राम मंदिर के नए सीईओ की नियुक्ति पर सियासत तेज, विपक्ष ने जताई उम्मीद तो वक्फ बोर्ड ने की सराहना

New Delhi, 3 सितंबर . श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को नया सीईओ नियुक्त किए जाने पर सियासी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. सपा नेता एसटी हसन ने सेना से जुड़े होने पर उनकी ईमानदारी पर भरोसा जताते हुए पारदर्शिता की उम्मीद की, तो वहीं झामुमो सांसद महुआ माजी ने पिछली गड़बड़ियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की, जबकि वक्फ बोर्ड के चेयरमैन और भाजपा ने इसे पीएम मोदी का स्वागत योग्य और अनुशासित फैसला बताया.

राम मंदिर के नए सीईओ जितेंद्र मिश्रा को लेकर Samajwadi Party के नेता एसटी हसन ने कहा, “वो भारतीय सेना में थे. सेना के ज्यादातर लोग ईमानदार होते हैं. हमें उम्मीद है कि वो ईमानदारी से काम करेंगे. हालांकि, उनपर Governmentी दबाव भी आ सकता है, ये आगे चलकर वक्त ही बताएगा. भगवान रामचंद्र का सम्मान हम भी करते हैं. भाजपा को अपने आदमी नहीं लाने चाहिए. उन्हें पारदर्शी और ईमानदार लोग लाने चाहिए. वक्त के साथ पता चलेगा कि इसमें क्या हकीकत है. अगर वह ईमानदारी और पारदर्शिता से काम करते हैं तो हमें कोई दिक्कत नहीं है.”

यूपी चुनाव को लेकर उन्होंने कहा, “उनका इरादा क्या है? क्या वे किसी भाजपा नेता को Chief Minister बनाना चाहते हैं? अगर गठबंधन नहीं हुआ, तो भाजपा के सत्ता में आने की पूरी संभावना है. उन्हें यह भी सोचना चाहिए कि वे अप्रत्यक्ष रूप से किसे समर्थन कर रहे हैं. उन्हें खुद से और अपनी अंतरात्मा से पूछना चाहिए. जिस तरह से Samajwadi Party और कांग्रेस मिलकर आगे बढ़ रही हैं, और जिस तरह से उन्होंने 2024 के चुनाव में भाजपा को टक्कर दी, हमें पूरा भरोसा है कि आने वाले चुनाव में भाजपा फिर से हारेगी और हमारे नेता अखिलेश यादव राज्य के Chief Minister बनने के सबसे मजबूत दावेदार होंगे.”

सपा नेता ने कहा कि न तो एसटी हसन, न ही इमरान मसूद, और न ही राजेंद्र पाल गौतम, को यह तय करने का अधिकार है कि कितनी सीटों पर चुनाव लड़ा जाएगा. यह हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष (अखिलेश यादव), शिवपाल यादव और आजम खान के साथ-साथ कांग्रेस से राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता तय करेंगे. गठबंधन निश्चित रूप से होने वाला है. मैं अपने नेताओं की सोच जानता हूं, लेकिन हमें ऐसे बयान नहीं देने चाहिए जिससे गठबंधन के अंदर कड़वाहट पैदा हो.

राम मंदिर के नए सीईओ को लेकर झामुमो राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने कहा कि नियुक्ति हुई ये अच्छी बात है. नए सीईओ पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है कि जो भी गड़बड़ियां अब तक राम मंदिर में होती रही हैं, उस पर कड़ी नजर रखी जाए. जिन लोगों ने इसमें गड़बड़ी की है, उसमें छोटी मछलियों को तो पकड़ा गया है, बड़ी मछली अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं. राम मंदिर सभी हिंदुओं के लिए आस्था का केंद्र है. अयोध्या राम जी की जन्मभूमि है. इस वजह से भगवान राम हमेशा से पूज्यनीय हैं. जैसे बनारस में भगवान शिव के लिए लोग आते हैं, वैसे ही अयोध्या में भगवान राम के लिए आते हैं.

