Skip to content
Saturday, 24 October 2026
Hindi Daily Kiran India, Rajasthan, business, sports, tech और अन्य श्रेणियों की ताज़ा हिन्दी ख़बरें।
BREAKING
राष्ट्रीय

रानी चेन्नम्मा की जयंती पर कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे और कर्नाटक सीएम शिवकुमार ने किया नमन

रानी चेन्नम्मा की जयंती पर कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे और कर्नाटक सीएम शिवकुमार ने किया नमन

New Delhi, 23 अक्टूबर . कर्नाटक की ऐतिहासिक कित्तूर रियासत की रानी चेन्नम्मा की जयंती पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कर्नाटक के Chief Minister डी.के. शिवकुमार की सहित कई नेताओं की ओर से उनको नमन किया गया है.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “अद्वितीय देशभक्त, साहसी महिला और अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने वाली पहली स्वतंत्रता सेनानी, कित्तूर रानी चेन्नम्मा की जयंती के अवसर पर, मैं उन्हें सादर नमन करता हूं.”

कर्नाटक के Chief Minister डी.के. शिवकुमार ने social media पर लिखा, “कन्नड़ पहचान की प्रतीक कित्तूर चेन्नम्मा ने दुनिया को यह संदेश दिया कि महिला कमजोर नहीं, बल्कि सशक्त होती है. अंग्रेजों के अत्याचार के खिलाफ तलवार उठाने का गौरव कर्नाटक की गौरवशाली बेटी, कित्तूर रानी चेन्नम्मा को जाता है. अंग्रेजों के अन्यायपूर्ण कानूनों के सामने अडिग रहना और अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की बाजी लगा देना, इस वीर माता का साहस और बलिदान सभी कन्नड़ भाषियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा. कित्तूर रानी चेन्नम्मा जयंती के अवसर पर, इस भूमि के समस्त निवासियों को हार्दिक बधाई.”

कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने एक्स पोस्ट में लिखा, “कित्तूर की वीर रानी चेन्नम्मा की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन. उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ सशस्त्र क्रांति का बिगुल फूंका था, मातृभूमि के सम्मान के लिए युद्ध के मैदान में वीरतापूर्वक लड़ीं और अदम्य साहस का परिचय दिया. कर्नाटक की धरती पर जन्मीं रानी चेन्नमा, जो देशभक्ति, साहस और नारी शक्ति की अद्वितीय प्रतीक हैं, उनके शौर्य, बलिदान और शहादत की गाथा हर भारतीय के मन में राष्ट्रप्रेम की लौ को निरंतर प्रज्वलित रखती है.”

कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने social media पोस्ट में लिखा, “कित्तूर चेन्नम्मा, एक बहादुर रानी जिन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी और जो कन्नड़ भूमि की एक वीरांगना थीं. उनकी वीरता को हमेशा याद रखा जाएगा. कित्तूर रानी चेन्नम्मा की जयंती पर हार्दिक शुभकामनाएं.”

बता दें कि रानी चेन्नम्मा ने सन् 1824 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के अन्यायी शासन और ‘हड़प नीति’ के विरुद्ध पहली बार सशस्त्र क्रांति का बिगुल फूंका था. उनका अद्वितीय पराक्रम, अटूट स्वाभिमान और सर्वोच्च बलिदान आज भी लोगों के लिए प्रेरणा है.

–

एसडी/एएस

Share