
हैदराबाद, 30 सितंबर . भारतीय निर्वाचन आयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन की Wednesday को अहम बैठक होने जा रही है. इस बैठक से पहले तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष रामचंद्र राव ने इंडिया गठबंधन पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के मुद्दे पर विपक्षी गठबंधन पूरी प्रक्रिया को लेकर देश की जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है. जिन राज्यों में इंडिया गठबंधन की Government है, वहां एसआईआर का मुद्दा नहीं उठाया जा रहा लेकिन जहां भाजपा की Government बनी है वहां इसे जबरदस्ती मुद्दा बनाया जा रहा है.
तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि इंडिया गठबंधन को यह भी समझना चाहिए कि उसके नेता खुद 2018 से ही India Government और चुनाव आयोग से एसआईआर कराने की मांग करते आ रहे हैं. उन्होंने लगातार फर्जी और मृत मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाने की मांग की थी.
रामचंद्र ने कहा, “कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी, पूर्व टीएमसी सांसद जवाहर Government, कांग्रेस नेता सचिन पायलट और रमेश चेन्निथला जैसे कांग्रेस के बड़े नेता जो अहम पदों पर रहे हैं, उन्होंने खुद डुप्लीकेट, दोहरी एंट्री वाले और मृत मतदाताओं के नाम बड़ी संख्या में हटाने की बात कही थी. आज अचानक कांग्रेस पार्टी इसे मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है जबकि वोटों को हटाने का काम बीएलओ की रिपोर्ट के आधार पर हो रहा है.”
उन्होंने केरल का उदाहरण देते हुए कहा कि केरल Government के मंत्री रहे रमेश चेन्निथला ने खुद कहा था कि वे एसआईआर की वजह से चुनाव जीते, नहीं तो बहुत सारे फर्जी वोट पड़े होते. यह बयान खुद एक कांग्रेस नेता का है.
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की यह पुरानी आदत रही है कि जब वह चुनाव हारती है तो वह एसआईआर, ईवीएम या चुनाव आयोग पर दोष मढ़ देती है लेकिन जब वह जीतती है तो इस पर कुछ नहीं बोलती. उन्होंने सवाल उठाया, “कांग्रेस केरल में एसआईआर प्रक्रिया के बारे में क्यों नहीं बोल रही है? जहां वे चुनाव जीतते हैं, वहां एसआईआर और ईवीएम पर सवाल क्यों नहीं उठाते?”
रामचंद्र ने कहा कि यह और कुछ नहीं बल्कि कांग्रेस की लोगों को गुमराह करने की कोशिश है. विपक्ष ऐसा व्यवहार कर रहा है जिससे लोगों का संवैधानिक संस्थाओं पर से भरोसा उठ जाए. उन्होंने कहा कि बीजेपी इसका मुंहतोड़ जवाब देगी.
उन्होंने कहा, “हम संवैधानिक संस्थाओं के साथ खड़े हैं. संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान किया जाना चाहिए और उन पर भरोसा कायम रहना चाहिए. इंडिया गठबंधन ठीक इसके उलट काम कर रहा है. वे चाहते हैं कि लोग संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा करना बंद कर दें, ताकि देश में अराजकता फैले.”
वहीं, इस दौरान एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस दावे पर भी उन्होंने पलटवार किया, जिसमें ओवैसी ने कहा था कि भाजपा के शासन में मुस्लिम नेतृत्व नहीं पनप रहा है. रामचंद्र ने कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है. भाजपा हमेशा ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास’ के मंत्र में विश्वास रखती है.
उन्होंने कहा, “हमने कभी भी विकास के कामों या Political नेताओं के रवैये को हिंदू-मुस्लिम या किसी धार्मिक आधार पर नहीं देखा है. भाजपा के साथ मुस्लिम नेता भी हैं और पार्टी सभी धर्मगुरुओं का सम्मान करती है.”
रामचंद्र ने आरोप लगाया कि देश को बांटने का काम कांग्रेस धार्मिक आधार पर कर रही है और असदुद्दीन ओवैसी भी उसी आधार पर देश को बांटने की कोशिश कर रहे हैं. वे लोगों से कहते हैं कि भाजपा की वजह से मुसलमानों का नेतृत्व आगे नहीं बढ़ पा रहा है, जो कि पूरी तरह से गलत है.
उन्होंने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी को नेतृत्व की नहीं बल्कि मुसलमानों के विकास की बात करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि आज अल्पसंख्यक कल्याण विभाग और मंत्रालय है, जिसे पूर्व Prime Minister अटल बिहारी वाजपेयी ने बनाया था. अल्पसंख्यकों के विकास के लिए भारी रकम आवंटित की जा रही है और India Government की योजनाओं के तहत अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए कई काम किए जा रहे हैं.
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पीआईएम/पीएम