उन्होंने आगे कहा कि ये देश के लिए बहुत ही शर्मनाक है. हम चाहेंगे कि जो भी आए, वो कड़ी नजर रखे और जो भी इस मामले में दोषी है, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.

वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज ने इस संबंध में कहा कि ये स्वागत योग्य कदम है और देश के Prime Minister की सोच को सलाम करते हैं. एक शानदार शख्स को ये जिम्मेदारी दी गई है. देश की सुरक्षा और ऑपरेशन सिंदूर जैसे सैन्य अभियान में वो सफल हुए हैं. राम मंदिर में कुछ लोगों के द्वारा जो गड़बड़ी की गई थी, उस पर भी अंकुश लगेगा. उन्हें बहुत-बहुत बधाई देता हूं कि उनके नेतृत्व में पारदर्शिता आएगी और जो भ्रष्टाचार किया जा रहा था, वो खत्म होगा. कुछ लोगों के खिलवाड़ के कारण राम मंदिर को शंका के दायरे में ला दिया गया था, वो अब नहीं रहेंगे.

भाजपा नेता स्मिता अग्रवाल ने कहा कि अगर राम मंदिर पर कोई विवाद होता है और एक रिटायर्ड एयर मार्शल को अपॉइंट किया जाता है, तो खुश होना चाहिए और उम्मीद करनी चाहिए कि ऐसा अनुशासित, मॉडर्न और डिटेल-ओरिएंटेड व्यक्ति सभी मामलों को देखकर पूरी क्लैरिटी लाएगा. अगर एक रिटायर्ड एयर मार्शल पर बिना किसी शक के देश की एयरलाइंस को हेड करने या नेशनल सेफ्टी की देखरेख करने के लिए भरोसा किया जा सकता है, तो शक करने की कोई वजह नहीं होनी चाहिए.

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा, ”यह प्रेजेंटेशन की बात नहीं है, यह लोगों के भरोसे की बात है. आज की तारीख में India के लोगों को हमारी सेना पर, हमारी सेना के अफसरों पर जितना भरोसा है, उतना किसी और को नहीं है. यह क्रेडिबिलिटी की बात है. इस देश के लोग सेना की क्रेडिबिलिटी की कसम खाते हैं. इसलिए यह बिल्कुल सही है कि राम मंदिर के एडमिनिस्ट्रेशन की जिम्मेदारी एक रिटायर्ड एयर चीफ मार्शल जैसे व्यक्ति को दी गई है.”

एनसीपी (शरद पवार गुट) के प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने कहा, “यह Government का हक है, वे किसे नियुक्त या नॉमिनेट करना चाहते हैं. लेकिन मुझे उम्मीद है कि वे एयर मार्शल रह चुके हैं और देश की रक्षा क्षेत्र में बहुत ऊंचे पदों पर रहे हैं, इसलिए कम से कम राम भक्तों द्वारा राम मंदिर के लिए दिए गए डोनेशन या चढ़ावे की चोरी अब नहीं होगी. इस पर ज्यादा विवाद की जरूरत नहीं है. किसी न किसी को तो यह जिम्मेदारी लेनी ही थी. अगर कोई रिटायर्ड एयर चीफ मार्शल यह जिम्मेदारी लेता है, तो मुझे लगता है कि Government का यह फैसला अच्छा है.”

कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा कि मैं इस नियुक्ति पर, या उस पद के लिए व्यक्ति की काबिलियत या योग्यता पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा. हालांकि, मैं एक बात जरूर कहना चाहूंगा कि यह ट्रस्ट एक खास संगठन का है. भगवान राम सबके हैं. भगवान राम का हर जगह मौजूद स्वभाव इस ट्रस्ट में नहीं दिखता.

जदयू नेता अशोक चौधरी ने कहा कि जितेंद्र मिश्रा वायुसेना के अधिकारी रहे. उन्होंने सीमा पर आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन का नेतृत्व किया है. वैसे पदाधिकारी की नियुक्ति होने से राम मंदिर प्रबंधन के कार्यक्रमों में हमारा भरोसा बढ़ा है.

केके/डीकेपी

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