
jaipur, 26 अगस्त . ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने Rajasthan में होने वाले 2026 के निकाय चुनावों के लिए पार्टी का चुनाव चिह्न आवंटित नहीं किए जाने के खिलाफ Rajasthan हाईकोर्ट का रुख किया है.
एआईएमआईएम के Rajasthan प्रदेश अध्यक्ष जमील खान ने Rajasthan राज्य निर्वाचन आयोग के खिलाफ रिट याचिका दायर कर आगामी नगर निकाय चुनावों में पार्टी को उसका निर्धारित चुनाव चिह्न ‘पतंग’ आवंटित करने की मांग की है.
मामले पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष विस्तृत सुनवाई हुई. सुनवाई के बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाने के लिए 31 अगस्त 2026 की तारीख तय की है.
एआईएमआईएम की ओर से पेश वकीलों ने दलील दी कि लोकतांत्रिक और संवैधानिक सिद्धांतों के तहत पार्टी को उसके स्थापित चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ने की अनुमति दी जानी चाहिए.
जमील खान ने कहा कि उन्हें अदालत से सकारात्मक फैसला मिलने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि ऐसे ही मामलों में Supreme Court के पहले के फैसले एआईएमआईएम के पक्ष को मजबूत करते हैं.
इस मुद्दे ने Rajasthan की दो प्रमुख Political पार्टियों, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के साथ Political टकराव भी पैदा कर दिया है.
जमील खान ने आरोप लगाया कि दोनों पार्टियां राज्य में एक मजबूत तीसरे Political विकल्प के उभरने के खिलाफ हैं.
उन्होंने कहा, “न तो भाजपा और न ही कांग्रेस चाहती है कि Rajasthan में कोई मजबूत तीसरा मोर्चा उभरे, लेकिन जनता की आवाज और बदलाव की इच्छा को प्रशासनिक या Political तरीकों से दबाया नहीं जा सकता.”
31 अगस्त को आने वाला Rajasthan हाईकोर्ट का फैसला एआईएमआईएम की निकाय चुनाव तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
यदि अदालत का फैसला पार्टी के पक्ष में आता है तो चुनावी नियमों के तहत एआईएमआईएम अपने आधिकारिक बैनर और चुनाव चिह्न के साथ चुनाव लड़ सकेगी. वहीं, यदि फैसला प्रतिकूल आता है तो पार्टी आगे कानूनी विकल्पों पर विचार कर सकती है.
पार्टी ने दोहराया है कि वह Rajasthan में खुद को एक Political विकल्प के रूप में स्थापित करने और आगामी निकाय चुनावों में सक्रिय रूप से भाग लेने के प्रयास जारी रखेगी.
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एएमटी/डीकेपी