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Thursday, 5 November 2026
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रामायण’ में कैकेयी बनकर इमोशनल हुईं लारा दत्ता, पिता को किया याद, बोलीं- काश वो यहां होते

रामायण’ में कैकेयी बनकर इमोशनल हुईं लारा दत्ता, पिता को किया याद, बोलीं काश वो यहां होते

रामायण’ में कैकेयी बनकर इमोशनल हुईं लारा दत्ता, पिता को किया याद, बोलीं- काश वो यहां होते

Mumbai , 5 नवंबर . महाकाव्य ‘रामायण’ Thursday को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. फिल्म में Actress लारा दत्ता माता कैकेयी के रोल में नजर आ रही हैं. Actress का कहना है कि इस मौके पर अगर उनके पिता जी होते तो उन पर गर्व करते.

लारा दत्ता ने इंस्टाग्राम पर अपनी कुछ तस्वीर पोस्ट की, जिसमें वह कैकेयी के रोल में नजर आ रही हैं. उन्होंने लिखा, “जो कई साल पहले एक दिली इच्छा के तौर पर शुरू हुआ था. किसी ऐसे प्रोजेक्ट का हिस्सा बनना, जो अपने आप में ऐतिहासिक है. कुछ ऐसा जो वक्त से भी आगे निकल जाए और हमारी जिंदगी का ही हिस्सा हो. आज, वो इच्छा एक ऐसी कहानी में जगह बना रही है, जो अनंत काल से टाइमलेस है.”

Actress ने आगे माता कैकेयी का रोल निभाने की जिम्मेदारी पर बात करते हुए लिखा, “माता कैकेयी का रोल निभाना मेरे लिए सौभाग्य की बात है. वह इतिहास की सबसे गलत समझी जाने वाली महिलाओं में से एक रही हैं. उनका गुस्सा, कमजोरी, अपराधबोध और पछतावा पर्दे पर जीवंत करने की जिम्मेदारी मिलना बहुत बड़ी बात है.”

उन्होंने लिखा, “मैं दिल से आभारी हूं. आज यह दिव्य कहानी आप सभी तक पहुंच रही है और मुझे उम्मीद है कि मैंने अपने अभिनय से मैं माता कैकेयी के साथ न्याय कर पाई होंगी. आप इस कहानी को सदियों की धारणाओं से आगे बढ़कर देखें और दिव्य भविष्यवाणी को पूरा करने में माता कैकेयी के अहम रोल को अपनाएंगे.”

लारा दत्ता ने उन पर भरोसा करने के लिए प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा और डायरेक्टर नितेश तिवारी को भी धन्यवाद दिया. अपने को-स्टार्स और क्रू मेंबर्स के प्रति आभार जताते हुए उन्होंने इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनना एक सौभाग्य बताया. अपने नोट के आखिर में एक्ट्रेस ने अपने पिता को याद करते हुए एक इमोशनल मैसेज शेयर किया. उन्होंने लिखा, “आज मुझे अपने पिता की बहुत याद आ रही है और काश वो यहां मेरे साथ इसे देखने के लिए होते.”

अपने नोट को खत्म करते हुए लारा ने इस महाकाव्य के इमोशनल महत्व पर बात की. उन्होंने लिखा, “कुछ कहानियां सिर्फ सुनाई नहीं जातीं. उन्हें जिया जाता है, महसूस किया जाता है और अपने अंदर संभाल कर रखा जाता है. यह ऐसी ही एक कहानी है. जय श्री राम.”

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एनएस/वीसी

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