राहुल गांधी और उनका पूरा ‘सनातन-विरोधी गैंग’ जिहादी तुष्टीकरण की नीति पर चल रहे : विनोद बंसल

नई दिल्‍ली, 23 अगस्‍त . विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने मनुस्मृति पर राहुल गांधी की टिप्पणी की आलोचना की और कहा कि India की महिलाओं के सम्मान को Political बहस का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए.

दरअसल, Maharashtra के पुणे में कांग्रेस सांसद और Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में मनुस्मृति का जिक्र किया. राहुल ने मनुस्मृति में महिलाओं के बारे में लिखे गए एक उद्धरण को शर्मनाक बताया. उन्होंने कहा, “महिलाएं किसी के अधीन नहीं हो सकती हैं.

विनोद बंसल ने समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान कहा, “राहुल गांधी और उनका पूरा ‘सनातन-विरोधी गैंग’—जिसमें डीएमके, Samajwadi Party, कम्युनिस्ट या कांग्रेस जैसे कई विपक्षी नेता शामिल हैं. इन सभी की जिहादी तुष्टीकरण की नीति का एक ही मकसद है, सनातन को बुरा-भला कहना, हिंदू धर्मग्रंथों पर कीचड़ उछालना, उन्हें बदनाम करना और उन्हें गलत तरीके से पेश करके बनावटी विवाद खड़ा करना. मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं, जो खुद को बहुत पढ़ा-लिखा मानते हैं, क्या आपने मनुस्मृति पढ़ी है?

उन्‍होंने सवाल उठाया कि क्‍या आपने (राहुल गांधी) मनुस्मृति के उस श्‍लोक को पढ़ा है, जिसमें लिखा गया है ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः’. यह उसी मनुस्‍मृति का श्‍लोक है, जिसके आधार पर देश चलता है. और अगर आप धर्मग्रंथों पर चर्चा करना चाहते थे, तो आप यह क्यों नहीं बताते कि कुरान, बाइबिल या अन्य अब्राहमिक ग्रंथों में महिलाओं और उनकी स्थिति के बारे में क्या कहा गया है? कृपया उस पर भी बात करें. हालांकि आप उसका जिक्र नहीं करेंगे, क्योंकि आप जानते हैं कि ‘सर तन से जुदा’ वाला गैंग आ जाएगा और आपका विरोध शुरू हो जाएगा.”

विनोद बंसल ने राहुल गांधी को सलाह देते हुए कहा कि हिंदू द्रोही मानसिकता से बाहर निकलें. लगातार हमारे संतों, मंदिरों और आस्‍था पर प्रहार करने की कांग्रेस की नीति से बाज आना चाहिए. युवाओं के शुद्ध मन को अपनी विकृत मानसिकता से कलंकित और अपमानित मत करिए.

एएसएच/पीएम

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