
Mumbai , 22 सितंबर . शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र ‘सामना’ में इंदौर के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर केंद्र Government और भाजपा पर निशाना साधा गया है. संपादकीय में कहा गया है कि इंदौर में राहुल गांधी के साथ मिमिक्री में हिस्सा लेने वाले पुलकित मणि का दूसरे दिन का कॉमेडियन शो रद्द करने के लिए मजबूर किया गया.
‘सामना’ में लिखा गया है कि Prime Minister के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में पीछे जा रहा है और Prime Minister सिर्फ नेताओं को जोर से गले लगाने के लिए वैश्विक आयोजन कर रहे हैं, इसका एक व्यंग्य चित्र सार्वजनिक मंच पर राहुल गांधी ने बनाया. इस पर देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह व्यंग्य चित्र देश का अपमान है. इस पर संपादकीय में सवाल उठाया गया है- फडणवीस यह कैसे कह सकते हैं कि Prime Minister ही देश हैं?
संपादकीय में लिखा गया है कि इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में गांधी की मौजूदगी में Prime Minister की नकल की गई, इससे भाजपा वालों को तकलीफ हुई. देवेंद्र फडणवीस का मार्गदर्शन है कि ‘राहुल गांधी को स्टैंड-अप कॉमेडियन बनना चाहिए.’ लेकिन सच तो यह है कि 90 प्रतिशत भाजपा वाले राहुल गांधी से खुश हैं.
‘सामना’ में लिखा गया कि अगर राहुल गांधी ने स्टैंड-अप कॉमेडियन का पेशा अपना लिया तो Prime Minister का क्या होगा, उनके पास क्या काम बचेगा, वे और उनका अनुसरण करने वाले बेरोजगार हो जाएंगे.
संपादकीय में Prime Minister पर तंज कसते हुए लिखा गया है कि Prime Minister वैश्विक नेताओं से मिलने जाते हैं तो उनके गले पड़कर इतनी कसकर गले लगाते हैं कि उस विदेशी नेता का दम घुटने लगता है. हाथ मिलाते हैं तो इतनी जोर से हाथ दबाते हैं कि मेहमान के चेहरे पर दर्द साफ दिखता है.
संपादकीय में लिखा गया है कि यूक्रेन के President पेशे से कॉमेडियन हैं और पीएम मोदी उन्हें मित्र मानते हैं. President ट्रंप ने तो कॉमेडी की पराकाष्ठा ही पार कर ली है. उनकी उछल-कूद और व्यवहार देखकर हंसी से लोटपोट हो जाएं ऐसा है. President ट्रंप के हास्य के Prime Minister प्रशंसक हैं.
संपादकीय के अनुसार, संसद में Prime Minister के संबोधन की शैली कई बार गंभीर संसदीय परम्पराओं के अनुरूप प्रतीत नहीं होती. उन्होंने इसकी तुलना मिमिक्री या कॉमेडी से की, साथ ही यह कहकर भी आलोचना की कि ऐसे संबोधन में तार्किक चर्चा के बजाय नाटकीयता, विशेष शारीरिक हाव-भाव और हास-परिहास का प्रभाव अधिक दिखाई देता है. सामना में नेहरू और गांधी का जिक्र करते हुए कहा गया कि ऐसे व्यक्तित्वों का मजाक उड़ाया जाता है. संपादकीय में Prime Minister पर सार्वजनिक संदेशों और उनके व्यक्तिगत निर्णयों में विरोधाभास का भी आरोप लगाया गया. वक्तव्य में कहा गया है कि विभिन्न कार्यक्रमों में Prime Minister के भावुक होने, या अत्यधिक अनौपचारिक आचरण दिखाने जैसे तौर-तरीकों को केवल दिखावा मात्र माना जा सकता है.
‘सामना’ में तंज कसते हुए लिखा गया है कि Prime Minister के ‘कॉमेडी शो’ के टिकट काउंटर की जिम्मेदारी Chief Minister देवेंद्र फडणवीस पर है, लेकिन फिलहाल इस टिकट काउंटर पर सन्नाटा है और राहुल गांधी के सभी शो हाउसफुल चल रहे हैं.
संपादकीय में यह भी कहा गया है कि जब डॉ. मनमोहन सिंह Prime Minister थे, तब उनका भी मजाक उड़ाया था. ‘मौनीबाबा’, ‘नीतिगत पक्षाघात’ जैसे विशेषण लगाकर उनका अपमान किया गया था.
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वीकेयू/एएस