नोएडा: पर्थला चौक पर बनेगा सिक्‍स लेन अंडरपास, जाम से मिलेगी बड़ी राहत

नोएडा, 24 अगस्त . नोएडा शहर के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण चौराहों में शामिल पर्थला चौक पर बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए सिक्‍स लेन अंडरपास का निर्माण प्रस्तावित किया गया है. फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद (एफएनजी) कॉरिडोर पर बनने वाला यह अंडरपास नोएडा की यातायात व्यवस्था को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना साबित होगा.

नोएडा में लगातार बढ़ते आवासीय और व्यावसायिक विकास के बीच इस परियोजना को भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.

प्रदेश Government की ओर से आधुनिक और सुरक्षित यातायात व्यवस्था विकसित करने के प्रयासों के तहत नोएडा प्राधिकरण इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ा रहा है. परियोजना का उद्देश्य पर्थला चौक पर लगने वाले जाम को कम करने के साथ-साथ एफएनजी कॉरिडोर पर वाहनों की आवाजाही को निर्बाध बनाना है.

पर्थला चौक एफएनजी कॉरिडोर और विकास मार्ग के महत्वपूर्ण जंक्शन पर स्थित है. एफएनजी कॉरिडोर के जरिए गाजियाबाद, एनएच-9, मेरठ एक्सप्रेसवे, नोएडा, ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और भविष्य में फरीदाबाद के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है. इस मार्ग पर दिनभर बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही रहती है. खासकर सुबह और शाम के पीक आवर्स में पर्थला चौक पर यातायात का दबाव काफी बढ़ जाता है और वाहन चालकों को लंबे जाम का सामना करना पड़ता है.

नोएडा वेस्ट और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से हो रहे आवासीय एवं व्यावसायिक विकास के कारण आने वाले वर्षों में वाहनों की संख्या और बढ़ने की संभावना है. ऐसे में प्रस्तावित अंडरपास को दीर्घकालिक यातायात समाधान के तौर पर देखा जा रहा है. प्रस्तावित अंडरपास छह लेन का होगा, जिसमें दोनों दिशाओं में तीन-तीन लेन उपलब्ध रहेंगी.

इसकी कुल लंबाई करीब 710 मीटर निर्धारित की गई है. प्रत्येक दिशा में लगभग 110 मीटर लंबा आरसीसी बॉक्स बनाया जाएगा. इसके अलावा 20 मीटर का खुला आकाश वाला हिस्सा तथा दोनों ओर करीब 280-280 मीटर लंबे पहुंच मार्ग प्रस्तावित किए गए हैं. बारिश के दौरान अंडरपास में पानी जमा न हो, इसके लिए जल निकासी की विशेष व्यवस्था की जाएगी.

परियोजना में दो सम्प और पर्याप्त पंपिंग व्यवस्था का प्रावधान किया गया है. इससे बारिश और रिसाव के पानी को तेजी से बाहर निकालने में मदद मिलेगी. अंडरपास का निर्माण डायफ्राम वॉल तकनीक और मौके पर आरसीसी निर्माण के माध्यम से किया जाना प्रस्तावित है. इस तकनीक का इस्तेमाल खुदाई के दौरान आसपास की जमीन और मौजूदा अवस्थापना की स्थिरता बनाए रखने में मददगार माना जाता है.

परियोजना के निर्माण के दौरान आसपास की सड़कों और यातायात व्यवस्था को प्रभावित न करने के लिए भी आवश्यक प्रबंध किए जाने की उम्मीद है. प्रस्तावित परियोजना की अनुमानित निर्माण लागत करीब 80 करोड़ रुपये बताई गई है. अंडरपास के निर्माण की प्रस्तावित अवधि 18 महीने निर्धारित की गई है.

परियोजना के पूरा होने के बाद पर्थला चौक पर वाहनों के रुकने और चौराहे पर जाम लगने की स्थिति में कमी आने की उम्मीद है. अंडरपास बनने से सेक्टर-66, सेक्टर-71, सेक्टर-121, सेक्टर-122, किसान चौक, छिजारसी और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को भी बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा.

एफएनजी कॉरिडोर पर यातायात क्षमता बढ़ने के साथ ही वाहन चालकों का यात्रा समय भी कम हो सकता है. नोएडा प्राधिकरण के अनुसार परियोजना पूरी होने के बाद यातायात का निर्बाध संचालन, जाम में कमी, यात्रा समय में बचत और सड़क सुरक्षा में सुधार जैसे कई फायदे मिलने की उम्मीद है. तेजी से विकसित हो रहे नोएडा वेस्ट क्षेत्र को देखते हुए यह अंडरपास भविष्य की यातायात जरूरतों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

पीकेटी/एएसएच

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