवसर पर Prime Minister ने ठीक यही बात कही थी कि देश को कमजोर करने वाली ताकतों के खिलाफ जनता को सतर्क रहना चाहिए.
भाटिया ने कहा कि प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल से क्या बातचीत हुई, यह राहुल गांधी और सोनिया गांधी सार्वजनिक करें क्योंकि देश की जनता यह जानना चाहती है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि राहुल गांधी जो दिखावे के तौर पर देश में आराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, इसके लिए फंड कहां से आ रहा है. क्या यह फंड जॉर्ज सोरोस से आ रहा है. क्या प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल से आ रहा है? यह आपकी जिम्मेदारी है कि सारी जानकारी देश के नागरिकों से साझा करें. मैं सिर्फ एक बात कहना चाहता हूं कि विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है लेकिन हिंसा और सार्वजनिक संस्थाओं को नुकसान पहुंचाना स्वीकार्य नहीं होना चाहिए.
राहुल गांधी को चेतावनी देते हुए गौरव भाटिया ने कहा कि India से नफरत करेंगे तो यह दिन दूर नहीं है जब जनता आपको India की भूमि पर कदम भी नहीं रखने देंगी.
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डीकेएम/पीएम


