
New Delhi, 9 सितंबर . Government ने Wednesday को बताया कि राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) ने उपभोक्ता शिकायतों के त्वरित समाधान के माध्यम से पिछले 15 महीनों में उपभोक्ताओं को 105 करोड़ रुपए से अधिक की राशि वापस दिलाने में मदद की है. उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार, 25 अप्रैल 2025 से 31 जुलाई 2026 के बीच एनसीएच ने 1,66,189 रिफंड संबंधी शिकायतों का समाधान कराया, जिससे विभिन्न क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिली.
एक आधिकारिक बयान में मंत्रालय ने कहा कि सबसे अधिक शिकायतें ई-कॉमर्स क्षेत्र से प्राप्त हुईं. इस अवधि में ई-कॉमर्स से जुड़ी 1,00,466 शिकायतों का निपटारा किया गया, जिसके परिणामस्वरूप उपभोक्ताओं को 74 करोड़ रुपए से अधिक की राशि वापस मिली. इसके बाद यात्रा और पर्यटन क्षेत्र दूसरे स्थान पर रहा, जहां उपभोक्ताओं को 10 करोड़ रुपए से अधिक का रिफंड दिलाया गया.
उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि उपभोक्ता मामलों के विभाग के अधीन कार्यरत राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन न्यायिक प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही शिकायतों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था उपभोक्ता संरक्षण को मजबूत करने के साथ-साथ लोगों को त्वरित राहत प्रदान कर रही है.
मंत्रालय के अनुसार, एनसीएच एक कन्वर्जेंस-आधारित तंत्र के माध्यम से काम करता है, जिसके तहत उपभोक्ताओं द्वारा दर्ज शिकायतों को संबंधित कंपनियों तक डिजिटल माध्यम से पहुंचाया जाता है. निर्धारित समयसीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित करने के लिए शिकायतों की निरंतर निगरानी की जाती है और उपभोक्ताओं से फीडबैक भी लिया जाता है.
Government ने बताया कि एनसीएच के पास आने वाली शिकायतें केवल महानगरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि देश के दूरदराज क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में उपभोक्ता इस मंच का उपयोग कर रहे हैं. इससे यह स्पष्ट होता है कि राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन एक प्रभावी अखिल भारतीय उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच के रूप में उभरी है.
मंत्रालय ने कुछ उदाहरण भी साझा किए. Bengaluru में एक उपभोक्ता ने 21 अगस्त 2026 को 47,490 रुपए का मोबाइल फोन ऑर्डर किया था, जिसकी डिलीवरी 22 अगस्त को होनी थी. डिलीवरी की तारीख बार-बार बढ़ने के बाद उपभोक्ता ने एनसीएच से संपर्क किया. हेल्पलाइन के हस्तक्षेप के बाद ई-कॉमर्स कंपनी ने उपभोक्ता को पूरी 47,490 रुपए की राशि वापस कर दी.
इसी प्रकार, आंध्र प्रदेश में एक उपभोक्ता को ऑर्डर किए गए उत्पाद के बजाय अलग उत्पाद प्राप्त हुआ, जो उसके उपकरण के अनुकूल नहीं था. एनसीएच में शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने रिफंड जारी कर दिया.
वहीं, असम के उदलगुड़ी जिले में एक उपभोक्ता ने दोपहिया वाहन की बुकिंग रद्द करने के बाद 5,000 रुपए की बुकिंग राशि वापस न मिलने की शिकायत की थी. 21 मई 2026 को एनसीएच में शिकायत दर्ज होने के बाद हेल्पलाइन के हस्तक्षेप से डीलर ने पूरी राशि उपभोक्ता के खाते में वापस जमा कर दी.
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डीबीपी