
New Delhi, 11 अक्टूबर . जेएनयू की 11 छात्राओं के यौन शोषण के गंभीर मामले में कांग्रेस सांसद प्रो. अंगोमचा बिमोल अकोइजाम को विश्वविद्यालय द्वारा बर्खास्त किए जाने के बावजूद राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी के द्वारा उन्हें बचाए जाने के खिलाफ Monday को भारतीय जनता पार्टी ‘नारी शक्ति हुंकार आंदोलन’ करने जा रही है.
यौन शोषण के आरोपी सांसद को राहुल गांधी द्वारा दिए जा रहे इस सीधे Political संरक्षण के विरोध में 12 अक्टूबर को सुबह 11 बजे दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थित ‘आंध्र एजुकेशन सोसाइटी स्कूल’ से कांग्रेस मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ तक एक विशाल विरोध मार्च निकाला जाएगा, जिसके उपरांत इंदिरा भवन के सामने विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.
भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रूप कुमारी चौधरी एवं महिला मोर्चा प्रभारी दग्गुबाती पुरंदेश्वरी के नेतृत्व में पार्टी की महिला सांसद, विधायक, पार्षद एवं भाजपा दिल्ली प्रदेश महिला मोर्चा की हजारों कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर राहुल गांधी के इस महिला-विरोधी और पाखंडी चरित्र के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज करेंगी.
9 अक्टूबर को जेएनयू की आंतरिक समिति ने ‘नंबर के बदले संबंध’ की पेशकश और उत्पीड़न के आरोपों को सही पाते हुए कांग्रेस सांसद को बर्खास्त कर दिया. इतनी बड़ी कार्रवाई और 11 छात्राओं की चीख-पुकार के बावजूद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे की चुप्पी यह सिद्ध करती है कि पूरी की पूरी कांग्रेस इस कुकृत्य के समर्थन में अपने सांसद के साथ मजबूती से खड़ी है. उन्हें पूरा संरक्षण दे रही है.
राहुल गांधी अपने आप को महिला अधिकारों सवाघोषित चैंपियन दिखाते हैं, स्मैश द पैट्रीआर्की का दिखावा करते हैं, महिला सुरक्षा पर खोखले भाषण देते हैं. प्रियंका गांधी वाड्रा भी चुनाव के लिए ‘लड़की हूं लड़ सकती हूं’ का नारा लगाती हैं, लेकिन जब उनकी अपनी पार्टी का सांसद 11 बेटियों का शोषण करता है तो वे उसके बचाव में सबसे मजबूत ढाल बनकर खड़े हो जाते हैं. ‘स्मैश द पेट्रियार्की’ का राग अलापने वाले राहुल गांधी को क्या इन बेटियों का दर्द नजर नहीं आता?
भाजपा महिला मोर्चा का स्पष्ट आरोप है कि राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व का यह मौन कोई संयोग नहीं है, बल्कि अपराधियों को बचाने का उनका पुराना सिलसिला है. कांग्रेस पार्टी में महिला अपराध एवं महिला अपमान से जुड़े कई मामले पूर्व में भी सामने आए हैं. कई महिला नेताओं ने पूर्व में कांग्रेस पार्टी के अंदर कास्टिंग काउच जैसी घिनौनी गतिविधियों को उजागर किया है. तंदूर कांड से भंवरी देवी और केरल तक, कांग्रेस पहले अपराधियों को बचाती है और कार्रवाई तभी करती है जब घिर जाती है.
2023 में कांग्रेस ने उत्पीड़न और लैंगिक भेदभाव मामले में बीवी श्रीनिवास की शिकायत करने वाली महिला (अंकिता दत्ता) को निकाला, आरोपी को नहीं. 2024 में बाड़मेर से पूर्व कांग्रेस विधायक मेवाराम जैन की नाबालिग बच्चियों के बलात्कार के मामले सामने आया, जब उनके अश्लील वीडियो वायरल हुए, तब कांग्रेस पार्टी ने उन्हें निष्काषित किया, और अभी हाल ही में कांग्रेस ने उन्हें वापस बहाल कर लिया है.
भाजपा इस मार्च के माध्यम से स्पष्ट कर देना चाहती है कि राहुल गांधी द्वारा अपने सांसद को बचाने की यह घिनौनी कोशिश देश की नारी शक्ति कभी बर्दाश्त नहीं करेगी. हमारी मांग स्पष्ट है कि राहुल गांधी आरोपी सांसद को तुरंत कांग्रेस से निष्कासित करें, Lok Sabha से उनका इस्तीफा दिलवाएं और 11 छात्राओं से माफी मांगें.
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डीकेपी/