रांची में चेन स्नैचिंग गिरोह के साथ पुलिस की मुठभेड़, सरगना को पैर में लगी गोली, तीन गिरफ्तार

रांची, 4 अक्टूबर . रांची और आसपास के इलाकों में महिलाओं और बुजुर्गों को निशाना बनाकर चेन स्नैचिंग करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ रांची Police ने Sunday को बड़ी कार्रवाई की. ओरमांझी थाना क्षेत्र के चुट्टू गांव के पास रांची-रामगढ़ मुख्य मार्ग पर Police और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई. Police की जवाबी कार्रवाई में गिरोह का मुख्य सदस्य रंगीला पैर में गोली लगने से घायल हो गया. Police ने उसके दो कथित साथियों अमन यादव और कार्तिक यादव को भी गिरफ्तार किया है.

Police के अनुसार, रांची के लालपुर, बरियातू, डोरंडा समेत कई थाना क्षेत्रों में लगातार हो रही चेन छिनतई की घटनाओं की जांच के दौरान इस गिरोह के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली थी. वरिष्ठ Police अधिकारियों के निर्देश पर गठित विशेष टीम को Sunday को सूचना मिली कि गिरोह के कुछ सदस्य ओरमांझी के चुट्टू इलाके में किसी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में हैं. इसके बाद Police टीम ने इलाके में घेराबंदी कर संदिग्धों की तलाश शुरू की.

Police का दावा है कि घेराबंदी के दौरान अपराधियों ने भागने की कोशिश की. Police ने गिरोह के कथित मुख्य सदस्य रंगीला को पकड़ लिया. इसी दौरान उसने एक Policeकर्मी की सर्विस पिस्तौल छीन ली और भागते हुए Police टीम पर दो से तीन राउंड फायरिंग की. Police ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक गोली उसके पैर में लगी. घायल रंगीला को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया. मुठभेड़ के दौरान मौके से भागने की कोशिश कर रहे अमन यादव और कार्तिक यादव को भी Police ने पीछा कर पकड़ लिया.

Police ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से 10 से अधिक सोने की चेन बरामद की. प्रारंभिक पूछताछ में Police को जानकारी मिली है कि आरोपी बिहार के कटिहार जिले के कुख्यात ‘कोढ़ा गैंग’ से जुड़े हैं. Police के अनुसार, यह गिरोह Jharkhand और बिहार में चेन छिनतई और लूट की कई घटनाओं में शामिल रहा है. गिरोह के सदस्यों पर रांची के अलावा धनबाद, हजारीबाग और रामगढ़ समेत विभिन्न इलाकों में वारदात करने का संदेह है. हाल में रांची के बरियातू क्षेत्र में हुई चेन छिनतई की घटना में भी इनके शामिल होने की जांच की जा रही है.

Police के अनुसार, रंगीला के खिलाफ Jharkhand और बिहार के अलग-अलग थानों में 18 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं. Police अब उसके आपराधिक रिकॉर्ड और पूर्व की घटनाओं का सत्यापन कर रही है. पूछताछ में गिरोह के काम करने के तरीके को लेकर भी जानकारी सामने आई है.

Police के मुताबिक, गिरोह के सदस्य पहले भीड़भाड़ वाले या अपेक्षाकृत शांत इलाकों में रेकी करते थे. वे खास तौर पर अकेले चल रही महिलाओं और बुजुर्गों को निशाना बनाते थे. मौका मिलते ही बाइक से उनके करीब पहुंचकर कुछ ही सेकंड में गले से सोने की चेन झपट लेते और तेज गति से फरार हो जाते थे. Police अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह के सदस्य लूटी गई चेन कहां बेचते थे और इनके साथ इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े हैं.

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एसएनसी/डीकेपी

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