अमेरिका ने पाकिस्तानी कंपनियों पर लगाया प्रतिबंध, ईरान से कथित संबंधों का आरोप

New Delhi, 1 अक्टूबर . अमेरिका ने विभिन्न देशों के 10 लोगों और कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं. इन पर ईरान के रक्षा मंत्रालय और सशस्त्र बल लॉजिस्टिक्स (एमओडीएएफएल) के लिए हथियार और सैन्य उपकरण खरीदने में मदद करने का आरोप है. एक रिपोर्ट के मुताबिक इनमें Pakistanी कंपनियों का भी जिक्र है.

‘द मीडिया लाइन’ ने अपने विश्लेषण के आधार पर दावा किया कि जिन लोगों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, उनमें एक Pakistanी व्यवसायी और उससे जुड़ी तीन कंपनियां शामिल हैं.

इसके अलावा, यह व्यवसायी Pakistan स्थित ‘कैवेलियर ग्रुप’ का चेयरमैन है. ये एक प्राइवेट डिफेंस कंपनी है जो Pakistan और अन्य देशों में काम करती है.

अमेरिका का आरोप है कि इस व्यक्ति और कंपनी ने ईरानी रक्षा मंत्रालय के लिए बिचौलिए का काम किया और हथियारों की खरीद-फरोख्त में मदद की.

रिपोर्ट के अनुसार, यह व्यवसायी Pakistan में ‘कैवेलियर डायनामिक्स प्राइवेट लिमिटेड’ का मुख्य शेयरधारक और चीफ एग्जीक्यूटिव है. वह सऊदी अरब और तुर्की की उन सहयोगी कंपनियों से भी जुड़ा है जिन पर प्रतिबंध लगाए गए हैं.

दावा किया गया है कि सऊदी अरब स्थित ‘कैवेलियर डायनामिक्स फॉर टेक्नोलॉजीज’ के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई में सऊदी ने मदद की.

अमेरिका का आरोप है कि व्यवसायी ने एमओडीएएफएल को वित्तीय, सामग्री और तकनीकी सहायता मुहैया कराई या किसी तरह पहुंचाने की कोशिश की. एमओडीएएफएल ईरान के सशस्त्र बलों के लिए हथियारों के रिसर्च, उत्पादन और खरीद का काम देखता है.

अमेरिकी Government ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन प्रोग्राम में शामिल संगठनों पर भी नजर रखती है.

इसके अलावा, अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि वाशिंगटन उन लोगों और संस्थाओं को निशाना बनाना जारी रखेगा जो ईरान को मदद पहुंचाते हैं. यह ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ के तहत किया जाएगा, जिसे अगस्त में ईरानी Government के आर्थिक नेटवर्क को बाधित करने के लिए शुरू किया गया था.

रिपोर्ट के अनुसार, ट्रेजरी ने कहा कि इस पहल का मकसद उन आय के स्रोतों को रोकना है जिनका इस्तेमाल ईरान प्रतिबंधों से बचने, उग्रवादी गतिविधियों को फंड करने और अपने रक्षा कार्यक्रमों को जारी रखने के लिए करता है.

इसमें यह भी कहा गया कि ईरान की ओर से प्रतिबंधों से बचने या मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल संस्थाओं को अमेरिकी वित्तीय प्रणाली से बाहर किए जाने और उन पर सेकेंडरी प्रतिबंध लगने का खतरा है.

वहीं, कैवेलियर ग्रुप खुद को Pakistan की एक प्रमुख प्राइवेट सेक्टर डिफेंस कंपनी बताता है.

रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने अमेरिकी आरोपों पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

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केआर/

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