
रांची, 27 अगस्त . Jharkhand में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने Thursday को रांची और धनबाद में एक साथ छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान सीआईएसएफ के तीन अधिकारियों को 48 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया.
गिरफ्तार अधिकारियों में एक सीनियर अकाउंट ऑफिसर और दो असिस्टेंट अकाउंट ऑफिसर शामिल हैं. सीबीआई सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सीनियर अकाउंट ऑफिसर संतोष कुमार महतो तथा असिस्टेंट अकाउंट ऑफिसर सुनील कुमार और सुजीत कुमार के रूप में हुई है. तीनों पर एक बिल के भुगतान और उससे जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है.
सीबीआई को इस संबंध में शिकायत मिली थी. शिकायत के सत्यापन के बाद एजेंसी ने आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया. तय योजना के तहत रिश्वत की रकम का लेन-देन कराया गया और जैसे ही आरोपियों ने 48 हजार रुपये स्वीकार किए, सीबीआई की टीम ने उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया.
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की अलग-अलग टीमों ने आरोपियों से जुड़े रांची और धनबाद स्थित कुल पांच आवासीय और आधिकारिक ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया. यह कार्रवाई देर शाम तक जारी रही. सूत्रों के अनुसार, तलाशी के दौरान जांच एजेंसी को कई दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन से जुड़े कागजात मिले हैं. कुछ नकदी भी बरामद किए जाने की बात सामने आई है. हालांकि, बरामद सामग्री का पूरा ब्योरा और उसकी कुल कीमत जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी.
सीबीआई अधिकारियों ने बरामद दस्तावेजों और अन्य सामग्री की जांच शुरू कर दी है. एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि गिरफ्तार अधिकारियों ने सिर्फ इसी मामले में रिश्वत मांगी थी या लंबे समय से इस तरह की अवैध गतिविधियों में शामिल थे. साथ ही उनके बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच किए जाने की संभावना है.
जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि बिलों के भुगतान और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में रिश्वतखोरी का कोई संगठित तरीका तो नहीं अपनाया जा रहा था. सीबीआई इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि गिरफ्तार अधिकारियों के संपर्क में विभाग के अन्य अधिकारी या कर्मचारी तो नहीं थे. तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. सीबीआई की कार्रवाई के बाद संबंधित विभाग में भी हड़कंप की स्थिति है.
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एसएनसी/डीएससी