
New Delhi, 29 सितंबर . BJP MP नरेश बंसल ने इंडिया ब्लॉक की प्रस्तावित बैठक, एसआईआर प्रक्रिया, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े विवाद और राम मंदिर सहित कई Political मुद्दों पर विपक्षी दलों को निशाने पर लिया. उन्होंने Samajwadi Party प्रमुख अखिलेश यादव के मदरसों से जुड़ी समस्याओं के समाधान और शिक्षकों का वेतन बहाल करने के वादे पर भी प्रतिक्रिया दी.
बंसल ने से बातचीत के दौरान कहा कि जनता अखिलेश यादव के इन वादों पर भरोसा नहीं करेगी. वहीं, उन्होंने उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के दौरान धार्मिक स्थलों के हिस्से हटाए जाने और Supreme Court में एसआईआर से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई को लेकर भी अपनी बात रखी.
इंडिया ब्लॉक की प्रस्तावित बैठक को लेकर नरेश बंसल ने कहा कि बैठक होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि इसमें कौन-कौन से दल और नेता शामिल होते हैं. गठबंधन के घटक दल राहुल गांधी के नेतृत्व में आगे बढ़ने को लेकर असहज महसूस कर रहे हैं और इसी वजह से बैठक से दूरी बना सकते हैं.
अखिलेश यादव के बयान, ‘प्रभु जब बुलाते हैं तब जाता है इंसान’, पर प्रतिक्रिया देते हुए बंसल ने कहा कि धर्म के अनुरूप आचरण करने वाला व्यक्ति प्रतिदिन मंदिर जाता है. लेकिन, जिनका आचरण धर्मयुक्त नहीं है, वे मंदिर न जाने के लिए कोई भी बहाना बना सकते हैं.
वहीं, अखिलेश यादव की ओर से उत्तर प्रदेश में मदरसों और मस्जिदों से जुड़ी समस्याओं के समाधान, मदरसा शिक्षकों का वेतन बहाल करने और बकाया भुगतान के वादे पर बंसल ने कहा कि अखिलेश को पता है कि उनकी Government नहीं बनने वाली है, इसलिए वे ऐसे वादे कर रहे हैं. जनता इन वादों पर विश्वास नहीं करेगी और प्रदेश में फिर योगी आदित्यनाथ की Government बनेगी.
भाजपा नेताओं को महंगे उपहार, खासकर सोने-चांदी के मुकुट स्वीकार न करने और सार्वजनिक जीवन में शुचिता बनाए रखने की पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन की अपील पर बंसल ने सहमति जताई. उन्होंने कहा कि यह राजनीति को शुद्ध करने और Political व्यक्तियों के आचरण में मर्यादा बनाए रखने का मार्गदर्शक सिद्धांत है. सभी नेताओं को राष्ट्रीय अध्यक्ष की अपील का पालन करना चाहिए.
बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह के इस्तीफे के बाद नए सभापति का पद जेडीयू को मिलने की संभावना पर नरेश बंसल ने कहा कि गठबंधन Government में पदों का फैसला वहां के Political समीकरणों के अनुसार होगा. उन्होंने कहा कि नए सभापति का निर्वाचन सर्वसम्मति से किया जाएगा.
मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर Supreme Court द्वारा तत्काल सुनवाई से इनकार करने और 5 अक्टूबर की तारीख तय किए जाने पर बंसल ने कहा कि अदालत के फैसले पर टिप्पणी नहीं की जा सकती. Supreme Court ने जो उचित समझा, वही निर्णय लिया है. उन्होंने यह भी कहा कि तत्काल सुनवाई न करने का अर्थ यह हो सकता है कि अदालत को याचिका में तत्काल सुनवाई की जरूरत नहीं लगी.
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में एसआईआर के मुद्दे को आगे बढ़ाने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ रणनीति बनाने की खबरों पर बंसल ने कांग्रेस की आलोचना की. उन्होंने कहा कि कांग्रेस राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष की प्रभावी भूमिका नहीं निभा रही है और उसके आचरण के कारण जनता के बीच उसकी विश्वसनीयता कम हुई है.
एसआईआर के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन को लेकर बंसल ने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव में जीत मिलने पर ईवीएम और निर्वाचन आयोग को सही मानती है, जबकि हारने पर उन पर सवाल उठाती है. बंसल ने Supreme Court के फैसलों, सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कांग्रेस की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी कई संवैधानिक संस्थाओं और राष्ट्रीय मुद्दों पर विरोध का रुख अपनाती है. उन्होंने कांग्रेस के रवैये को लेकर कड़ी टिप्पणी भी की.
उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के दौरान शाहीन मस्जिद का तीन फीट हिस्सा हटाए जाने और इस संबंध में अदालत की मंजूरी के मुद्दे पर नरेश बंसल ने कहा कि महाकाल लोक के लिए सड़क चौड़ीकरण के काम में मस्जिदों के साथ मंदिरों के हिस्से भी हटाए जा रहे हैं. इस प्रक्रिया में मस्जिदों की तुलना में अधिक मंदिर प्रभावित हुए हैं. उन्होंने कहा कि कुंभ जैसे बड़े आयोजन के दौरान किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए जरूरत के मुताबिक सड़क चौड़ी करना आवश्यक है. साथ ही, बंसल ने दावा किया कि मंदिरों से जुड़े लोगों ने इस पर आपत्ति नहीं जताई और Chief Minister ने भी सड़क चौड़ीकरण के लिए अपना पुश्तैनी घर खुद हटवाया. उन्होंने आरोप लगाया कि उज्जैन में मस्जिद के कुछ हिस्सों को हटाने के संबंध में प्रशासन और मस्जिद प्रबंधन के बीच सहमति बनी थी, लेकिन कुछ लोगों ने अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया.
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पीएसके